निर्मलकांत शुक्ला-
उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत से बड़ी खबर है। पुरानी कहावत है- “दही समझकर चूना मत चाट लेना”। कुछ ऐसा ही हुआ पीलीभीत की अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पुनिया के साथ।
भ्रष्टाचार की शिकायत से बौखलाईं एडीएम ने शिकायतकर्ता, विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री/प्रचारक प्रिंस गौड़ पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवा दिया था। लेकिन यह कदम एडीएम को भारी पड़ गया।
प्रदेश और केंद्र, दोनों जगह सत्ता में बैठे संगठन के प्रति अधिकारियों की इस हिमाक़त को लेकर विश्व हिंदू परिषद और भाजपा के तमाम अनुसांगिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इसे गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने बुधवार की रात बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीएम ऋतु पुनिया को जिले से हटा दिया। उन्हें प्रतीक्षारत रखते हुए प्रदेश मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। वहीं, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी/उप जिलाधिकारी प्रसून द्विवेदी को पीलीभीत का नया अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बनाया गया है।




मालूम हो कि मंगलवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत से विहिप नेता प्रिंस गौड़ को जमानत मिल गई थी। जेल जाने की रात ही उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मंगलवार शाम उपकारापाल मेडिकल कॉलेज पहुंचे और विधिक औपचारिकताओं के बाद उनकी रिहाई हुई।
विश्व हिंदू परिषद और भाजपा के शीर्ष पदाधिकारियों ने पूरा मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए बुधवार को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। माना जा रहा है कि जिले से हटने के बाद भी एडीएम ऋतु पुनिया की मुश्किलें कम होने वाली नहीं हैं। वह भ्रष्टाचार की वह शिकायत अब भी लंबित है, जो प्रिंस गौड़ ने कमिश्नर स्तर पर की थी और जिसमें कई गंभीर आरोप दर्ज हैं।
निर्मलकांत शुक्ला की रिपोर्ट.
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