

वर्ष 2017 में एसटीएफ मुखिया और तत्कालीन आईजी अमिताभ यश के खिलाफ भारत समाचार चैनल द्वारा प्रसारित एक खबर अब पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत साबित हो चुकी है।
चैनल ने स्वयं इस प्रसारण को गलत स्वीकार करते हुए सार्वजनिक रूप से खंडन जारी किया है।
21 सितंबर 2017 को भारत समाचार ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि पंजाब की जेल तोड़कर फरार हुए कुख्यात अपराधी घनश्याम धुरिया उर्फ गोपी को शाहजहांपुर में पकड़े जाने के बाद एसटीएफ ने उसे छोड़ दिया और इसमें तत्कालीन आईजी अमिताभ यश की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे।
हालांकि जांच और तथ्यों के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि उक्त आरोपों का कोई आधार नहीं था।
“भारत समाचार” ने अपने इस प्रसारण को गंभीर पत्रकारीय चूक मानते हुए रिपोर्ट को औपचारिक रूप से वापस ले लिया है और एडीजी अमिताभ यश से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी है।
देखें माफीनामा का वीडियो-
https://x.com/bhadasmedia/status/2033503727068561658?s=46
“पहले बदनाम करो… फिर माफ़ी मांग लो” — क्या यही नई पत्रकारिता है?
Bharat Samachar TV द्वारा तत्कालीन IG अमिताभ यश के खिलाफ भ्रामक खबर चलाना और फिर माफ़ीनामा जारी कर देना, यह कोई छोटी गलती नहीं… यह सीधे-सीधे पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों का अपमान है।सवाल यह है कि झूठी खबर चलाते वक्त जो व्यक्ति की प्रतिष्ठा का नुकसान हुआ — उसकी भरपाई कौन करेगा?
क्या एक माफ़ीनामा किसी की छवि पर लगे दाग को मिटा सकता है? बिल्कुल नहीं।
आज मीडिया का एक बड़ा हिस्सा “सत्य” नहीं, बल्कि “सनसनी” बेच रहा है।पहले TRP के लिए खबर उछालो और सोशल मीडिया पर वायरल कराओ और जब सच सामने आए, तो चुपचाप माफ़ी मांग लो
यही कारण है कि आज आम जनता के मन में सवाल उठता है —
“क्या मीडिया सच दिखा रहा है या सिर्फ एजेंडा चला रहा है?”
पत्रकारिता कभी मिशन हुआ करती थी…-रवि प्रकाश सिंह
गलतियां हो जाती है।पर गलतियां मानकर उसे स्वीकार करना भी और माफी मांग ले यही बहुत बड़ी बात है।हम भारत समाचार के साथ है।
-मुकुल शर्मा


