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उत्तर प्रदेश

अवनीश दीक्षित जमीन कांड- जमानत कैंसल, पत्रकारों की संपत्ति खंगालेगी पुलिस

कानपुर में रविवार को हुए जमीन कब्जा प्रकरण के बाद सोमवार का दिन काफी गहमागहमी भरा रहा. निचली अदालत से पत्रकार अवनीश दीक्षित की जमानत अर्जी खारिज हो गई. दीक्षित के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कहा कि जल्द ही सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल करेंगे.

सफेदपोशों की तलाश में पुलिस
पुलिस का मानना है कि नजूल की अरबों की जमीन कब्जाने के पीछे अवनीश दीक्षित के अलावा कई और लोग हैं, जो पर्दे के पीछे से खेल में शामिल हैं. इसमें शहर के कुछ नामचीन सफेदपोश, कुछ अधिवक्ता और बिल्डर हैं. पुलिस इस मामले के जरिए भू-माफियाओं और पत्रकारिता की आड़ में जमीनों का खेल करने वाले कथित पत्रकारों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है. पुलिस ने इन लोगों को अपनी लिस्ट में शामिल किया है.

शुरू हुई संपत्ति की जांच
कानपुर जमीन कब्जा प्रकरण के आरोपी बनाए गे अवनीश दीक्षित व अन्य आरोपियों की पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी है. अंदरखाने से पुलिस ने अवनीश व अन्य के आय का जरिया और संपत्तियों की जांच करनी शुरू की गई है. एक पुलिस अफसर का कहना है कि मामला बड़ा है, जरूरत हुई तो आयकर या ईडी को आरोपियों की अचल संपत्तियों की जांच के लिए पत्र लिखा जाएगा.

मार खाने वाला पत्रकार भी चर्चा में
इस प्रकरण के बाद सोमवार को शहर में एक चर्चा और चली. यह चर्चा कानपुर प्रेस क्लब के एक पूर्व पदाधिकारी को लेकर चली थी. बताया गया कि कब्जा मामले में यह पत्रकार भी शामिल था. मौके पर अचानक मारपीट शुरू हो गई. दूसरे पक्ष की तरफ से भी लात-जूता, डंडे बांस चलाए गए. दूसरे पत्रकार को कई डंडे भी लगे हैं. बशर्ते मौके की नजाकत भांपकर वह गोल हो लिया. पिटाई का दर्द खुद में ही जज्ब किए हुए है.

देखें आज की कवरेज…

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