Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

health

दिल्ली में रहते हैं तो आपका दिल, दिमाग, फेफड़ा खराब हो चुका है! देखें वीडियो

रवीश कुमार-

अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो इसे देखिए। आपका फेफड़ा, हार्ट, ब्रेन सब ख़राब हो चुका है। हो चुका है इसलिए कहा क्योंकि जो नुकसान होता है वो हमेशा के लिए होता है। लाखों लोग खुले में काम करने जा रहे हैं। कई साल निकल गए। बहस में कोई कमी नहीं रही लेकिन समाधान नहीं निकला।

लोगों ने पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को खोजना शुरू किया तो अब उसे मज़ाक में बदल दिया गया है। मीम बन रहे हैं जो इस बात का संकेत है कि पर्यावरण मंत्री से जवाबदेही मांगने का मुद्दा भी हल्का हो गया है। कहीं कोई गंभीरता नहीं है। जितने लोग राजनीति के बहाने आपको पत्रकारिता का ज्ञान दे रहे हैं, उनके सही गलत की बात नहीं कर रहा, लेकिन वह भी ज़्यादा हो गया है।

चूंकि वो सबसे आसान पत्रकारिता होती है तो सभी का ध्यान और प्रदर्शन इसी में लगा रहता है। बिहार में ही देखिए। करोड़ों महिलाओं के खाते में पैसे दिए गए। इन्हीं का इस्तेमाल भी किया गया कि महिलाओं को निकाल कर वोट दिलवाना है और यह सब किसी के कैमरे पर दर्ज नहीं हुआ।

किसी जीविका दीदी को कैसे सुबह से शाम से दौड़ाया जा रहा था, उनका इस्तेमाल कैसे हुआ, उन्हें क्या बताया गया, आपको कुछ नहीं बता चला। यह अनजाने में नहीं हुआ। लोगों को ठीक से पता होगा कि ये हो रहा है मगर वीडियो रिकार्डिंग नहीं है। जो पत्रकार इसे लेकर ज्ञान दे रहे हैं उन्हीं की रिपोर्ट नज़र नहीं आती कि गांव टोलों के भीतर जीविका दीदी का कैसे इस्तेमाल हो रहा है।

जो विपक्ष के उम्मीदवार थे उनके साथ भी सौ दो सौ कार्यकर्ता होते हैं। उन्हें भी कुछ नहीं दिखा या रिकार्ड नहीं किया। यह सब आलसीपन का नतीजा है। ठीक यही दिल्ली में हो रहा है। सबको दिख रहा कि हवा में ज़हर है। सूरज की रौशनी तक नहीं मिल रही है लेकिन इसकी गंभीरता की बात प्रदूषण का शिकार हो जाती है। नुकसान किसका होता है? आपका। बल्कि नुकसान हो चुका है।

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन