BJP सांसद का आरोप- पैसा और लड़की सप्लाई करने पर मिलता है टिकट (सुनें टेप)

अंबेडकरनगर सीट से भाजपा के मौजूदा सांसद हरिओम पांडेय ने टिकट कटने के बाद अपनी ही पार्टी पर हमला बोल दिया है. सांसद ने कहा कि टिकट उन्हें ही मिलता है जो पैसा और लड़की सप्लाई करता है. पार्टी उन्हें ही टिकट देती है जो ऐसा करने में सक्षम होता है. कृपया हमें अनुसरण करें …

बीजेपी के स्टेट हेड क्वार्टर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान न्यूज नेशन के पत्रकार को भाजपा नेता ने धमकाया!

लखनऊ : न्यूज नेशन चैनल के पत्रकार अनिल यादव के साथ लखनऊ स्थित बीजेपी के स्टेट हेड क्वार्टर में बदतमीजी की गई. बदतमीजी किसी और ने नहीं बल्कि खुद भाजपा के एक जिम्मेदार पदाधिकारी ने की. इस बाबत अनिल यादव ने शिकायत की तो एक पत्रकार संगठन ने पूरे प्रकरण पर अपनी शिकायत लिखित में …

भाजपा के देश भर में बने 600 से ज्यादा भव्य आफिसों पर मीडिया मौन क्यों है : रवीश कुमार

भारतीय जनता पार्टी की खासियत है कि वह कांग्रेस को तो भ्रष्ट बताती है पर अपनी ईमानदारी नहीं बताती। ऐसा कोई दावा नहीं करती। 2014 और इससे पहले कुछ किया भी हो, अब करने लायक भी नहीं है। दूसरी ओर, नोटबंदी के समय खबर छपी थी कि अलग-अलग शहरों में पार्टी ने जमीन खरीदी है …

मोदी विरोधी पत्रकार भी मानने लगे कि फिलहाल मोदी ही दुबारा सत्ता में आते दिख रहे हैं!

Abhishek Srivastava : अब थोड़ा काम की बात। सीरियस बात। बनारस पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी है और देश का सबसे व्यस्त तीर्थ। लोकसभा क्षेत्र तो वीवीआईपी है ही। वहां घाट किनारे डेरा डाल कर दस दिन से झख मार रहा था मैं। थोड़ा लिखा भी, जितना परता पड़ा। समझा क्या? ये बताना ज़्यादा ज़रूरी …

रवीश कुमार के फोन पर ट्रोल अटैक!

Ravish Kumar : कश्मीरी छात्रों की मदद के लिए आगे आया सीआरपीएफ, मेरे फोन पर ट्रोल अटैक… आईटी सेल का काम शुरू हो गया है। मेरा, प्रशांत भूषण, जावेद अख़्तर और नसीरूद्दीन शाह के नंबर शेयर किए गए हैं। 16 फरवरी की रात से लगातार फोन आ रहे हैं। लगातार घंटी बजबजा रही है। वायरल …

ज़मीनी संघर्ष कर जनाधार बना रहे पत्रकार से नेता बने शलभमणि को प्रत्याशी घोषित कर सकती है भाजपा!

अटल के बाद कौन पत्रकार बनेगा जनाधार वाला नेता! संघर्ष और जनाधार के बिना तमाम पत्रकारों को विभिन्न राजनीतिक दल लाल बत्तियों से नवाजते रहे हैं। कोई राज्यसभा भेजा गया तो कोई विधानपरिषद। कोई मुख्यमंत्री का सलाहकार बन गया तो किसी को सूचना आयुक्त बना दिया गया। कुछ नहीं तो पार्टी में शामिल होते ही …

आरक्षण में सेंधमारी के ‘मंत्र’ से यूपी फतह करेंगे योगी!

अजय कुमार, लखनऊ उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पूर्व आरक्षण की सियासत एक बार फिर परवान चढ़ने लगी है। बसपा सुप्रीमों मायावती ने आरोप लगाया है कि भाजपा और कांगे्रस आरक्षण व्ययवस्था को खत्म करना चाहती है तो योगी सरकार ने विधान सभा चुनाव में किए गये वायदे के अनुसार कोटे में कोटा (आरक्षण …

खुशफहमी की शिकार भाजपा को आईना दिखाएंगे कार्यकर्ता!

भले ही भारतीय जनता पार्टी और उसकी मातृ संस्था आरएसएस खुद अपनी पीठ थपथपाने में लगी हुई है कि उसके कार्यकर्ता तथा स्वयं सेवक पार्टी व सरकार की नीतियों से खुश हैं। हालांकि वे कितने प्रसन्न हैं, यह उनका दिल ही जानता है। आपसी बातचीत में उनका दर्द छलक भी पड़ता है। भ्रष्टाचार पर जीरो …

यूपी भाजपा पार्टी फण्ड से 93.38 करोड़ की हेराफेरी! कौन नेता पचा गया यह रकम?

उत्तर प्रदेश भाजपा के पार्टी फण्ड से करीब 93 करोड़ अड़तीस लाख रुपयों की हेराफेरी व चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इसका खुलासा खोजी पत्रकार नवनीत चतुर्वेदी ने आज लखनऊ में किया. इससे पहले नवनीत ने 2014 में भाजपा की बम्पर जीत को काले धन व विदेशी ख़ुफ़िया एजेंसियों से जोड़ते हुए प्रशांत …

बीजेपी शिवपाल की पार्टी को भी बड़का वोटकटवा बनाने की जुगत में है!

Navneet Mishra : सियासी गलियारे मे अफवाह थी कि शिवपाल को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह दो सौ करोड़ फ़ाइनेंस कर रहे। इस डील में अमर सिंह और कुछ बड़े उद्योगपतियों का सहारा लिया जा रहा। तय हुआ है कि बैनर सेकुलर मोर्चा का होगा और पैसा बीजेपी( शुभचिंतक धन्नासेठों) का। कृपया हमें अनुसरण करें और …

खोजी पत्रकार नवनीत चतुर्वेदी का खुलासा- ‘बीजेपी वाले अपनी ही पार्टी का कोष खाने लगे हैं!’

दिल्ली के स्वतंत्र खोजी पत्रकार नवनीत चतुर्वेदी ने मुंबई प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने इसमें महाराष्ट्र स्टेट बीजेपी इकाई के पार्टी फण्ड में 95.91 करोड़ रुपये खुर्दबुर्द व घपला होने का सनसनीखेज खुलासा किया। महाराष्ट्र में वर्ष 2014 में सितंबर-अक्टूबर में विधानसभा चुनाव हुए थे। इसकी अधिसूचना 20 सितम्बर 2014 को लागू …

शीर्षासन की मुद्रा में संघ!

Dr. Ved Pratap Vaidik : शीर्षासन की मुद्रा में संघ… राष्ट्रीय स्वयंसवेक के सरसंघचालक मोहन भागवत के भाषण में मैं तीसरे दिन नहीं जा सका, क्योंकि उसी समय मुझे एक पुस्तक विमोचन करना था लेकिन आज बड़ी सुबह कई बुजुर्ग स्वयंसेवकों के गुस्सेभरे फोन मुझे आ गए और उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मोहन भागवत …

उन्नीस का चुनाव बीजेपी जीत गई तो हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए संविधान संशोधन हो जाएगा! देखें वीडियो

पुलिस महकमें में ऊँचे ओहदे पर तैनात अमिताभ ठाकुर जो विगत में भी लगातार विवादित टिप्पणिया करते रहे हैं, इसी क्रम में इन्होंने कल 28 अगस्त 2014 को फेसबुक महात्मा गाँधी एवं महिला समाज पर बेहद ही आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि बापू “गैर औरतों के साथ नंगे अथवा अन्यथा सार्वजनिक रूप से सोते थे” और महात्मा गाँधी विवाहित और अविवाहित महिलाओ के साथ शारीरिक संबध बनाया करते थे। कल से इस पोस्ट पर तमाम सरकारी और गैरसरकारी लोग राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी पर घिनौनें लेख लिख रहे हैं जिसमें यहाँ तक लिखा गया कि वे गाँधी को अपना राष्ट्रपिता मानने से इनकार करते हैं।

