Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

अडानी, ऑस्ट्रेलिया, कारमाइकल खदान और कोर्ट प्रकरण की पीटीआई द्वारा जारी खबर पढ़िए!

कारमाइकल खदान के विरोधी पर अदाणी की गोपनीय जानकारी पाने पर स्थायी रोक : क्वींसलैंड सुप्रीम कोर्ट

ब्रिस्बेन, 28 नवंबर (PTI)। क्वींसलैंड की सुप्रीम कोर्ट ने ऑस्ट्रेलिया में अदाणी समूह की कारमाइकल कोयला खदान से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने या उसका इस्तेमाल करने से एक प्रमुख पर्यावरण कार्यकर्ता पर स्थायी रोक लगा दी है। इस आदेश के साथ कंपनी और उसके सबसे मुखर विरोधियों में से एक के बीच वर्षों से चल रहा कानूनी विवाद समाप्त हो गया।

ब्रवस माइनिंग एंड रिसोर्सेज (अदाणी समूह) द्वारा जारी बयान के अनुसार, अदालत के स्थायी आदेशों के तहत बेन पैनिंग्स अब ब्रवस के कर्मचारियों, ठेकेदारों या संभावित ठेकेदारों से किसी तरह की गोपनीय व्यावसायिक जानकारी हासिल करने की कोशिश नहीं कर सकेंगे और न ही किसी को ऐसी जानकारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित कर सकेंगे।

ब्रवस ने कहा कि वह पैनिंग्स से अपने कानूनी खर्च की वसूली नहीं करेगा।

कंपनी गलीली बेसिन में कारमाइकल कोयला खदान संचालित करती है, जहाँ से हर साल लगभग 1 करोड़ टन कोयला निर्यात के लिए निकाला जाता है।

अदालत के स्थायी आदेश पैनिंग्स को “डायरेक्ट ऐक्शन” अभियानों के माध्यम से अंदरूनी सूत्रों से जानकारी लीक कराने के प्रयासों से भी रोकते हैं। हालांकि आदेश उन्हें कानूनी विरोध या अभियान चलाने से नहीं रोकते।

ब्रवस ने पैनिंग्स—जो ‘गलीली ब्लॉकेड’ समूह के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं—के खिलाफ दीवानी दावा दायर किया था, जिसमें आरोप था कि वे कारमाइकल खदान, उसके सप्लायरों और ठेकेदारों के कामकाज में व्यवधान डालने की कोशिश कर रहे थे।

कंपनी के सीओओ मिक क्रोए ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा,

“हमने यह मुकदमा इसलिए दायर किया था ताकि पैनिंग्स हमारे कर्मचारियों और ठेकेदारों को परेशान और डराने से रोकें। हमारा मकसद पैसा नहीं था, बल्कि सिर्फ यह था कि वे हमारी गोपनीय जानकारी लेकर हमारे ठेकेदारों पर दबाव बनाने का काम बंद करें।”

अदालत में दायर सबूतों के अनुसार, पैनिंग्स के अभियानों—जिनमें ब्लॉकेड, दफ्तरों में घुसपैठ और सप्लायरों पर केंद्रित दबाव अभियान शामिल थे—की वजह से कई बड़ी कंपनियों ने ब्रवस से व्यावसायिक संबंध तोड़ दिए, जबकि कई को अतिरिक्त सुरक्षा में निवेश करना पड़ा।

पैनिंग्स को पिंकेनबा में एक प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार भी किया गया था, जिसमें कारमाइकल खदान और रेल परियोजना के काम में बाधा डालने की कोशिश की गई थी।

बयान के अनुसार, यह समझौता उस समय हुआ जब पैनिंग्स सुप्रीम कोर्ट से यह छूट हासिल करने में असफल रहे कि मुकदमे से पहले उन्हें सबूत पेश करने से रोका जाए क्योंकि ऐसा करने पर वे स्वयं को अपराध में फँसा सकते थे।

पैनिंग्स पहले ग्रीन्स पार्टी के प्रचारक और ब्रिस्बेन के मेयर पद के उम्मीदवार भी रह चुके हैं। वे गलीली ब्लॉकेड, ‘स्टॉप अदानी’ आंदोलन और एंटी-गैस समूह ‘जेनरेशन अल्फा’ की प्रमुख आवाजों में से एक रहे हैं। पैनिंग्स और उनके समर्थकों का कहना था कि ब्रवस का मुकदमा सक्रियता पर हमले जैसा था, जबकि ब्रवस का दावा था कि मामला राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि अवैध गतिविधियों से जुड़ा है, जिसमें ठेकेदारों को तोड़ने का प्रयास, डराने-धमकाने का टोर्ट, अवैध साजिश और भविष्य में संभावित अवैध कार्यों को रोकने के लिए injunction शामिल है।

ब्रवस ने कहा कि कारमाइकल खदान और कारमाइकल रेल नेटवर्क दोनों चार साल से अधिक समय से संचालित हो रहे हैं और हजारों क्वींसलैंडवासियों को रोजगार देते हैं। पैनिंग्स के अभियानों के चलते निर्माण और कमीशनिंग चरणों में भारी व्यवधान पैदा हुआ था।

यह फैसला ऑस्ट्रेलिया में पर्यावरण आंदोलन और एक बड़े संसाधन प्रोजेक्ट के बीच चले सबसे लंबे कानूनी संघर्षों में से एक को समाप्त करता है।

मामला उन चुनौतियों को भी रेखांकित करता है जिनका सामना विदेशी बाजारों में काम कर रही भारतीय कंपनियों को करना पड़ता है—खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ पर्यावरणीय सक्रियता मजबूत है।

ब्रवस की कारमाइकल खदान और रेल परियोजना ऑस्ट्रेलिया में भारतीय निवेश के सबसे बड़े उद्यमों में से हैं। कंपनी का कहना है कि वह देश के सबसे कड़े पर्यावरण मानकों का पालन करती है।

ब्रवस का आरोप है कि उसके प्रोजेक्ट्स को सालों से निशाना बनाया गया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया अब भी बड़े पैमाने पर कोयला निर्यात करता है—मुख्यतः चीन को, जो कुल निर्यात का लगभग आधा खरीदता है, इसके बाद जापान और कोरिया का स्थान आता है।

कंपनी ने इस अदालत फैसले को अपने कर्मचारियों, ठेकेदारों और वैध संचालन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। कंपनी ने कहा कि वह शांतिपूर्ण और वैध सक्रियता का सम्मान करती है, लेकिन अवैध व्यवधान, डराने-धमकाने या गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन