मुलायम के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने से दुखी आईपीएस अमिताभ ठाकुर थाने के सामने धरने पर बैठेंगे

Amitabh Thakur : श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा 10 जुलाई 2015 को फोन पर धमकी देने के मामले में कोर्ट द्वारा 14 सितम्बर को समुचित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद भी लखनऊ पुलिस द्वारा अब तक उसका पालन नहीं किये जाने के प्रति अपना कष्ट प्रकट करने हेतु मैं 01 अक्टूबर से थाना हजरतगंज के सामने अनिश्चितकालीन रूप से बैठूँगा. I shall be sitting indefinitely before Hazratganj police station from 01 October to show my pain at non-registration of FIR against Sri Mulayam Singh Yadav for phone threat on 10 July, despite the Court order passed on 14 September to register an FIR under appropriate sections.

अभी-अभी हजरतगंज थाने से एक दरोगा ने आ कर मुझे कल श्री मुलायम सिंह धमकी मामले में थाने के सामने नहीं बैठने की बात कही पर मैं निश्चित रूप से वहां बैठ कर अपनी व्यथा प्रकट करूँगा. कल से हजरतगंज थाने के सामने बैठने के सम्बन्ध में एसएसपी लखनऊ को भेजा जा रहा पत्र…

सेवा में,
एसएसपी,
लखनऊ

विषय- श्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मा० सीजेएम लखनऊ के आदेशों के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं करने पर अपना व्यक्तिगत कष्ट व्यक्त करने थाना हजरतगंज पर अनिश्चितकाल तक बैठने विषयक

महोदय,

कृपया निवेदन है कि मुझे दिनांक 10/07/2015 को श्री मुलायम सिंह यादव, पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा धमकी दी गयी जिसके सम्बन्ध में मैंने दिनांक 11/07/2015 को थाना हजरतगंज में शिकायत दी पर एफआईआर दर्ज नहीं हुआ. इसके बाद मैंने दिनांक 23/07/2015 को आपको शिकायत दी पर एफआईआर दर्ज नहीं हुआ. फिर मैंने धारा 156(3) सीआरपीसी में मा० सीजेएम लखनऊ के समक्ष वाद संख्या 1761/2015 दायर किया जिसमे मा० सीजेएम ने अपने आदेश दिनांक 14/09/2015 द्वारा एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए लेकिन इसके बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है.

इसके विपरीत समाचारपत्रों में लगातार आपके बयान आ रहे हैं कि श्री मुलायम सिंह ने जो कहा वह धमकी नहीं थी और इसमें किसी कार्यवाही की आवश्यकता नहीं है.

ऐसी स्थितियों में अब मेरे पास इस बात के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं कि मैं अपना व्यक्तिगत आत्मिक कष्ट प्रकट करने हेतु कल दिनांक 01/10/2015 से अनिश्चित काल के लिए थाना हजरतगंज के सामने बैठूं ताकि संभव है कि इससे मेरी व्यथा शासन और प्रशासन के बड़े-बड़े अफसरों तक जाए और मुझे न्याय मिल सके. मैं मौके पर अकेले अथवा अधिकतम अपनी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर के साथ बैठूँगा.

यद्यपि एक व्यक्ति द्वारा किसी सार्वजनिक स्थान पर बैठने के लिए किसी भी अनुमति की आवश्यकता नहीं है पर एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं अपना यह कर्तव्य समझता हूँ कि इन तथ्यों से आपको सूचित कर दूँ. अतः कृपया सादर सूचनार्थ प्रेषित.

(अमिताभ ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
# 94155-34526
amitabhthakurlko@gmail.com

पत्र संख्या- AT/Complaint/162/15 भवदीया,
दिनांक- 30/09/2015

प्रतिलिपि निम्न को कृपया सूचनार्थ-
1. प्रमुख सचिव गृह, उत्तर प्रदेश, लखनऊ
2. डीजीपी उत्तर प्रदेश, लखनऊ
3. डीएम लखनऊ
4. इंस्पेक्टर हजरतगंज

उत्तर प्रदेश के जनपक्षधर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के फेसबुक वॉल से.

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