एपीएन चैनल भी औकात पर आया, पत्रकारों का पैसा दबाए बैठा है

यूपी के लिए शुरू हुए चैनल एपीएन की हालत काफी खराब है. इस चैनल को विनय राय ने कुछ लोगो के साथ मिलकर खोला है. इसमें कार्यरत जिला संवाददाताओं कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है. ये वो संवाददाता हैं जो लाइव इंडिया से पहले ही लुटे बैठे थे और अब  हालात ये है कि सब्जी खरीदना भी दुश्वार हो गया है. कई लोग खस्ता हालत में हैं. जेब खाली है.

एपीएन की शुरुआत तो बड़े जोरशोर से की गई थी. पत्रकारों से 15 फ़रवरी से काम शुरू करवा दिया गया. मगर जून बीतने को है. पैसे का कुछ पता नहीं. ऑफिस में किसी के पास कोई जवाब नहीं. एसाइनमेंट इंचार्ज मनीश राज को फोन करो तो वो उल्टा पत्रकार को ही धमका देते हैं. ऑफिस से स्टोरी लगातार मांगी जा रही है और कहा जा रहा है कि पुराना बिल तभी पास होगा जब स्टोरी भेजोगे. ऐसे में पत्रकार करे भी तो क्या.

45 के टेम्प्रेचर में कई जिलो में पत्रकार सिटी में पैदल मार्च कर रहा है. बाईक के तेल का इंतजाम भी नहीं है. रिपोर्टरों को उनके पारिश्रमिक के नाम पर सिर्फ तारीख पे तारीख ही मिल रही  है. लखनऊ में श्रेय शुक्ला जी भी फ़ोन नहीं उठा रहे हैं. ऑफिस के हालात ये हैं कि आउटपुट और डेस्क पर जो लोग दूसरे रीजनल चैंनलों से आये थे, वो भी जाने की बात फोन पर करते हैं. ऐसे में हम पत्रकारों का क्या भविष्य है, कुछ पता नहीं. एपीएन में काम करने वालों के हालात बहुत खराब हैं.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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Comments on “एपीएन चैनल भी औकात पर आया, पत्रकारों का पैसा दबाए बैठा है

  • rajnish mehta says:

    ye jo bhi bakwaas likhi hai aisa kuch bhi nahi hai channel bahot mast chal raha hai. ye bhadaas ko galat khabarein chaapne ki aadat hai.

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  • ये बकवास है एपीएन में ऐसी कोई बात नहीं है चैनल बहुत अच्छा चल रहा है ये किसी ने गलत खबर भेजी है भड़ास को भी चाहिये कि पहले खबर की पुष्टि करे फिर खबर छापे

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  • चैनल के तुम लोग दलाल तो नहीं हो . तभी चैनल के तारीफ कर रहे हो .तुम जैसे दलालों की वजह से ही जिले के स्ट्रिंगर भूखो मरने के कगार पर आ जाता है ……………..

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  • renus singh says:

    [quote name=”rajnish mehta”]ye jo bhi bakwaas likhi hai aisa kuch bhi nahi hai channel bahot mast chal raha hai. ye bhadaas ko galat khabarein chaapne ki aadat hai.[/quote]
    channel mast chal raha hi sir jee achchi bat pr log bhukhe mar rahe hai yeh bhi kisi haqikat se kam nhi hi.

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  • आप को चैनल की पूरी जानकारी नही रहती है आप कि वेबसइट में केवल अपनी भडास निकलने के लिए ही है———– सब ठीक हो जाये गा———-यश्वंत भाई नए चैनल की टी र पी भी डाल दिया करो

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  • एपीएन चैनल जहां से शुरू हुआ है उसमें कोई खास प्रगति नहीं हुई है। समय बीतने के साथ संवाददाताओं को कुछ पैसे मिलने की उम्मीद थी लेकिन चैनल कोई भी सांस इस मामले में नहीं ले रहा है। चुनाव व उससे पहले भरी गर्मी में जिले के हर कोने में कवरेज की दौड़ लगाने वाले संवाददाता जुलाई माह में भुखमरी के कगार पर हैं। केवल माफिया व दलाल संवाददाताओं की चांदी है।

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  • rahul verma says:

    isme kuch log channel ki taarif kar rahe, ye jaroor dallal honge jo mic id se dallaali karte rehte honge jab paisa dene ki aukaat nhi hai to channel shuru hi kyu karte hai ye log assignment incharge manish raaj ki salary time per aa jati hogi lekin jo jile ke stringer hai vo kya kare itni garmi me channel malik vinay ray or incharge manish raaj ko stringaro ki jagah baithaal k dekho tab inhe pata chalega stringaro ka dard….

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  • ye channel jayada dino tak nhi chalega kyuki is channel me kuch log hai jo sale tharki hai biwi hone ke baujud bhi inki tharak santh nhi hoti hai ……….dalle sale ….and above jo bhi iss channel ki taraif kar rhe hai agar ladka hai to vo jo jarur mD ke dalle honge aur koi ladki tarif kar rhi hai to saaf hai she would be selpt with the tharki man……channel ko dubana ne wala ek hi sakhs hai and he is ..(tharki)……………?

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