
विवेक शुक्ला-
बीते दो दिनों में करीब 14 विधान सभा सीटों में घूमना हुआ। साथ मिला टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के मशहूर फोटो जर्नलिस्ट कमल जीत जी का। चांदनी चौक, शाहदरा, विश्वास नगर, कस्तूरबा नगर, नई दिल्ली, गांधी नगर, ओखला, जंगपुर, राजौरी गार्डन वगैरह में घूमे। दर्जनों लोगों से मिले। बातें हुईं। वे किसके हक में वोट दे सकते हैं, जानने की कोशिश की।
पहले बात कांग्रेस की। कांग्रेस नई दिल्ली, ओखला, जंगपुरा और कस्तूरबा नगर में खूब मेहनत से लड़ी। कस्तूरबा नगर में अभिषेक दत्ता सबसे आगे हैं। उनकी अच्छी इमेज है। वे जीत भी सकते हैं। ओखला में घमासान मचा रहा। इधर आप के अमानत की पेशानी से ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार और कांग्रेस की अरीबा खान ने पसीना निकाल दिया। अरीबा को जीत का भरोसा है। पढ़ी लिखी लड़की है। ओखला के तिकोना पार्क के पास कुछ नौजवानों से बात हुई। वे भी कांग्रेस के साथ थे। दिल्ली असेंबली में अरीबा जैसे नेता जाने चाहिए।
कुछ सीटों में कांग्रेस का झंडा तक नहीं दिखा। इनमें विश्वास नगर और शाहदरा शामिल हैं । शाहदरा से आप के उम्मीदवार शंटी हैं। पहले भी MLA रहे हैं। मेरे बाल सखा हैं।
चांदनी चौक में कांग्रेस के मुदित अग्रवाल बाकी से आगे लग रहे हैं। इधर आप के निवर्तमान विधायक प्रहलाद साहनी से जनता नाराज़ लगी। विश्वास नगर और शाहदरा में आप और भाजपा ही हैं। कृष्णा नगर में गुरचरण सिंह राजू ने खूब खर्चीला प्रचार किया। राजू कांग्रेस के पुराने नेता हैं।
पहली नज़र में लगता है कि आप बाकी से आगे है। सस्ती बिजली और डीटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा से आप को एक खास तबके के थोक के भाव से वोट मिलेंगे।

नेता जी नगर के करीब एक चाय की दुकान चलाने वाली महिला कृष्णा और उसकी सहेली दीपा कहने लगीं, हम सब आपके साथ हैं। मुफ्त में यहां डीटीसी की बसों में आते हैं। काम के बाद घर वापस डीटीसी बसों में। नई दिल्ली और जंगपुरा में कई लोग कह रहे हैं कि केजरीवाल और सिसोदिया हार सकते हैं। किस से? ये कोई नहीं बताता। अगर ये हारे तो जरा सोचिए क्या होगा!
बीजेपी ने इस बार बहुत कसकर प्रचार किया। बीजेपी हर सीट पर पहले या दूसरे स्थान पर नजर आ रही है। बीजेपी को पंजाबी, वैश्य और मिडिल क्लास पर भरोसा है। बीजेपी ने JJ कॉलोनियां में भी खूब ध्यान दिया है। मुझे लगता है कि पटपड़गंज सीट बीजेपी के रवींद्र नेगी जीत रहे हैं।
एक बात कहनी होगी कि सारी दिल्ली में नागरिक सुविधाओं का अभाव देखा जा सकता है। लोगों को साफ पानी तक नसीब नहीं है। सड़कों का हाल बेहाल है।


