पहले यश मेहता को गालियां दी, नौकरी से निकाला गया तो भड़ास पर खबर छपने के कारण यशवंत को गालियां दे रहा

Yashwant Singh :  कल रात एक बंदे ने मुझे फोन किया और बिना नाम पहचान बताए धाराप्रवाह माकानाका करने लगा यानि गालियां बकने लगा. खूब दारू पिए हुए लग रहा था. उससे मैं पूछता रह गया कि भाई साब आप कौन हैं, क्या समस्या है.. पर वो सिवाय गाली बकने के दूसरा कोई काम नहीं कर रहा था, न सुन रहा था, न सवालों का जवाब दे रहा था. वह सिर्फ गालियां बकता जा रहा था. फोन कटा तो मैं हंसा. उस बंदे का नंबर फेसबुक पर डाला और फेसबुकिया साथियों से पता लगाने को कहा कि ये कौन शख्स है, जरा काल कर के इससे पूछें.

Divya Ranjan

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एफबी वाले कितने मित्रों ने पूछा, ये तो नहीं पता लेकिन ढेर सारे साथियों ने उसी के अंदाज में उस गालीबाज शख्स को फोन कर उसकी धुलाई की. मीडिया और पुलिस के कई साथियों को इसका नंबर देकर पता लगाने को कह दिया कि इस नंबर से गाली बकने वाले का नाम पता लोकेशन आदि सर्विलांस के जरिए पता करें व बताएं. सुबह होते-होते सब पता चल गया. आज सुबह मालूम हुआ कि ये शख्स ‘दिव्य रंजन’ नामक प्राणी है जो कभी ‘4रीयल न्यूज’ चैनल में पीसीआर में सेवारत हुआ करता था. वहां के तत्कालीन सीईओ यश मेहता के साथ ऐसी ही ओछी व गाली-गलौज वाली हरकत इसने की थी. तब यश मेहता ने इसके खिलाफ नोएडा में एफआईआर दर्ज कराई और नौकरी से बाहर कर दिया. सीईओ को फोन पर गरियाने, धमकाने आदि से संबंधित एफआईआर की खबर मय दस्तावेज भड़ास पर छपी थी. ये बात इसी साल अप्रैल की है. संबंधित खबर का लिंक ये http://goo.gl/Cq4ozm है, इस पर क्लिक करें और पढ़ें.

भड़ास पर छपी इसी खबर के कारण वह बंदा चिढ़ा हुआ था और करीब चार महीने बाद उसकी चिढ़न कल रात अचानक सतह पर आ गई. उसने मुझे बतौर खलनायक अपने मन-मस्तिष्क में पेंट किया और दिल में छुपा रखी महीनों पुरानी खुन्नस को सामने ले आया. इसी क्रम में उसने नशे की अधिकता में फोन मिलाया और गालियां बकने लगा. हालांकि भड़ास पर छपी खबर में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसका कोई कम अक्ल पत्रकार भी बुरा माने. अगर किसी के खिलाफ कोई एफआईआर हुई है तो उस एफआईआर की कापी के साथ खबर छापने में कोई गलत बात नहीं. यह एक रुटीन किस्म की खबर है. इसमें आहत करने होने जैसी कोई बात ही नहीं है. पर इस खबर के कारण अगर खबर में उल्लखित कोई आरोपी खार खा जाए, कुंठित हो जाए, रिएक्ट करने लगे और दुबारा वही हरकत करे जिसके कारण वह खबर का हिस्सा बना था तो उसे पत्रकार हरगिज नहीं माना जा सकता. वह प्रोफेशनल क्रिमिनल माइंडसेट रखने वाला शख्स माना जाएगा.

ऐसे लोगों का क्या इलाज है? अब सुबह से इस प्राणी को फोन कर रहा हूं तो यह फोन नहीं उठा रहा. ऐसे लोग रात में दारू की उर्जा में स्कोर सेटल करने बैठते हैं. वैसे, सच कहूं तो कुछ-कुछ मेरी तरह का लगता है ये दिव्य रंजन नामक प्राणी. बस एक बड़ा फर्क यह है कि अपन ने कभी नाम पहचान छिपाकर किसी से बदतमीजी नहीं की. जिससे भी बुरी या खरी बात कही तो पहले नाम पता परचिय बताया उसके बाद सुनाया या समझाया. दूसरी बात ये कि अपन कभी छोटे मोटे मसलों को लेकर रिएक्ट नहीं हुए. ज्यादातर मामलों को इगनोर किया, चित्त से देहि उतार के अंदाज में. फिर भी, मैंने भी मदिरापान करके ढेर सारे कांड और कुकृत्य किए हैं, इससे इनकार नहीं. पर जो नाम पहचान छुपाकर और बिना कारण बताए गाली गलौज करने लगे उसे मैं ओछा व महाकुंठित प्राणी मानूंगा. अबे दम है तो पहले नाम पता बताओ, फिर जो कहना है कहो. वैसे मदिरा मस्त विभाग में एक ऐसा रोग है, जो महाकुंठित लोगों को हो जाया करता है. वो ये कि ऐसे लोग पीते ही अथाह उर्जा से खुद को लैस पाते हैं और इसी ताव में कुछ ही देर में विवेक शून्य हो जाते हैं. फिर इन्हें एहसास नहीं होता कि ये क्या कह रहे, क्या कर रहे.