अटलजी के बाद जो बीजेपी शेष है, वह संजय गांधी की ‘गुंडा’ कांग्रेस पार्टी-सी है…

Girijesh Vashistha : अटल जी के निधन के बाद बीजेपी ने जो चाल चरित्र और चेहरा दिखाया है वो शायद नयी बीजेपी की पहचान है. एक के बाद एक कई तरह की चीज़ें सामने आईं जिनसे वो लोग कतई आहत नहीं होंगे और प्रभावित भी नहीं होंगे जो यूथ कांग्रेस के भगवा संस्करण की तरह …

बीजपी लोकसभा में अल्पमत में आ गयी

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डॉ राकेश पाठक
प्रधान संपादक, कर्मवीर

लगातार उपचुनाव हार रही है, अब सहयोगी दल भी छिटक रहे हैं, अगला आम चुनाव आसान नहीं… उत्तर प्रदेश और बिहार की तीन लोकसभा सीटें बीजपी हार गई है। इनमें से दो उसके पास थीं और एक राजद के पास। खास ख़बर ये है कि इन सीटों को गंवाते ही भारतीय जनता पार्टी अकेले अपने दम लोकसभा में सामान्य बहुमत खो बैठी है। गठबंधन के रूप में उसके पास बहुमत फिलहाल बना हुआ है लेकिन सहयोगियों के छिटकना जारी है। ऐसे में अगले साल होने वाले आम चुनाव बीजपी के लिए टेढ़ी खीर साबित होते लग रहे हैं।

भाजपा वालों के झूठ की उमर बस चंद मिनट ही है…

डॉ राकेश पाठक

असत्य और अर्ध सत्य की आधी रोटी पर दाल लेकर भागने वाले अब हर दिन लद्द पद्द औंधे मुंह गिर रहे हैं..लेकिन हद ये है कि बाज फिर भी नहीं आते। राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष के लिये नामांकन भरा तो भाई लोगों को पेट में मरोड़ उठी। मध्य प्रदेश में बीजेपी के मीडिया सेल  “जॉइंट मीडिया इंचार्ज” के सर्वेश तिवारी ने तुरंत फोटो शॉप की शरण गही और गांधी की फोटो की जगह किसी मुगल बादशाह की फोटो चैम्प दी। तिवारी ने अपनी फेसबुक वॉल और तमाम व्हाट्सएप्प ग्रुप्स में ये फ़र्ज़ी फोटो पटक दी और सवाल पूछा कि “राहुल गांधी की फोटो में कौन से महापुरुष दृष्टिगोचर हो रहे हैं..?

पत्रकारों ने चलाया अभियान- मजीठिया नहीं तो भाजपा को वोट नहीं

कांग्रेस औऱ सपा के समर्थन में खड़े हुए कलम के सिपाही… लखनऊ। उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में इस बार पत्रकारों की नाराजगी भाजपा के लिए भारी पड़ सकती है। पत्रकारों के मजीठिया वेज बोर्ड के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 6 माह के टाइम बाउंड फैसला आने के बाद भी उत्तर प्रदेश का श्रम विभाग और श्रम न्यायालय पत्रकारों के प्रति सौतेला व्यवहार कर रहा है। अपनी जायज मांगों को पूरा न होता देख पत्रकारों ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

भाजपाई गुंडों ने दो टीवी पत्रकारों के साथ ये क्या कर दिया.. सुनिए पूरी कहानी…

Chander Mauli Sharma :  शायद अब मैं हिमाचल कभी जाऊँ…. जी हां, हम और हमारी टीम लगातार पिछले एक महीनें से डीपीआर से आज्ञा लेकर चुनावी कवरेज पर थे. सब कुछ अच्छा जा रहा था हिमाचल को बेहद करीब से देखा, जैसा सुना वैसा लगा भी. पर शायद मैं किसी भ्रम में ही था, या शायद कोई बुरा सपना जो परसों रात टूट गया. हम पावंटा साहिब में राहूल की रैली कवर कर के नाहन के लिए निकलें, क्यूँकि वहा भी सीएम राजा वीरभद्र की रैली थी. बहुत अच्छा जा रहा था और हम निकलनें वाले थे कि स्थानिय लोगों से पता चला यहां रात को शराब बंटती हैं. एक गज़ब की स्टोरी हमारे सामने थी, और हम सुबह से उस स्टोरी पर काम करना शुरू भी कर चुके थे।

बीजेपी ही क्यों नैतिकता की दुहाई दे?

Narendra Nath : इस हफ्ते तीन चुनाव हुए। महाराष्ट्र नगरपालिका। और आज गुरुदासपुर लोकसभा और केरल में विधानसभा उपचुनाव। महाराष्ट्र में कांग्रेस पहले से थी और इस बार और बड़े मार्जिन से जीती। गुरुदासपुर लोकसभा बीजेपी के पास थी और विनोद खन्ना यहां से 20 साल से एमपी थे। उनके मरने के बाद चुनाव हुआ। लेकिन सहानुभूति फैक्टर काम नहीं आया और रिकार्ड मतों से कांग्रेस जीत रही। केरल में जिस विधानसभा सीट पर उपचुनाव था वहां मुस्लिम वोट काफी थी। लेकिन बीजेपी ने लव जेहाद का बहुत बड़ा मुद्दा अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की। लेकिन 2016 में वहां तीसरा स्थाान पाले वाली बीजेपी आज चौथे स्थान पर आ गयी। हाल में केरल में किस हाई वोल्टेज बीजेपी ने कैंपेन किया वह सब देख सकते हैं। वहीं इलाहबाद यूनिवर्सिसटी में भी कर देर रात एसपी ने चुनाव जीता।

क्या 2019 में कांग्रेस दे पाएगी भाजपा को टक्कर?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जो खबरें अमेरिका से आ रही है, वे ऐसी हैं, जैसे किसी रेगिस्तान में झमाझम बारिश हो। भारत में जिसे लोग नेता मानने को तैयार नहीं हों, जिसे अखबारों में कभी-कभी अंदर के कोनों में कुछ जगह मिल जाती हो और जिसे लोगों ने तरह-तरह के मज़ाकिया नाम दे रखे हों, वह युवा नेता अमेरिका के बर्कले और प्रिंसटन जैसे विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों और छात्रों को सीधे संबोधित कर रहा हो, यह असाधारण घटनाक्रम है। खास बात यह है कि राहुल की ये खबरें भारतीय अखबारों के मुखपृष्ठों पर चमक रही हैं। जाहिर है कांग्रेस के हताश-निराश कार्यकर्ताओं में इन खबरों ने उत्साह का संचार कर दिया है। राहुल के जिन सहयोगियों ने इस अमेरिका-दौरे की योजना बनाई है, वे बधाई के पात्र हैं। राहुल के भाषणों और उन पर हुई चर्चाओं की जैसी रिपोर्टें छप रही हैं, उनसे जाहिर है कि इस बार कांग्रेस का खबर-प्रबंध सफल रहा है।

‘भारत समाचार’ चैनल की भविष्यवाणी सच साबित हुई, महेंद्रनाथ पांडेय बने भाजपा यूपी के प्रदेश अध्यक्ष

दो रोज पहले भारत समाचार चैनल पर एडिटर इन चीफ ब्रजेश मिश्रा के नेतृत्व में हुई एक महाबहस में बताया गया कि सबसे ज्यादा चांस महेंद्र नाथ पांडेय के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने का है. इस महाबहस में वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी ने महेंद्र नाथ पांडेय को नया अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे बड़ा कारण बताया कि यूपी में अपनी उपेक्षा से ब्राह्मण बहुत नाराज हैं, खासकर पूर्वांचल में. लोकसभा के 2019 में होने वाले चुनाव के लिए ब्राह्मणों को अपने साथ जोड़ कर रखना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है. यही वजह है कि भाजपा नेतृत्व किसी ठीकठाक ब्राह्मण नेता पर दांव लगा सकता है.

