भोपाल के पत्रकार अजय वर्मा पर पुलिसिया हमले की चहुंओर निंदा, जांच की मांग

पत्रकारों पर भांजी हर लाठी का हिसाब होगा : अर्पण जैन

इन्दौर, 14 जून 2014। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार हो रहे हमले और राज्यशासन द्वारा पत्रकारो की सुरक्षा की उपेक्षाए दुखद है । कलम का सिपाही दिनरात एक कर के खबरो पर नजर बनता है और उसमे भी अपनी जान पर खेल कर किंतु इस स्तिथि मे भी शासन द्वारा उसे कोई सुरक्षा नही उपलब्ध करवाई जाती है बल्कि उसी कलम के सिपाही पर हमले होते है। कल भोपाल के पत्रकार अजय वर्मा ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए थाने मे आत्मदाह करते हुए व्यक्ति का फोटो लेना चाहा तो पुलिसकर्मियो ने उस पर लाठिया बरसाना शुरू कर दिया । हमले मे अजय वर्मा बुरी तरह घायल हुए और गंभीर हालत मे उन्हे अस्पताल मे भर्ती कराया गया । पत्रकार संचार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्पण जैन ने इस संबंध मे भोपाल आई जी योगेश चैधरी से मुलाकात की भोपाल आई. जी. चौधरी ने श्री जैन को बताया की दोषी पुलिसकर्मीयो को तत्काल लाइन अटेच भी कर दिया है तथा एक कमेटी इसकी जाँच के लिए बनाई गई है जो जाँच कर रही है तथा दोषियो के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का भरोसा भी दिलाया । आई. जी. चैधरी से मुलाकात के बाद प्रदेश कार्यालय पर श्री जैन ने परिषद के साथियो की मीटिंग भी ली तथा सभी पत्रकारो को संगठित होने का आव्हान भी किया और कहा की ‘‘ ये हमला लोकतंत्र पर हमला है जो निंदनीय है तथा हमारे साथी अजय पर बरसाई हर लाठी का हिसाब लिया जाएगा ।’’

पत्रकार अजय वर्मा पर हमला, चौथे स्तंभ पर हमला: राधावल्लभ शारदा

भोपाल, 14 जून। प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला एक दुःखद घटना है। कल पत्रकार अजय वर्मा ने पत्रकारिता के उच्च मापदंड को अपनाते हुए अपने कर्तव्य का पालन किया जिसका हश्र यह हुआ कि उसे पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा। जिसमें वे बुरी तरह से घायल हुए और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। पत्रकार अजय वर्मा का दोष इतना था कि उन्होंने थाने में आत्मदाह करने वाले व्यक्ति का फोटो लिया। अजय वर्मा पर पुलिस के हमले की वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा सहित कई सदस्यों ने घोर निंदा करते हुए मांग की है कि हमला करने वाले पुलिस कर्मियों पर धारा-302, 307 के तहत प्रकरण दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए। जहां पुलिस एक सादे आवेदन पर प्रकरण की बगैर जाँच कर विभिन्न धाराओं में आम व्यक्ति को गिरफ्तार कर लेती है और मुकदमा दर्ज कर लेती है, तब इस मामले में भी तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए, मात्र निलंबन नहीं। पिछले दिनों पचमढ़ी में पत्रकारों की पिटाई के साथ-साथ पुलिस कर्मी भी पिटे थे। वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा सहित अन्य पत्रकारों द्वारा ए.डी.जी. कानस्कर को ज्ञापन दिया। इस अवसर पर जनसम्पर्क अधिकारी श्री प्रदीप भाटिया भी उपस्थित थे। यूनियन ने पत्रकारों की गिरफ्तारी न करने का निवेदन किया। ए.डी.जी. कानस्कर ने आई.जी. होशंगाबाद को फोन पर तत्काल निर्देश दिये। उच्च अधिकारी वर्ग पत्रकारों की मदद करता है और छोटे कर्मचारी पुलिस को बदनाम करने के लिये दुःखद घटना को अंजाम दे देता है। पचमढ़ी तथा भोपाल की घटना पहली नहीं है। ये दो घटनाएं पिटाई की है परन्तु पत्रकारों पर आये दिन झूठी शिकायतों के आधार पर सैकड़ों प्रकरण पंजीबद्ध है। जिनके दबाव में पत्रकारों को निष्पक्ष समाचार प्रेषण में कठिनाई आती है। पूर्व गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता को वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा पत्र देकर मांग की थी कि एक समिति यूनियन के पदाधिकारी, जनसम्पर्क विभाग के अधिकारी एवं पुलिस विभाग के अधिकारी की कमेटी बनाई जाये जो पत्रकार पर दर्ज प्रकरणों की जाँच करें परन्तु सरकारी तंत्र ने उक्त ज्ञापन को रद्दी की टोकरी में डाल दिया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार चाहे तो कमेटी का निर्माण कर सकती है और मीडिया से बिगड़ते रिश्तों को सुधार सकती है।   वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा ने भोपाल के पत्रकार अजय वर्मा की घटना की जाँच एवं दोषी कर्मियों को तत्काल गिरफ्तार करने तथा एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की मांग की है।

पत्रकार अजय वर्मा पर हमला दोषी अधिकारियों पर मामला दर्ज हो

राजगढ़ 14 जून / पीपुल्स समाचार भोपाल के पत्रकार अजय वर्मा ने कल पत्रकारिता के उच्च मापदंड को अपनाते हुए अपने कर्तव्य का पालन किया.जिसका हश्र यह हुआ कि उसे पुलिस की लाठियों का सामना करना पडा जिसमे वे बुरी तरह से घायल हुए और उन्हें गम्भीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया.पत्रकार अजय वर्मा का दोष इतना था कि उन्होंने थाने में आत्मदाह करने वाले व्यक्ति का फोटो लिया. अजय वर्मा पर पुलिस के हमले की गणेश शंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब के संरक्षक प्रेम वर्मा,भोपाल संभाग के अध्यक्ष माखन विजयवर्गीय,पत्रकार राकेश सक्सेना सहित कई सदस्यों ने घोर निंदा करते हुए मांग की है की हमला करने वाले पुलिस कर्मियों पर आपराधिक मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार किया जाये.

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Comments on “भोपाल के पत्रकार अजय वर्मा पर पुलिसिया हमले की चहुंओर निंदा, जांच की मांग

  • arpan Jain says:

    यशवंत जी मीडिया के साथियो पर प्रशासन का रवैयागैर ज़िम्मेदाराना होता जा रहा है , निरंतर कही ना कही मीडिया के साथी परेशन और भयभीत भी है |
    आपका प्रयास सराहनीय है , आप उस आवाज़ को स्थान दे कर होसला अफजाई करे यही आशा है |
    अर्पण जैन

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