वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के यूट्यूब चैनल टॉप सीक्रेट ने महज चार महीनों में ही तीन लाख सब्सक्राइबर्स का सफर तय कर लिया है। इतना ही नहीं उनके बनाए धमाकेदार वीडियो और खुलासों को न सिर्फ मेन स्ट्रीम मीडिया ने फॉलो किया बल्कि रसूखदारों के बीच हलचल भी पैदा की। दबावों, फर्जी मुकदमों और सत्ता की साजिशों के बावजूद टॉप सीक्रेट ने सच की राह नहीं छोड़ी। उनके यह सफर कितना संघर्षों से भरा रहा, और क्या मुश्किलें आईं अभिषेक ने बेबाकी और विस्तार से भड़ास को बताया है। आप भी पढ़ें…
ये सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। उस दौर में ये सफर शुरू हुआ जब यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पूरी तरह से निशाने पर ले रखा था। एक साल में दो एफआईआर दर्ज करा दी थीं।
पहली एफआईआर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैय्या पर स्टोरी करने पर दर्ज कराई गई। वो स्टोरी जो कोर्ट के दस्तावेजों पर आधारित थी और जिसे मेरे बाद देश भर की मीडिया ने फॉलो किया और आज तक फॉलो कर रही है। वो स्टोरी जिसे आज तक खुद राजा भैय्या भी झूठा नही ठहरा सके क्योंकि वो उनकी पत्नी द्वारा कोर्ट में दाखिल प्रमाणिक दस्तावेजों पर आधारित थी। मगर उस स्टोरी के बाद पूरी की पूरी स्टेट मशीनरी पीछे पड़ गई।
दूसरी स्टोरी यूपी में ठाकुर राज पर थी। पूरे तथ्यों के साथ। एक भी तथ्य का सरकार खंडन नहीं कर सकी पर एक साल में दूसरी एफआईआर जरूर करा दी। एफआईआर भी ऐसी जिसमें योगी आदित्यनाथ को ईश्वर बताया गया था और मेरे पीछे विदेशी शक्तियों और फॉरेन फंडिग का आरोप लगाया गया था। एक बार फिर योगी सरकार पूरी ताकत से पीछे पड़ी। मजबूरन सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक आदेश दिया जिसका सार ये था कि सरकार की आलोचना करने पर पत्रकार के खिलाफ क्रिमिनल केस नहीं हो सकता। ये पूरे देश की मीडिया में छपा। एक नहीं अनेक पत्रकारों को मेरे बाद इस आदेश से राहत मिली।
इसी के बाद टॉप सीक्रेट शुरू हुआ। ऑफिस यूपी से बाहर लिया गया क्योंकि यूपी में सरकार हाथ पैर धोकर पीछे पड़ी थी। इसके बावजूद हम धारा के खिलाफ खड़े हुए। योगी सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार से लेकर फर्जी एनकाउंटर, जातिवाद, अवैध बुलडोजर, तानाशाही सबका एक-एक करके तथ्यों के साथ खुलासा करना शुरू किया। सरकार चाहकर भी कुछ नहीं कर सकी क्योंकि तथ्य भी हमारे साथ थे और लड़ने का इतिहास भी। हमने टॉप सीक्रेट शुरू करते ही ये तय कर लिया था कि इसे ओपीनियन बेस्ड नहीं बल्कि खबर बेस्ड चैनल बनाएंगे।
ये इसलिए भी था क्योंकि लगभग पूरा का पूरा यू ट्यूब मीडिया ओपीनियन से पटा हुआ है। खबर की जगह सिकुड़ती जा रही है। मेन स्ट्रीम मीडिया पर खबरें वैसे भी खत्म हो चुकी हैं। वहां सिर्फ सरकार की जयजयकार बची है। सो हमने खबरों पर काम करना शुरू किया। हमने टॉप सीक्रेट पर खबरें ब्रेक करनी शुरू कीं। इस दौरान टॉप सीक्रेट की ब्रेक की गई कितनी ही खबरें मेनस्ट्रीम मीडिया की सुर्खियां बनी। टीवी, अखबार और सोशल मीडिया सबमें फॉलो की गईं।
हमने मंगेश यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ब्रेक की जिसमें सामने से गोली लगने और टार्चर का प्रथम दृष्टया संकेत था। देश भर की मीडिया ने इसे फॉलो किया।
हमने योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल के विभाग के भ्रष्टाचार की कहानी ब्रेक की। विधानसभा से लेकर राजनीतिक हलकों तक जमकर हंगामा हुआ।
हमने महाकुंभ की मोनालिसा के डॉयरेक्टर का विवादों से घिरा इतिहास ब्रेक किया। तमाम अखबारों और चैनलों ने फॉलो किया। सोशल मीडिया पर “मोनालिसा को बचाओ” का कैंपेन चला।
हमने महाकुंभ में पांटून पुलों में भ्रष्टाचार की खबर ब्रेक की। महाकुंभ में 144 साल की बात का झूठ पहली बार सामने रखा। यूपी के एडीजी लॉ एंड आर्डर अमिताभ यश से जुड़ी अयोध्या की जमीन और अमिताभ यश का नाम लेकर कब्जे की कोशिश की सिलसिलेवार खबरें ब्रेक कीं।
हमने यूपी के चीफ सेक्रेटरी मनोज सिंह द्वारा शासन और न्याय विभाग की राय के खिलाफ जाकर सैकड़ों करोड़ रुपए माफ करने की खबर ब्रेक की जिस पर जमकर हंगामा हुआ।
हमने चंद्रशेखर आजाद से लेकर बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के ऐसे इंटरव्यू किए जो मीडिया की सुर्खियां बने।
हमने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राधामोहन दास अग्रवाल का वसुंधरा राजे के भविष्य को लेकर पहला इंटरव्यू किया जो दिल्ली से लेकर राजस्थान तक मीडिया की सुर्खियां बना।
ऐसी कई खबरों ने टॉप सीक्रेट को ये मुकाम दिया। इस यात्रा में कुछ नींव की बहुमूल्य ईंटें भी हैं जिनका जिक्र किए बगैर बात अधूरी होगी। ऋषभ नाम का एक ऐसा सारथी हमें मिला जो दिन रात हमारे साथ जुटा रहा। टेक्निकल पहलू का निष्णात ये लड़का जिस समर्पण से इस यात्रा में जुटा रहा, उसके बगैर ये यात्रा मुमकिन ही नहीं थी। मेरे साथी मधुर ने टॉप सीक्रेट में राजनीतिक कहानियों का ऐसा मधुर अध्याय जोड़ा जो इतिहास हो गया। असित, आदर्श और आहिल सरीखे नई उम्र के समर्पित लड़के दिन रात इस यात्रा के साथी रहे।
विवेक के ideation शक्ति रहे। ये तो वो है जो आज बता पा रहा हूं, जो आज नहीं बता रहा हूं वो नाम फिर किसी रोज़। उस नाम के बगैर आज के इस यथार्थ की कल्पना ही अधूरी थी। उस आशीर्वाद के बगैर ये पूरा का पूरा स्वप्न ही बेमानी था।
ये यात्रा अनवरत है, सतत है और नई नई उम्मीदों को सहेजते हुए है।
अभिषेक उपाध्याय का ये ट्वीट भी देखें…
परमपूज्य गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा के आशीर्वाद की छाया में टॉप सीक्रेट के 3 लाख सब्सक्राइबर्स पूरे हुए।

सिर्फ 4 महीनों का सफर। 188M+ व्यूज और कई धमाकेदार स्टोरियां जो मेनस्ट्रीम मीडिया और सोशल मीडिया दोनो पर जमकर फॉलो की गईं।
अभी तो ये शुरुआत है।
अल्लामा इक़बाल बाल के लफ़्ज़ों में-
“सितारों से आगे जहां और भी हैं,
अभी इश्क़ के इम्तिहां और भी हैं!!!!”
आपका स्नेह और साथ बना रहे
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अभिषेक उपाध्याय ने भी दिया एबीपी न्यूज़ से इस्तीफ़ा



