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उत्तर प्रदेश

आम्रपाली गोल्फ होम्स एवं किंग्सवुड सोसाइटी का AAOA के खिलाफ “हल्ला बोल” प्रदर्शन

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित आम्रपाली गोल्फ होम्स एवं किंग्सवुड सोसाइटी के सैकड़ों निवासियों ने शनिवार, 14 फरवरी 2026 को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर कथित तौर पर NBCC द्वारा अधूरी सोसाइटी का हैंडओवर दिए जाने तथा एडहॉक AOA (AAOA) द्वारा की जा रही वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

निवासियों का आरोप है कि NBCC ने एडहॉक AOA को अधूरी सोसाइटी का हैंडओवर दे दिया, और सुप्रीम कोर्ट में परियोजना पूर्ण होने का दावा किया गया है, जबकी जमीनी स्तर पर कई बुनियादी ढांचे एवं सुरक्षा संबंधी कार्य अब भी अधूरे पड़े हैं।

प्रमुख शिकायतें

  • सुरक्षा एवं संरचनात्मक खामियां
  • फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह से फेल बताया जा रहा है।
  • कुछ टावरों में लिफ्टों में बारिश का पानी प्रवेश कर रहा है।
  • कई सर्विस शाफ्ट खुले हैं, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए गंभीर खतरा हैं।
  • सीपेज एवं अन्य संरचनात्मक कमियां अभी भी मौजूद हैं।
  • क्लब हाउस, कम्युनिटी सेंटर एवं स्विमिंग पूल अधूरे हैं।

निवासियों का कहना है कि इन खामियों के बावजूद हैंडओवर लिया जाना उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ है।

  1. वित्तीय पारदर्शिता और गबन के आरोप

आरोप है कि GBM (जनरल बॉडी मीटिंग) की अनुमति के बिना AAOA प्रतिमाह करोड़ों रुपये सोसाइटी फंड से निकाल रहा है। टेंडर दस्तावेज़, वर्क ऑर्डर और इनवॉइस कई बार अनुरोध करने के बावजूद साझा नहीं किए जा रहे। कुछ निवासियों को निशाना बनाकर धमकाने और अफवाह फैलाने के आरोप, जिसमें यह भी कहा जा रहा है कि AAOA का बैंक खाता निवासियों की शिकायतों के कारण ब्लॉक हो गया है। लगभग 8% राशि FMS को कथित रूप से “दलाली” के तौर पर दी जा रही है, वह भी बिना GBM की अनुमति या निवासियों की स्वीकृति के।

  1. सामाजिक एवं प्रशासनिक कदम

निवासियों ने मामले की शिकायत जिला मजिस्ट्रेट, गौतम बुद्ध नगर को सौंप दी है। आरोप है कि AAOA द्वारा कोई GBM आयोजित नहीं की जा रही, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।

कानूनी पक्ष

निवासियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट (प्रमोटन ऑफ कंस्ट्रक्शन, ओनरशिप एंड मेंटेनेंस) अधिनियम, 2010 एवं संबंधित नियमों के अनुसार सामान्य क्षेत्रों एवं सुविधाओं का पूर्ण और सुरक्षित होना अनिवार्य है। साथ ही, सभी वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और निवासियों की स्वीकृति आवश्यक है। निवासियों का आरोप है कि इन कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है।

आगे की चेतावनी

निवासियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे कोर्ट रिसीवर (CR) कार्यालय के समक्ष भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।

निवासियों का कहना है: “हमारा उद्देश्य टकराव नहीं है, लेकिन अधूरी सुविधाओं और वित्तीय अनियमितताओं के साथ जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करेंगे। सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी प्राथमिकता है।

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