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सियासत

अडानी को न बख्शने के मूड में अमेरिका अब मोदी सरकार को भी बाँस करने लगा है!

यह मामला 265 मिलियन डॉलर (लगभग 2,029 करोड़ रुपये) की कथित रिश्वत से संबंधित है, जो 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकारी अधिकारियों को सौर ऊर्जा अनुबंध प्राप्त करने के लिए दी गई थी….

डॉ मुकेश कुमार-

अमेरिका का सिक्योरिटी एक्सचेंज कमीशन अडानी को बख़्शते हुए नहीं दिख रहा, बल्कि उल्टे फँसा रहा है। वह मोदी सरकार को भी बाँस करने में लगा है।

उसने मोदी सरकार को लिखा है कि उसका शिकायतनामा गौतम अडानी और सागर अडानी को भेजा जाए।

अब सवाल उठता है कि मोदी जी क्या करेंगे…क्या आदेश का पालन करेंगे….नहीं करेंगे तो क्या अमेरिका उन्हें छोड़ देगा।


पूरा किस्सा क्या है..? यहां पढ़ें

भारतीय अरबपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी पर लगे कथित रिश्वतखोरी मामले में एक नया मोड़ आया है। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने न्यूयॉर्क जिला न्यायालय में दायर एक याचिका में भारत सरकार से इस मामले की जांच में सहयोग का अनुरोध किया है। SEC ने अदालत को सूचित किया है कि वे गौतम अडानी और सागर अडानी को अपनी शिकायत भेजने के प्रयास कर रहे हैं और इसके लिए भारत के विधि एवं न्याय मंत्रालय से मदद मांगी गई है।

यह मामला 265 मिलियन डॉलर (लगभग 2,029 करोड़ रुपये) की कथित रिश्वत से संबंधित है, जो 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकारी अधिकारियों को सौर ऊर्जा अनुबंध प्राप्त करने के लिए दी गई थी। SEC ने आरोप लगाया है कि अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के अधिकारियों ने इन अनुबंधों को हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी।

इससे पहले, नवंबर 2024 में, SEC ने गौतम अडानी, सागर अडानी, और अन्य अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे। आरोपों के अनुसार, इन व्यक्तियों ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर अपनी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों के लिए लाभदायक अनुबंध प्राप्त किए।

इन आरोपों के बाद, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने 600 मिलियन डॉलर के बांड बिक्री को रद्द कर दिया था। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा था कि अमेरिकी न्याय विभाग और SEC द्वारा आरोप लगाए जाने के मद्देनजर, उन्होंने प्रस्तावित बांड ऑफ़रिंग्स को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है।

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, गौतम अडानी और अन्य अधिकारियों ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर से अधिक की रिश्वत देने की साजिश रची थी ताकि सौर ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध प्राप्त किए जा सकें, जो 20 वर्षों में 2 बिलियन डॉलर से अधिक का लाभ प्रदान करने वाले थे।

इस मामले में, SEC ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह गौतम अडानी और सागर अडानी को शिकायत की प्रति भेजने के लिए भारत सरकार से सहयोग प्राप्त करने की अनुमति दे।

इस प्रकरण ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश समुदाय में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारतीय और अमेरिकी अधिकारी इस मामले में आगे कैसे कार्रवाई करते हैं।

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