ये दूरदर्शन पर काम करने वाला श्रीवास्तव पत्रकार है और याद रखें कि जिस दिन आपका बच्चा कोई वाजिब सवाल उठाएगा, ऐसे नराधम उसे पाकिस्तानी करार दे देंगे!
इस मूर्ख को यह नहीं पता कि दक्षिण एशिया में भारत भी आता है. और इसके बाद जो माफी मांग रहा है, उसमें लिख रहा है कि ‘पर्याय’ (पर्याप्त) जानकारी अभी नहीं मिली है कि ट्विटर हैंडल की लोकेशन ‘बाहर’ की क्यों दिखाई जा रही है. जबकि यह काम उसे ट्वीट पर जहर उगलने से पहले करना था.
यह काम पत्रकार का होता है कि वह पहले वेरिफाई करें और फिर कुछ बोलें या लिखें लेकिन इसने यह काम नहीं किया. किसी भी सभ्य समाज में ऐसे व्यक्ति के लिए जगह नहीं हो सकती है, जो राजनीतिक लाभ के लिए अपने बच्चों को ही निशाना बनाने लगे!
फैक्ट चेक या वेरिफिकेशन जैसी विधा वैसे भी इसकी क्षमता से बाहर की चीज है, वरना यह बार-बार ऐसे काम नहीं कर रहा होता!
This is India's ‘FREE PRESS’ !
He's an anchor on Doordarshan, a central government TV channel. He's always spewing venom. When a child questioned the flaws in the CBSE exam testing, this national channel anchor @AshokShrivasta6 labeled him a P@kistani child. Imagine the mental… pic.twitter.com/38NsVuFfu6
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) May 25, 2026
कितना आसान है न इस सरकार के दौर में अपने हक की आवाज उठाने वाले को फट से पाकिस्तानी कह देना.. एक 17 साल का NEET का स्टूडेंट..जिसने अपनी गलत जांची गयी कॉपी के लिए एक ट्वीट किया तो दूरदर्शन के एंकर अशोक श्रीवास्तव ने उसे पाकिस्तानी साबित करने की पूरी कोशिश की और अब महाशय अपना वो ट्वीट डिलीट करके माफ़ी मांग रहे हैं..
img 8626
इनके चक्कर में उस छात्र को कितनी गालियां मिलीं हैं ये आप सोच भी नहीं सकते..क्या कुछ नहीं कहा गया उसे उसके ट्वीट पर..
बेशर्म हो चुके हैं ये सब के सब सरकारी पत्तेचाटी में..आज नहीं तो कल इन सबका हिसाब किताब होगा..क्यों कि प्रकृति का नियम सबके लिए बराबर है..!
-अतुल तिवारी आक्रोश
अभिषेक वशिष्ठ-
दिल्ली में वेदांत नाम के एक छात्र का ट्वीट X पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे अब तक 2 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। उसकी आईडी की लोकेशन ‘साउथ एशिया’ दिखाने को लेकर उसे जबरदस्त तरीके से ट्रोल किया गया। बाद में उसने अपनी सारी आंसर-की पब्लिक कर दी, जो उसी की थी।
हुआ यह कि वेदांत ने री-इवैल्यूएशन में फिजिक्स की आंसर शीट माँगी, तो जो शीट मिली, वह उसकी नहीं थी! हैंडराइटिंग, अक्षरों का ढंग, स्पेसिंग, झुकाव – सब कुछ अलग था।
इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस की शीट उसके हाथ की है, लेकिन फिजिक्स वाली बिल्कुल किसी और की। परिवार, टीचर – सबने तुरंत कहा: “ये तुम्हारी लिखाई नहीं है!”
फिर सवाल ये है: उसके रोल नंबर पर किसकी आंसर शीट चेक हुई? उसकी मेहनत वाला पेपर कहाँ गया? क्या सीबीएसई के नए OSM सिस्टम में टैगिंग/स्कैनिंग की गलती तो नहीं हुई?