जब केजरी पार्टी ‘पीटी’ जा रही थी तो कांग्रेसी उपदेश देते थे, अब कांग्रेसी ‘मारे’ जा रहे तो आपिये आइना दिखाने लगे!

Sheetal P Singh : अनुभवी लोग… अहमद पटेल पर बन आई तो अब बहुतों को लोकतंत्र याद आ रहा है ………आना चाहिये पर शर्म भी आनी चाहिये कि जब बीते ढाई साल यह बुलडोज़र अकेले केजरीवाल पर चला तब अजय माकन के नेतृत्व में कांग्रेसी राज्यपाल के अधिकारों के व्याख्याकारों की भूमिका में क्यों थे? जब एक बेहतरीन अफ़सर राजेन्द्र कुमार को सीबीआई ने बेहूदगी करके सिर्फ इसलिये फँसा दिया कि वह केजरीवाल का प्रिंसिपल सेक्रेटरी था तब भी लोकतंत्र की हत्या हुई थी कि नहीं? जब दिल्ली के हर दूसरे आप विधायक को गिरफ़्तार कर करके पुलिस और मीडिया परेड कराई गई तब भी यमुना दिल्ली में ही बह रही थी! तब कांग्रेसी बीजेपी के साथ टीवी चैनलों में बैठकर केजरीवाल को अनुभवहीन साबित कर रहे थे! अब अनुभव काम आया?

देश को ‘कांग्रेस मुक्त’ करने के मायने

श्रीगंगानगर। कांग्रेस मुक्त भारत। कांग्रेस मुक्त देश। बीजेपी के महापुरुष नरेंद्र मोदी के ये शब्द लगभग 3 साल से मेरे कानों मेँ गूंज रहे हैं। अकेले मेरे ही नहीं और भी ना जाने कितने करोड़ देश वासियों के कानों मेँ होंगे ये शब्द। किसी के कानों मेँ मिठास घोल रहे होंगे और किसी के जहर। इन शब्दों का मायने ना जानने वालों के लिए ये शब्द गुड़ है और जो समझ रहे हैं उनके लिए कड़वाहट है। चिंता भी है  साथ मेँ चिंतन भी।

यूपी में बीजेपी की सियासी बेचैनी : अखिलेश, माया और राहुल मिल कर दे सकते हैं मात!

संजय सक्सेना, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में बीजेपी लगातार जीत का परचम फहराती जा रही है। यूपी में उसकी सफलता का ग्राफ शिखर पर है, लेकिन शिखर पर पहुंच कर भी बीजेपी एक ‘शून्य’ को लेकर बेचैन नजर आ रही है। उसे चुनावी रण में हार का अंजाना सा डर सता रहा है। इस डर के पीछे खड़ी है अखिलेश-माया और राहुल की तिकड़ी, जो फिलहाल तो अलग-अलग दलों से सियासत कर रहे हैं, मगर मोदी के विजय रथ को रोकने के लिये तीनों को हाथ मिलाने से जरा भी गुरेज नहीं है। बीजेपी का डर लखनऊ से लेकर इलाहाबाद तक में साफ नअर आता है। असल में 2014 के लोकसभा चुवाव मे मिली शानदार जीत का ‘टैम्पो’ बीजेपी 2019 तक बनाये रखना चाहती है।

गोरखपुर लोकसभा सीट से बीजेपी शलभ मणि त्रिपाठी को देगी टिकट!

