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अखबार मालिक शैलेंद्र भदौरिया को इस महिला मीडियाकर्मी ने सबक सिखाया

Yashwant Singh : एक महिला मीडियाकर्मी अपने हक के लिए कोर्ट गई और अखबार मालिक के खिलाफ कुर्की का आदेश निकलवा लाई. मीडिया वाले अगर इसी तरह से साहसी और तेवरदार हो जाएं तो मीडिया मालिकों की बेईमानी की बैंड बज जाए. हाल के दिनों में जब मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ने वालों को सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ, सीधे-सीधे न्याय न देते हुए अखबार मालिकों को दोषी मानने, जेल भेजने से मना कर दिया, तब लगा कि सच में धनवानों के लिए न्याय की परिभाषा अलग होती है. पर इस एक मामले में (नेशनल दुनिया अखबार) कोर्ट ने जिस तरह की सख्ती दिखाई है, वह काबिलेतारीफ है.

Yashwant Singh : एक महिला मीडियाकर्मी अपने हक के लिए कोर्ट गई और अखबार मालिक के खिलाफ कुर्की का आदेश निकलवा लाई. मीडिया वाले अगर इसी तरह से साहसी और तेवरदार हो जाएं तो मीडिया मालिकों की बेईमानी की बैंड बज जाए. हाल के दिनों में जब मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ने वालों को सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ, सीधे-सीधे न्याय न देते हुए अखबार मालिकों को दोषी मानने, जेल भेजने से मना कर दिया, तब लगा कि सच में धनवानों के लिए न्याय की परिभाषा अलग होती है. पर इस एक मामले में (नेशनल दुनिया अखबार) कोर्ट ने जिस तरह की सख्ती दिखाई है, वह काबिलेतारीफ है.

मुझे नहीं पता नेशनल दुनिया वाले इस आदेश के खिलाफ बड़ी अदालत जाकर स्टे वगैरह ले आए हैं या नहीं, लेकिन अगर इस कुर्की के आदेश की तामील करा दी जाए तो बहुत दिनों बाद यह यकीन बैठेगा कि इस देश में थोड़ी बहुत कानून और न्याय की इज्जत है. मुझे अब भी लगता है कि शैलेंद्र भदौरिया (नेशनल दुनिया अखबार का मालिक) कुछ न कुछ मैनेज कर लेगा, स्टे लेने से लेकर कुर्की करने वाले इंप्लाइज को सेट कर पूरी प्रक्रिया को मात्र कागजी बना देने तक. फिर भी, ये आदेश की कापी देखने के बाद कह सकते हैं- ”दिल को खुश रखने को ग़ालिब ये ख़याल अच्छा है.”

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

मूल खबर…

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. Sharad

    August 1, 2017 at 11:05 am

    यह खबर उन हज़ारों मीडिया कर्मियों के लिए राहत प्रदान करने वाली है जो शैलेन्द्र भदौरिया की ताकत से भिड़े हुए है। इनके खिलाफ pf गबन की जांच भी चल रही। कितने कर्मियों के वेतन कहा चुके हैं ये, कितने कैरियर बर्बाद कर चुके हैं। शरीफ लोगों की बद्दुआ का कुछ असर तो होगा ही। लेकिन संघर्ष जारी रहेगा।

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