विनय दुबे-
img 8617
Central Board of Secondary Education (CBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर नया विवाद सामने आया है। एक छात्र वेदांत ने आरोप लगाया है कि बोर्ड द्वारा भेजी गई उसकी फिजिक्स की स्कैन आंसर शीट उसकी खुद की नहीं है। छात्र का दावा है कि कॉपी में रोल नंबर तो उसका है, लेकिन लिखावट किसी और की दिखाई दे रही है। इस मामले ने सोशल मीडिया और शिक्षा जगत में बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है।
दरअसल, इस साल CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन “ऑन-स्क्रीन मार्किंग” (OSM) सिस्टम के जरिए किया था। रिजल्ट जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने अपने अंकों को लेकर असंतोष जताया और स्कैन कॉपी मंगाने के लिए आवेदन किया। इसी प्रक्रिया के दौरान वेदांत को अपनी फिजिक्स की स्कैन कॉपी मिली, जिसे देखकर वह हैरान रह गया।
वेदांत ने एक वीडियो जारी कर अपनी इंग्लिश की आंसर शीट दिखाई और कहा कि उसमें उसकी हैंडराइटिंग साफ दिखाई दे रही है। छात्र के अनुसार इंग्लिश में उसे 91 अंक मिले हैं और उस कॉपी में सबकुछ सामान्य लग रहा है। लेकिन जब उसने फिजिक्स की स्कैन कॉपी खोली तो उसे तुरंत शक हुआ कि यह उसकी लिखी हुई कॉपी नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब ABP News की टीम वेदांत के घर पहुंची, तब छात्र ने कैमरे के सामने अपनी बात रखी। उसने कहा, “आंसर शीट के ऊपर मेरा रोल नंबर जरूर है, लेकिन नीचे जो हैंडराइटिंग है वो मेरी नहीं है। कोई भी देखकर बता सकता है कि ये किसी और की कॉपी है। हम लोग पूरे साल मेहनत करते हैं और अगर कॉपियां ही बदल जाएं तो हमारे नंबर कहां जाएंगे?”
छात्र ने कहा कि फिजिक्स में उम्मीद से कम अंक आने के कारण उसे पहले से ही संदेह था। इसी वजह से उसने केवल फिजिक्स ही नहीं बल्कि मैथ्स, कंप्यूटर साइंस और इंग्लिश की स्कैन कॉपी भी मंगवाई थी। उसके अनुसार CBSE की ओर से उसे एक ईमेल मिला जिसमें चारों विषयों की स्कैन कॉपी देखने के लिंक दिए गए थे।
वेदांत का कहना है कि उसने पूरे मामले को लेकर CBSE को ईमेल भेजा है और अपनी असली फिजिक्स आंसर शीट की दोबारा जांच की मांग की है। उसने बोर्ड से OSM टैगिंग और स्कैनिंग प्रक्रिया का ऑडिट कराने की भी अपील की है। छात्र का कहना है कि अगर स्कैनिंग या टैगिंग में गलती हुई है तो इससे कई छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई छात्रों और अभिभावकों ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डिजिटल स्कैनिंग और ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
हालांकि अभी तक Central Board of Secondary Education की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बोर्ड सूत्रों का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है और यदि किसी तरह की त्रुटि सामने आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में सरकार ने CBSE पुनर्मूल्यांकन पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए Indian Institute of Technology Madras और Indian Institute of Technology Kanpur के विशेषज्ञों को भी शामिल किया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या निकलकर सामने आता है और छात्र को न्याय मिलता है या नहीं!
मोदी सरकार के भ्रष्ट सिस्टम ने अब CBSE बोर्ड के छात्रों को तगड़ी चोट दी है।
• CBSE बोर्ड के छात्रों ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM, सुस्त पोर्टल और आंसर शीट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया है
• छात्रों का कहना है- OSM के कारण उन्हें परीक्षा में नंबर उम्मीद से काफी कम आए… pic.twitter.com/NiXDugeKgL