ऐसे लोगों से जब आप सुबह बात करने की कोशिश करेंगे तो ये बात नहीं करेंगे, आंखें नीची किए रहेंगे, आमना-सामना करने से कतराएंगे. यह एल्कोहलिक एब्यूज और डिसार्डर भारत में काफी कामन है. ऐसे मेंटल स्टेट में ढेर सारे अपराध घटित हो जाया करते हैं. सुबह जब दिव्य रंजन ने फोन नहीं उठाया तो उसे मैसेज करके बता दिया कि तुम्हारा नाम पहचान करतूत सब पता है और तुमने रात में जो किया है वह अक्षम्य है, लेकिन अगर तुम्हें गल्ती का एहसास तनिक भी हो तो क्षमा मांग लो, मेरा दिल बहुत उदाहर है, माफ कर दूंगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो लीगल प्रक्रिया में मुझे जाना पड़ेगा. मजेदार है कि दिव्य रंजन मेरे फेसबुक फ्रेंड भी हैं : उनका फेसबुक प्रोफाइल और तस्वीर यहां दे रहा हूं… मैं हमेशा से मानता रहा हूं कि लिखने पढ़ने वाले बरास्ते पुलिस से बात नहीं करते, कलम के जरिए बात करते हैं. इसी कारण पूरे घटनाक्रम को यहां लिख रहा हूं. अगर पुलिस में जाना होता तो अभी तक एफआईआर करा चुका होता. लेकिन किसी की भी एक दो गल्तियां माफ की जानी चाहिए. खासकर तब जब वह घोड़े पर सवार होकर हवा से बात करने वाली दारूबाजी की स्थिति में हो.

दिव्य रंजन को देर सबेर अपने एल्कोहलिक व्यवहार का इलाजा कराना पड़ेगा अन्यथा ये जीवन में कभी बड़ा गड़बड़ कर बैठेगा जिसके चलते उसे पूरे जीवन पश्चाताप करना होगा. इसलिए मैं दिव्य रंजन से अनुरोध करूंगा कि वह नार्मल स्थितियों में बात करे और अपनी बात रखे. अगर उसे भड़ास से कोई शिकायत है, मेरे से कोई शिकायत है तो लिखकर भेजे, उसके पक्ष को प्रमुखता से भड़ास पर प्रकाशित किया जाएगा. भड़ास इसीलिए जाना जाता है कि यह निष्पक्ष मंच है, एकपक्षीय मंच नहीं है. अगर हम गल्तियां करते हैं तो उससे सबक लेते हैं और उसका परिमार्जन भी प्रकाशित करते हैं. सभी के जीवन में उतार चढ़ाव आता है और सभी हालात से निपटने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हैं. पर कई साथी मुश्किलों चुनौतियों को फेस करने की जगह नकारात्मक दृष्टिकोण लिए अतीतजीवी हो जाते हैं. इस अतीतजीविता में सिवाय डिप्रेशन, तनाव, कुंठा, विवाद के कुछ मिलता नहीं है. खैर, यहां काफी लंबा भाषण हो गया लेकिन यह सब लिखना जरूरी था ताकि मेरे दिल दिमाग पर कोई बोझ न रहे और सब कुछ ट्रांसपैरेंट रहे. दिव्य रंजन के लिए मेरी शुभकामनाएं हैं. वो खुद को संभालें, सफल हों, यह कामना है. दिव्य रंजन का फेसबुक प्रोफाइल लिंक ये https://www.facebook.com/dibya.ranjan.792 है.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से. इसी मामले पर यशवंत की शुरुआती पोस्ट यूं है…

Yashwant Singh : +917870199133 Es number se ek aadmi makanaka kar raha hai. Apna naam pehchaan bhi nahi bata raha. Chhup ke gaali dene wala ye shakhs kaun ho sakta hai? Vigyaan aawo kar ke dekhen Aap bhi lagiye zara aur apna feedback dijiye. Ek call aapki taraf se en bhayi saab ko banta hai na.. — feeling excited.

इस पोस्ट पर आए कुछ कमेंट इस प्रकार हैं…

UmaShanker Sharma यह फोन अभी गया बिहार के आस पास कही है बाकी सुबह पुलिस में एक कम्प्लेंट डालिए , बाकी वो सम्भाल लेगी

Yashwant Singh Subah police mei jaana hi hai. Tab tak raat ka aanand liya jaaye..

UmaShanker Sharma कोई फायदा नहीं इन उच्चको के मुह लगने का ये सब अपने माता पिता की ग़लतफ़हमी से इस धरती पे आ गए हैं

Shekhar Subedar Great Yashwant Singh ji .Bilkul banta hai.

Arsh Vats Sahb ye kh rha h danish bol rha hu isko alankaar lga diye h bhut ab phn nhi utha rha msg kar diye h bhut sare or sewa btyo sirSee Translation

Ashok Aggarwal स्विच आफ जा रहा है अब ? शायद फट गई ….

Pradeep Sharma दादा अगर इस नंबर वाले को गाली देने की छुट दे तो में कर सकता हू अपनी जुबान भी जरा साफ़ हो जायेगी…..आज्ञा दे दादा..

Prashant Mishra are good ,bahut din se kisi ki gariyaye nhi hai…

Mukesh Gairola KYa aap bhi hamre ley aise taiyar rhengy ?

Anurag Singh Mob.switched off……

Punit Bhargava bihar-jharkhand circle ka number hai

Gyanesh Tiwari Busy ja raha hai. Shayad kayi log ek saath try kar rahe honge.

Vikash Kumar Gupta ha ha iska no. to switch off ja raha hain

Prashant Mishra shubham v.c. to mila nhi.esi sale ko gariaao……abhi sala off aa rha..See Translation

Pradeep Sharma ऑफ़ आ रहा है नंबर दादा..

Prashant Singh Bhaiya meri awaz unko pasand nahi kutch bol hi nahi rahe. waise mai puri rat jaga hi hu check karta rahungaSee Translation

Gyanesh Tiwari Number on hai. Koi uthaya tha lekin bol nahi raha hai.

Yashwant Singh Jab bhi number on ho, en bhayi saab ko phone kariye. Baaki servilance ki sewaaye lene ki taiyaari hai. Jald hi mahashay ko saamne le aata hu.

Shubham Pandey Hum bhi try kiye. Waisa hi mann mera hai. Frustiyaaye huye hai tab se yaar. Gariyaya jaaye saale ko kuttu smjh ke hi Prashant Mishra

Yashwant Singh Number on hai. Busy bata raha hai. Mai bhi try kar raha. Aap sabhi bhi kariye. Gaali do lekin naam pehchaan ke saath. Chhupa khel pasand nahi aata apan ko.

Pradyumna Yadav एक धक्का गाली-गलौज हुयी है । उसका पूरा खानदान किये है । ससुरा , दांत चियार रहा था । बहुत बेहया लगता है ।

Yashwant Singh Pradyumna Yadav ha ha ha … Wo bhi sochega kaha fas gaya

Ashok Aggarwal मुझे लगता है उसे ये न0 बन्द करना पडेगा वो सोच रहा होगा पडी लकडी ले ली….

Kamal Kumar Singh हम एक ठो उससे बात पूछे, उसके बाद वो भड़क गया। नंबर सदाबहार मनोरंजन का साधन है ये। मजे लिजिए समय समय पर सब।

UmaShanker Sharma यशवंत भाई, गुस्ताखी के लिए अग्रिम माफ़ी उसके लिए क्या है वो तो निर्लज्ज होगा , लेकिन अपने तो निर्लज्ज नहीं न हो सकते अपनी जुबान काहे को कडवी करे इन सब को ट्रेस आउट करने में पुलिस को केवल चार घंटे लगते हैं, और थोड़ी पहचान हो तो ६ घंटे में गिरफ़्तारी भी हो जाती है सामने आएगा तो उसके समझ में आ जायेगा के अगले तीन पीढियों को ये समझाना है के ऐसा काम नहीं करने का

Yashwant L Choudhary मैंने तो कुछ सुना ही नहीं, फोन उठाते ही अपनी पूरी भड़ास निकाल दी, फोन ही काट दिया मेरा

Yashwant Singh UmaShankar Sharma bhayi. Aap se sahmat hu. Kal din mei ho jaayega kaam. Lekin raat mei kyu karen aaraam

Aman Singh Yah sala kisi bikau mediahause ka pilla hoga..

मुकेश कुमार http://www.truecaller.com/in/7870199133

Alpna Chauhan Hahaha…thakur shab k sath prani n ye vyabhar kiya h kya isko chor diya jaye?

Gyanesh Tiwari Diya hoon khaane bhar ko. Saala palat ke gaali bak raha hai. Subah iska ilaaj hona hi chahiye.

Yashwant Singh Mere paas abhi uska phone aaya. Bol raha hai ki dusro se gaali dilwa rahe ho.. es sadachaari pe to mar mar jaawan.

Gyanesh Tiwari Hahahaha… Jo bhi hai, bahut bada wala patit hai…

Syed Shakeel Good hai boss …..kamaal hai ap bhi wo ek apke pochhe laga tha apne ek hajar log uske pichhe laga diye ….uski to maa ka ho gaya saki nakaSee Translation

Abdul Noor Shibli Oo kaisa besharm hai re bhai…..

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Comments on “पहले यश मेहता को गालियां दी, नौकरी से निकाला गया तो भड़ास पर खबर छपने के कारण यशवंत को गालियां दे रहा

  • शशिकांत सिंह says:

    यशवंत जी इस शख्स के खिलाफ थाना गाजी पुर दिल्ली में माह मई में गाली गलौच का एक मामला दर्ज हो चुका है…जिस पर लगातार दिल्ली पुलिस लगी हुई है….लेकिन इस बिहारी का लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रहा है….बाकी इंतजार हो रहा है…कभी तो मिलेगा…मार के वहीं भेज दिया जाएगा जहां से आया है..।

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