Vikas Mishra : योगी आदित्यनाथ तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए। अब सवाल ये उठ रहा है कि गोरखपुर से सांसद कौन बनेगा। दरअसल सवाल ये उठना चाहिए था कि गोरखपुर से सांसद के उपचुनाव में बीजेपी का प्रत्याशी कौन होगा, लेकिन ये सवाल इस नाते नहीं उठ रहा, क्योंकि गोरखपुर में योगी के उत्तराधिकारी की जीत पक्की है। मेरी राय में तो बीजेपी को गोरखपुर लोकसभा सीट से शलभ मणि त्रिपाठी Shalabh Mani Tripathi को टिकट देना चाहिए। इसकी वजहें भी हैं।

भाजपा : वैचारिक हीनग्रंथि से मुक्ति का समय

उत्तर प्रदेश अरसे बाद एक ऐसे मुख्यमंत्री से रूबरू है, जिसे राजनीति के मैदान में बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। उनके बारे में यह ख्यात था कि वे एक खास वर्ग की राजनीति करते हैं और भारतीय जनता पार्टी भी उनकी राजनीतिक शैली से पूरी तरह सहमत नहीं है। लेकिन उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भारी विजय के बाद भाजपा ने जिस तरह का भरोसा जताते हुए राज्य का ताज योगी आदित्यनाथ को पहनाया है, उससे पता चलता है कि ‘अपनी राजनीति’ के प्रति भाजपा का आत्मदैन्य कम हो रहा है।

यूपी में भाजपा विधायक ने सीओ को धमकाया

यूपी में भारी बहुमत पाने वाली भाजपा की छवि पर पलीता लगाने का काम उसके कुछ नए बने विधायकों ने शुरू कर दिया है. सत्ता के नशे में चूर इन विधायक महोदय को मर्यादा का खयाल नहीं है. इस आडियो में सुनिए एक भाजपा विधायक (सवायजपुर, हरदोई) की सीओ (शाहाबाद, हरदोई) से बातचीत. लोग इस …

एक औघड़ की आह से तबाह होना ही था अखिलेश राज को!

यूपी में रक्तहीन क्रांति पर भड़ास एडिटर यशवंत की त्वरित प्रतिक्रिया- ‘मीडियाकर्मियों का अंतहीन उत्पीड़न करने वाले अखिलेश राज का खात्मा स्वागत योग्य’

Yashwant Singh : यूपी में हुए बदलाव का स्वागत कीजिए. सपा और बसपा नामक दो लुटेरे गिरोहों से त्रस्त जनता ने तीसरे पर दाव लगाया है. यूपी में न आम आदमी पार्टी है और न कम्युनिस्ट हैं. सपा और बसपा ने बारी बारी शासन किया, लगातार. इनके शासन में एक बात कामन रही. जमकर लूट, जमकर झूठ, जमकर जंगलराज और जमकर मुस्लिम तुष्टीकरण. इससे नाराज जनता ने तीसरी और एकमात्र बची पार्टी बीजेपी को जमकर वोट दिया ताकि सपा-बसपा को सबक सिखाया जा सके.

झंडा लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ता को पुलिस ने बुरी तरह पीटा (देखें वीडियो)

उत्तर प्रदेश में बेलगाम पुलिस के जंगलराज का एक और वीभत्स घटनाक्रम सामने आया है. मथुरा में भाजपा के एक जुनूनी कार्यकर्ता प्रदीप बंसल को कृष्णानगर पुलिस चौकी इंचार्ज ने बुरी तरह पीटा. सिर्फ इसलिए कि वे मोटर साइकिल पर भाजपा का और राष्ट्र का झंडा लगा कर घूम रहे थे.

भाजपा का मुद्दा हिन्दू-मुस्लिम पर आकर क्यों अटक जाता है?

…आखिर कब तक काटोगे नफरत की राजनीति की फसल? उत्तर प्रदेश में चुनावी घमासान चल रहा है। वैसे तो कई संगठन चुनावी समर में हैं पर असली मुकाबला सपा-कांग्रेस गठबंधन, बसपा और भाजपा के बीच है। बसपा भापजा पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर उंगली उठा रही है तो सपा सरकार की उपलब्धियां गिना रही है और कांग्रेस केंद्र सरकार की खामियां गिनाकर अपने को साबित कर रही है। इन सबके बीच भाजपा केंद्र में ढाई साल से ऊपर हो जाने के बावजूद भावनाओं का सहारा लेकर वोटों का ध्रुर्वीकरण करने का खेल खेल रही है।