Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

चोरी करना पाप नहीं है, केवल समस्या है : कंवल भारती

Kanwal Bharti : “चोरी करना पाप है”, यह हर धर्म ने कहा है. चोरी कौन करता है? चोरी वह करता है, जिसके पास कुछ नहीं होता है. वह चोरी वहां करता है, जहाँ सब कुछ होता है. यह सच उस काल का है, जब सारे संसाधनों पर वर्ग विशेष का कब्ज़ा हो चुका था और कुछ लोगों के पास जिंदा रहने के लिए कुछ भी नहीं बचा था.

Kanwal Bharti : “चोरी करना पाप है”, यह हर धर्म ने कहा है. चोरी कौन करता है? चोरी वह करता है, जिसके पास कुछ नहीं होता है. वह चोरी वहां करता है, जहाँ सब कुछ होता है. यह सच उस काल का है, जब सारे संसाधनों पर वर्ग विशेष का कब्ज़ा हो चुका था और कुछ लोगों के पास जिंदा रहने के लिए कुछ भी नहीं बचा था.

ऐसे हालात में भूखे लोगों ने पेट-भरे लोगों के घरों से कुछ मांगने की कोशिश की होगी. पर उन्हें न काम मिला होगा और न खाने को कुछ अन्न. तब वे अपना पेट भरने के लिए उनके घरों से चोरी ही कर सकते थे. तब धर्म ने व्यवस्था दी कि चोरी करना पाप है. सभी धर्मों ने कहा, बुद्ध ने भी कहा. इसका मतलब क्या है? धर्मों ने संपन्न लोगों के धन-धान्य की ही चिंता की. जबकि चोरी करना पाप नहीं है, एक समस्या है. इसे समस्या के रूप में न धर्मों ने देखा और न राजव्यवस्था ने.

जाने माने दलित चिंतक और साहित्यकार कंवल भारती के फेसबुक वॉल से.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन