धर्मेंद्र के निधन पर बिना पुष्टि किए फेक न्यूज़ फैलाकर भारतीय मीडिया और उसके धुरंधरों ने एक बार फिर साबित किया है कि वह अपना कान चेक करने की बजाय कौए के पीछे भाग खड़े हुए। मीडिया ने इस कदर फर्जी खबरें परोसी कि धर्मेंद्र के परिवार को सामने आकर सोशल मीडिया के माध्यम से तमाम फर्जीवाड़े का खंडन करना पड़ा। मतलब हद ही है सूत्रों की… नीचे पढ़ें
खुशदीप सहगल-
एक बार फिर मेनस्ट्रीम मीडिया ने रद पिटवा ली है. इंडिया टुडे, टाइम्स ऑफ इंडिया, ज़ी न्यूज़, ऑल इंडिया रेडियो समेत कई मीडिया हाउसेज़ ने आज सुबह अभिनेता धर्मेंद्र के निधन की ख़बर जारी कर दी…
सुबह साढ़े नौ बजे धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने इंस्टाग्राम पर मीडिया को चेताते हुए लिखा कि झूठी ख़बर न फैलाएं, उनके पिता स्टेबल हैं और उनमें सुधार हो रहा है, हमारे परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें…
तो क्या मीडिया ने धर्मेंद्र के परिवार से पुष्टि किए बिना ही उनके निधन की ख़बर फैला दी…
हो सकता है मीडिया को ब्रीच कैंडी अस्पताल के स्टाफ में से किसी ने जानकारी दी हो. लेकिन मीडिया में जब मैं था तो निधन के मामले में जब तक घर का, या ऑफिशियल टीम से कोई पुष्टि न कर दे, तब तक ऐसी ख़बर जारी नहीं की जाती थी…
इशा देओल के स्टेटमेंट के बाद, जिन मीडिया हाउसेज ने निधन की ख़बर दी थी, अपनी ख़बर को बदल दिया…अब कहने लगे धर्मेंद्र स्टेबल हैं…
कहते हैं जिसके बारे में निधन की झूठी ख़बर फैल जाए, उसकी उम्र और लंबी हो जाती है. मेरी प्रार्थना है धर्मजी के साथ भी ऐसा हो…
जब तक धर्मजी के परिवार से कोई पुष्टि नहीं करता तब तक किसी ख़बर पर यकीन मत कीजिए…
एक संभावना ये भी हो सकती है जो मैं चाहता हूं ग़लत निकले. वो ये कि धर्मेंद्र की दो बड़ी बेटियों, अजेता और विजेता, के अमेरिका से मुंबई पहुंचने का इंतज़ार किया जा रहा हो, उसके बाद धर्मेंद्र के परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाए…
मुझे इस मामले में इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को मौत वाला वाकया याद आता है. तब राजीव गांधी कोलकाता में थे, वो जब दिल्ली पहुंच गए तभी इंदिरा गांधी की मौत की आधिकारिक पुष्टि की गई…
आइए धर्म जी की स्पीडी रिकवरी के लिए सब प्रार्थना करें…
हेमा मालिनी की पूरी प्रतिक्रिया यहां पढ़ें….
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