राकेश कायस्थ-
मैं सोचता था, औरंगजेब इतिहास के कोने में दफन नाम है। मुझे पता नहीं था कि वह अब अनगिनत लोगों के सपनों में आता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस तक ने औरंगजेब की कब्र को लेकर बयान दिया है। ज़रा सोचिये अगर पूर्ववर्ती सरकारों की प्राथमिकाएं भी ऐसी होतीं तो क्या महाराष्ट्र कभी जीडीपी के मामले में भारत का नंबर वन राज्य बन पाता।
बीजेपी के ज्यादातर बड़े नेता और उनके समर्थक एक किस्म के मनोरोग का शिकार हो चुके हैं। नफरत हमेशा पैकेज डील में मिलती है। जल्द ही इन लोगों को अपने बाप या ससुर में भी औरंगेजब दिखाई देने लगेगा। जिस तरह शाकाहारी लोगों को फैमिली व्हाट्स एप ग्रुप में ब्रेकफास्ट, लंच और डिरन के साथ मुसलमान चाहिए। अगर मुसलमान ना मिले वो अपने रिश्तेदार को मुसलमान मानकर उसपर टूट पड़ते हैं।
एक आखिरी बात– बीजेपी के कोर सपोर्टर्स की तरफ से औरंगजेब के नाम शौचालय बनाने की डिमांड बार-बार क्यों उठ रही है। अब मुझे लगभग यकीन हो चला है कि अब भी इनकी टट्टी औरगंजेब का नाम लेते ही उतर जाती है।

अगर ऐसा है तो फिर मैं शौचालय का नामकरण औरंगजेब के नाम के नाम पर करने के प्रस्ताव का मैं समर्थन करूंगा। मरने के तीन सौ साल बाद भी आलमीगर कोई ऐसा काम करे जिससे कब्ज जैसी जनसमस्या हल हो तो यह बहुत अच्छी बात होगी।
लेकिन पेंच है। अगर हगाने का जिम्मा औरंगजेब ने उठा लिया तो बाबाजी के त्रिफला और शुद्धि चूर्ण कौन खरीदेगा? पहले ही डोनाल्ड ट्रंप से परेशान हैं, उपर से औरंगजेब!
शीतल पी सिंह-
गुजरात! लंबे समय से यह RSS जनित हिंदुत्व की प्रयोगशाला है । लगभग तीस साल से बीजेपी यहाँ लगातार सत्ता में है । वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के बारह साल का कार्यकाल इसमें शामिल है ।
लेकिन जो इस प्रयोगशाला के उत्पाद हैं वे भयावह हैं । एक धर्मभीरु अंधविश्वासी और उन्मादी समाज तो ज़रूर पैदा हो गया है जिसके ज़रिए राजनीतिक फसल अनवरत बीजेपी के पक्ष में कट रही है लेकिन इसके मूल्य एक आधुनिक,सभ्य और स्वस्थ इंसान बना पाने में पूरी तरह से असफल साबित हुए हैं । मानवीय सूचकांकों में भी यह राज्य बुरी तरह से असफल साबित हुआ है । स्त्रियों में रक्ताल्पता और बच्चों में कुपोषण की स्थिति तो बेहद गंभीर है ।
शिक्षा के क्षेत्र में गुजरात देश के अग्रणी राज्यों के कभी आस पास तक न फटका और आर्थिक अपराधों के मामलों में कोई दूसरा राज्य इसकी कभी बराबरी न कर पाया !
विकास का मतलब यदि सिर्फ़ कांक्रीट है तो हो सकता है कि गुजरात इसके उपयोग में अग्रणी हो !
खैर अब यह,

“गुजरात में एक शख्स ने 5 साल की बच्ची का गला कुल्हाड़ी से काट डाला
शख्स ने हत्या कर उसका खून मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़ाया!”



Atul Gupta.
March 13, 2025 at 11:12 am
Rakesh aapke is lekh ki bhasha yah darshati hai ki aapke dimag main kya bhara hai.