गांधीवादी शरत चंद्र के हत्यारोपियों में आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा का भी नाम

पटना : आम्रपाली ग्रुप के एमडी अनिल शर्मा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है. उनपर लखीसराय में बालिका विद्यापीठ के पूर्व मंत्री डा. कुमार शरद चंद्र की हत्या का आरोप लगा है. शरद चंद्र पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर के समधी हैं. अनिल शर्मा लोकसभा और राज्यसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं. पुलिस के अनुसार 75 वर्षीय गांधीवादी शरद चंद्र की हत्या तब हुई, जब वह विद्यापीठ के कैंपस में अखबार पढ़ रहे थे.

बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल सवार दो हत्यारों ने उनकी आंख में पिस्टल सटाकर गोली मार दी. मृतक की पत्नी उषा देवी ने आम्रपाली ग्रुप के एमडी अनिल शर्मा, सरकारी वकील शंभू शरण सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा, डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद सिंह, राजेंद्र सिंघानिया, राधेश्याम शर्मा, वर्तमान प्राचार्य अनीता सिंह पर हत्या का केस दर्ज कराया है. डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया गया है. घटना के बाद लोगों ने एनएच-80 को दिनभर जाम रखा. गौरतलब है कि बालिका विद्यापीठ के संचालन के लिए कई वर्षों से विवाद चल रहा है. इसको लेकर पहले भी कई बार झड़प हो चुकी है. इस संबंध में 20 से अधिक प्राथमिकी पुलिस के पास दर्ज हैं. डॉ. शरद चंद की बड़ी पुत्री सुगंधा शर्मा ने बताया कि अनिल शर्मा ने आम्रपाली इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की थी. तभी से शरद चंद्र को बालिका विद्यापीठ से अलग कर दिया गया था.

हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद अनिल शर्मा ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि इसमें उनका कोई हाथ नहीं है, उन्हें गलत तरीके से इस मामले में फंसाया जा रहा है. अनिल का कहना है कि उन्होंने मार्च में ही ट्रस्ट को छोड़ दिया था। उन्होंने हत्या के आरोपों को मनगढ़ंत बताया है.

इस प्रकरण के बारे में पत्रकार ज्ञानेश्वर फेसबुक पर लिखते हैं:  ”निर्मम हत्‍या के बाद बड़े शिक्षाविद् डा. कुमार शरद चंद्र की आज अंत्‍येष्टि हो गई। बालिका विद्यापीठ,लखीसराय में ही स्‍व. चंद्र के पार्थिव शरीर को नाती (डा.सी पी ठाकुर के पौत्र) ने मुखाग्नि दी। संस्‍थान के संस्‍थापक सचिव ब्रजनंदन शर्मा के पार्थिव शरीर को भी कैंपस में ही अग्नि को समर्पित किया गया था। बाद में समाधि का निर्माण भी कराया गया। बड़ी संख्‍या में लोग आज स्‍व. चंद्र की अंतिम विदाई के समय उपस्थित थे। महिलाओं को शव का कंधा देते देख सबों की आंखें गमगीन थी। पुलिस हत्‍या की जांच आगे बढ़ाने में लगी है। प्रारंभिक अवस्‍था में कुछ भी नहीं कहा जा सकता। नामचीन अभियुक्‍तों के बीच किसी ‘थर्ड प्‍लेयर’ के गहरे षड्यंत्र की ओर कई संकेत मिल रहे हैं। चिह्नित खास ‘महिला’ की गतिविधि भी जांची जा रही है। लेकिन फिर से स्‍पष्‍ट कर दूं कि अभी कोई निष्‍कर्ष निकालना मुनासिब नहीं होगा।”

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