अडानी हार गया ‘ईपीडब्ल्यू’ और ‘द वायर’ के खिलाफ अवमानना का केस

अडानी ग्रुप के घपलों-घोटालों के खिलाफ इकानामिक एंड पोलिटिकल वीकली (ईपीडब्ल्यू) ने खबर छापी थी. इसी खबर के आधार पर द वायर ने भी एक खबर प्रकाशित की. ये खबर जाने माने पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता ने लिखी थी. साथ ही इसे तीन अन्य पत्रकारों ने भी लिखा. इससे नाराज अडानी समूह ने सभी पत्रकारों …

अडानी के खदानों पर रिपोर्टिंग करने आई आस्ट्रेलियाई पत्रकारों की टीम को गुजरात पुलिस ने भगाया

आस्ट्रेलिया से ‘4कॉर्नर’ मीडिया हाउस की एक टीम अडानी के खदानों पर रिपोर्टिंग करने के लिए गुजरात आई थी. दरअसल आस्ट्रेलिया में सबसे बड़ी कोयला खदान परियोजना पर अडानी ग्रुप काम कर रहा है. इसी परियोजना के लिए पर्यावरण तथा अन्य ट्रैक रिकॉर्ड की जांच करने आस्ट्रेलिया की मीडिया टीम भारत आई थी. जब अडानी ग्रुप के आकाओं को आस्ट्रेलियाई पत्रकारों के आने और उन्हीं के ग्रुप के चाल-चलन को लेकर कवरेज करने की बात पता चली तो फौरन हरकत में आ गए और सत्ता-सिस्टम में अपने संबंधों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस को सक्रिय कर दिया. गुजरात पुलिस ने भारी सक्रियता दिखाते हुए आस्ट्रेलियाई पत्रकारों को जमकर धमकाया जिसके कारण टीम लौट गई. लेकिन लगे हाथ वह पूरी रिपोर्ट भी तैयार कर ले गई. इस बात का खुलासा चैनल के प्रोमो में पत्रकार स्टीफन ने किया है.

अडानी के खिलाफ खबर छापने पर हुए विवाद के बाद परंजॉय गुहा ठाकुरता ने EPW के संपादक पद से इस्तीफा दिया

एक बड़ी खबर ईपीडब्ल्यू (इकनॉमिक एंड पोलिटिकल वीकली) से आ रही है। कुछ महीनों पहले इस मैग्जीन के संपादक बनाए गए जाने माने पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि अडानी ग्रुप केे गड़बड़ घोटाले से जुड़ी एक बड़ी खबर छापे जाने और इस खबर पर अडानी ग्रुप द्वारा नोटिस भेजे जाने को लेकर परंजॉय के साथ EPW के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज का मतभेद चल रहा था।

मोदी राज का सच : अडाणी का मुनाफा छह गुना और वोडाफोन पर सरकारी खजाने का 3000 करोड़ रुपये उड़ा

Navin Kumar : इस तिमाही में अडाणी का मुनाफा छह गुना हो जाना, वोडाफोन पर सरकारी खजाने का 3 हजार करोड़ रुपया उड़ा दिया जाना और परधान जी के नौलखे कोट के बीच क्या कोई रिश्ता है? गौर कीजिएगा जेटली जी ने कहा है कि हमने भारत की गरीब जनता के 3 हजार करोड़ से जो वोडाफोन की आरती उतारी है उससे ‘निवेश’ का माहौल बेहतर होगा.. पूछना चाहता हूं कि नौलखा ‘कोट’ को निवेश मान सकते हैं कि नहीं?

Suspected money laundering by the Adani Group!

Yogendra Yadav : Here is a letter written by former IAS officer (former secretary to government of India) and noted anti-corruption crusader Mr EAS Sarma to various central investigating agencies about the suspected money laundering by the Adani Group. Mr Sarma has pointed out that the Supreme Court appointed Special Investigation Team on black money is investigating the matter and the State Bank of India should not have signed the MoU with the group under investigation for money laundering. Read the letter for yourself and please give a thought on what our Modi Sarkar is up to.

370 एकड़ वन जमीन सौंपकर उद्योगपति अडानी का कुछ एहसान चुका दिया मोदी जी ने

Yashwant Singh : मुंबई मिरर में आज खबर है कि मोदी की सरकार ने अपने प्रिय उद्योगपति मिस्टर अदानी के गोंडिया पावर प्रोजेक्ट के लिए 370 एकड़ वन जमीन की स्वीकृति दे दी है. यानि 370 एकड़ जंगल की जमीन पर अब अदानी का अधिकार होगा और उनका पावर प्रोजेक्ट चलेगा. अदानी को इस प्रस्ताव पर स्वीकृति पूरे छह साल तक इंतजार के बाद मिली है. यानि जब मोदी जी केंद्र में आए हैं तभी अदानी के प्रस्ताव पर ओके की मुहर लग गई है. और, इस प्रकार अदानी साब ने मोदी के लिए चुनाव में जो जो किया, उसका छोटा सा एहसान मोदी जी ने चुका दिया है. पावर प्रोजेक्ट चले, बिजली बढ़े, इस पर किसी को एतराज न होगा. लेकिन सवाल वही है कि आम जन का भला करने के नाम पर आई मोदी सरकार सबसे तेजी से उद्योगपतियों की जेब भरने में लगी है.