Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

महाराष्ट्र

गैर-जिम्मेदार रिपोर्टिंग कर रहा है एबीपी माझा!

महाराष्ट्र में मराठा समुदाय मराठा क्रान्ति मोर्चा के बैनर तले रास्तों पर उतर आया है। चिंगारी भड़कने की वजह है कोपरडी में घटी घटना। पश्चिम महाराष्ट्र से सटा नगर जिले के कोपरडी गाँव में एक सवर्ण जाति की नाबालिक लड़की से कुछ बदमाशों ने सामूहिक बलात्कार कर हत्या कर दी। इसका सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओ और संगठनों ने कड़ी निंदा की। सभी पार्टी के नेता, संगठन दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। बावजूद, पीड़िता को न्याय देने की आड़ में कुछ मराठा नेता खुलकर गन्दी राजनीति करने में लगे हैं।

महाराष्ट्र में मराठा समुदाय मराठा क्रान्ति मोर्चा के बैनर तले रास्तों पर उतर आया है। चिंगारी भड़कने की वजह है कोपरडी में घटी घटना। पश्चिम महाराष्ट्र से सटा नगर जिले के कोपरडी गाँव में एक सवर्ण जाति की नाबालिक लड़की से कुछ बदमाशों ने सामूहिक बलात्कार कर हत्या कर दी। इसका सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओ और संगठनों ने कड़ी निंदा की। सभी पार्टी के नेता, संगठन दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। बावजूद, पीड़िता को न्याय देने की आड़ में कुछ मराठा नेता खुलकर गन्दी राजनीति करने में लगे हैं।

हर जिले में लाखों की तादाद में मराठा समुदाय मोर्चे निकाल रहा है लेकिन मोर्चा में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग पीछे छूट रही है। इस आड़ में ओबीसी कोटे में आरक्षण, अनुसूचित जाती / जनजाति अत्याचार प्रतिबन्ध कानून ख़त्म करने की मांग कर रहे है। यह दोनों भी मसले बेहद संवेदनशील और भावनात्मक हैं। राज्य के युवा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन सारे मसलो को सुचारू ढंग से निपटा रहे ताकि दलित / मराठा / ओबीसी समुदाय के बीच भाईचारा, सौहार्द बना रहे।

ओबीसी कोटे से आरक्षण और अनुसूचित जाति / जनजाति अत्याचार प्रतिबन्ध कानून ख़त्म करने की मांग संवेदनशील विषय है जिसके कारण महाराष्ट्र जातीय दंगों की चपेट में झुलस सकता है। इस सभी मसलों पर राष्ट्रीय न्यूज़ चैनलों ने संतुलित भूमिका निभाई है। किन्तु एबीपी न्यूज़ नेटवर्क का क्षेत्रीय मराठी चैनल एबीपी माझा उकसाने वाले कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रहा है। संतुलित कार्यक्रम और रिपोर्टिंग करने की बजाय एकतरफा माहौल तैयार कर रहा है। एबीपी नेटवर्क देश का जिम्मेदार चैनल है। ऐसे में एबीपी माझा के कई कार्यक्रम के जरिये मराठा बनाम ओबीसी, दलित आदिवासी के बीच तल्खी बढ़ सकती है। चैनल प्रबंधन कृपया शांति की दिशा में काम करें, आग लगाने की कोशिश बंद करें।

सुजीत ठमके
पुणे – ४११००२
[email protected]

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन