
रिजवान अहमद सिद्दकी-
हर व्यक्ति स्वयं को सबसे अधिक जानता है दूसरों को उसके मूल्यांकन का हक़ भी है लेकिन पूर्वाग्रह और कुंठा से किसी को जज करना, काल्पनिक आधार पर किसी का चरित्र हनन करना, व्यंग करना, स्वयं को पत्रकार कहकर पत्रकारिता के मूलभूत सिद्धांत की अवहेलना करना याने बिना वाजिब सबूत के जिसका चरित्र हनन कर रहे है उससे यह पूछने का कष्ट भी न करना कि इसमें आपका पक्ष क्या है।
मैंने अपनी 36 बरस की पत्रकारिता में कभी एकतरफ़ा ख़बर को प्रोत्साहित नहीं किया।यही पत्रकारिता की नैतिकता है कोई बिना विश्वनीय साक्ष्य और तथ्यों के ऐसी सामग्री न परोसे या बहुत आवश्यक है तो कम से कम जिसके बारे में लिख रहे हैं उसे अपना पक्ष रखने का अवसर तो दे लेकिन यहां इसका ख़्याल नहीं रखा गया। जिन्हें मैं व्यक्तिगतरूप से ज़िम्मेदार और समझदार मानता हूं उन्होंने भी इसे पढ़कर बिना देर लगाए इसे सही ठहराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी इसलिए जीवन में पहली बार अपनी जमात के कुछ साथियों के खिलाफ़ अप्रिय कार्रवाई की ओर बढ़ना पड़ा। बेनिफिट ऑफ डाउट न्याय का प्राकृतिक सिद्धांत है परंतु यहां तो डाउटफुल सामग्री का ही बेनिफिट लेने से लोग नहीं चूके।
जो भी मुझे जानते हैं वह यह भी जानते हैं कि हम (मैं) उनके एक रुपए के भी गुनहगार नहीं हैं । ईश्वर का शुक्रगुज़ार हूं कि ईमानदारी से मेरी संतोषजनक आमदनी है जिसके लिए मैं अपने संस्थान डिजिआना का भी आभारी हूं जिन्होंने हर परिस्थितियों में मेरा ख़्याल रखा। आप मित्रों, सहयोगियों और परिजनों का भी आभारी हूं जिन्होंने सदैव मुझपर विश्वास रखा ईश्वर इतनी शक्ति दे कि यूं ही आपका विश्वास बना रहे।
क्षमा सहित FIR प्रेषित कर रहा हूं। चरित्र हनन करने में जिन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी हमने फिर भी उन्हें जांच में उनका पक्ष रखने का अवसर दिया है और FIR में सीधे उन्हें नामज़द करवाने के बजाय अज्ञात के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध करवाया है इसलिए कि वे हमारे दुश्मन नहीं हैं हमारी आपत्ति उनके कृत्य पर है।
देखें शिकायत और एफआईआर कॉपी….





प्रकरण से संबंधित कुछ अन्य स्क्रीनशॉट्स-




