ये चैनल नहीं, आतंकी ब्लॉग हैं.. इसकी हेडिंग लिखने वाले दो टके के लोग देश में आग लगाने को हर वक्त तैयार रहते हैं!

~सिद्धार्थ ताबिश

अख़बार अब ख़बरें नहीं छापते हैं.. चैनल अब खबरें नहीं दिखाते हैं… ये उद्दंड जनता की तरफ़ से बयान देते हैं और उस उद्दंड जनता को बताते हैं कि उसे अपने किसी भी अस्वीकृत कृत्य को कैसे सबके सामने जस्टिफाई करना है.

इस ख़बर की हेडिंग देखिए.. ये यहां की तमाम उद्दंड जनता की तरफ़ से चीन को बता रहा है कि तुम लोग अपने “अल्पसंख्यकों” पर अगर कोई जुल्म करते हो तो हम क्यों नहीं कर सकते हैं? तुमने उईगर मुसलमानों पर ज़ुल्म किया और अब तुम हमको कैसे कह सकते हो? ये अख़बार ये स्वीकार कर रहा है कि “हां हम प्रताड़ित कर रहे हैं अपने अल्पसंख्यकों को, मगर तुम कौन होते हो कहने वाले?”.. बिल्कुल किसी अतिउत्साही फेसबुक यूजर की तरह ये ख़बर लिख रहे हैं.. चीन को जवाब देने के अंदाज़ में.. जैसे जिंग पिंग बैठा इनका जवाब सुन रहा है

भारत की इस समय जो मौजूदा स्थिति है वो सब इन्ही जैसे अखबारों और न्यूज़ चैनल की बनाई हुई है

अब सरकार क्या कर रही है बताइए? अब मौजूदा सरकार पुरानी कांग्रेस के ही नक्शे क़दम पर चल रही है और उसने अब इन मीडिया वालों को निर्देश दिया है कि दंगों और आतंक की खबरें न चलाएं और मिनट मिनट कर अपडेट देना बंद करें.. यही कांग्रेस करती थी तब ये कहते थे कि वो तुष्टिकरण कर रही है.. कभी भी किसी मीडिया को इजाज़त नहीं होती थी कि वो दंगों में हिंदू मुस्लिम शब्द का प्रयोग करे.. किसी को पता न चल पाए कि किसके साइड के कितने मारे गए.. ये देश की शांति के लिए किया जाता था.. अब यही मोदी सरकार कर रही है, अब मीडिया को निर्देश दिया गया है.. अभी तक मीडिया नाम ले ले कर बताता था कि इस इस नाम के लोग मारे गए.. और इसके चक्कर में पूरे देश को इन लोगों ने कश्मीर बनने के कगार पर ला खड़ा किया है

कांग्रेस ने सिख आतंकवाद पर कैसे लगाम लगाई थी? बिना कहीं और किसी दूसरे शहर में देंगे हुवे बिना.. क्योंकि मीडिया पर लगाम रहती थी.. वहां सरकार के किसी भी क्रैकडाउन की कोई ख़बर नहीं दी जाती थी.. क्योंकि जनता को उसे जानने की सच में कोई जरूरत नहीं होती है कि सरकार आतंकवाद को दबाने के लिए कौन सा ऑपरेशन चला रही है

नुपुर शर्मा का सारा मामला इस बेशर्म चैनल की देन है.. इसी चैनल ने वो माहौल बनाया और फिर अब ये लिखता है कि “नुपुर शर्मा की वजह से कुवैत में भारत के प्रोडक्ट का बहिष्कार हो रहा है”.. जबकि इसे लिखना ये चाहिए कि “आजतक की बेवकूफियों की वजह से कुवैत और अन्य जगह भारत के प्रोडक्ट का बहिष्कार हो रहा है”

ये चैनल नहीं, आतंकी ब्लॉग है.. इसकी टाइटल और हेडिंग लिखने वाले बिल्कुल दो टके के फेसबुक ब्लॉगर हैं जो बिना किसी ज़िम्मेदारी के देश में आग लगने को हर वक्त तैयार बैठे रहते हैं



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