निर्मल कांत शुक्ल-
उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत से बड़ी खबर है। भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता गुट के प्रदेश सचिव बलजिंदर सिंह ने पीलीभीत के जिलाधिकारी को ही खुलेआम धमकी दे डाली। डीएम के ओएसडी से सीयूजी फोन पर बोले, “पूरनपुर मंडी में डीएम आए तो घेर घेरकर मारूंगा।”
किसान नेता ने धमकी के बाद फोन की रिकॉर्डिंग का ऑडियो खुद ही सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल ऑडियो से स्थानीय अभिसूचना इकाई एलआईयू ने फौरन एसपी को अवगत कराया। एसपी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया।
एसपी के आदेश पर तत्काल ओएसडी की तहरीर पर किसान नेता के विरुद्ध पूरनपुर कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब धमकी देने वाला किसान नेता जेल की सलाखों के पीछे है।

जिलाधिकारी के ओएसडी आशुलिपिक नरेश वर्मा ने थाना कोतवाली पूरनपुर में दी तहरीर में कहा कि 6 अप्रैल 2026 को समय शाम लगभग 5 35 बजे जब जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित गांधी सभागार में पशुपालन विभाग की एवं इन्फ्लुएंजा वर्ल्ड फ्लू की रोकथाम हेतु वर्ल्ड फ्लू टास्क फोर्स की बैठक चल रही थी, तभी जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर 89233 742 33 से एक कॉल आई। जिलाधिकारी बैठक में होने के कारण सीयूजी नंबर उनके ओएसडी के पास था।
फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम बलजिंदर सिंह बताया। बात करते करते एकदम धमकी देने लगा। बोला, जिलाधिकारी पीलीभीत को बता देना कि उन्हें घेर घेर कर मारेंगे। उसके बाद पुनः कहा कि अगर पूरनपुर मंडी में आ गए तो उन्हें घेर के मारेंगे। चाहें एफआईआर दर्ज करा दें। समस्त प्रकरण को तत्काल जिलाधिकारी को बैठक के दौरान ही अवगत कराया गया। बलजिंदर सिंह ने जिलाधिकारी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने तथा जन सामान्य को प्रशासन के विरुद्ध भड़काने के उद्देश्य से ऑडियो वायरल कर दिया।
आरोपी के बारे में मंडी के अधिकारियों से जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि दूरभाष संख्या 892 3374233 से धमकी देने एवं ऑडियो वायरल करने वाला व्यक्ति बलजिंदर सिंह पुत्र चंचल सिंह निवासी ग्राम मुझाकलां थाना पूरनपुर का निवासी है।
तहरीर के अनुसार जिस समय बलजिंदर सिंह का फोन आया था, उस समय नरेश वर्मा के पास जिलाधिकारी की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मी गुरजीत सिंह एवं गनर के रूप में तैनात धर्मवीर यादव व कृष्ण पाल सिंह, अर्दली देवकीनंदन भी उपस्थित थे, जिन्होंने बलजिंदर सिंह द्वारा कहे गए अपशब्दों को सुना।
पीड़ित नरेश वर्मा की तहरीर पर पूरनपुर कोतवाली पुलिस ने बीएनएस की धारा 352 व 351 2 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि अभियुक्त बलजिंदर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अभियुक्त स्वयं को किसान यूनियन अन्नदाता गुट का प्रदेश सचिव बताता है।
क्या है पूरा मामला

पूरनपुर मंडी में गेहूं की खरीद प्रक्रिया सुस्त चलने और किसानों को आ रही समस्याओं को लेकर बलजिंदर सिंह काफी आक्रोशित थे। वे इस संबंध में जिलाधिकारी से सीधे बात करना चाहते थे। उन्होंने डीएम के सरकारी नंबर पर कॉल किया, लेकिन उस वक्त जिलाधिकारी एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे, जिसके कारण फोन उनके पीए ने उठाया। पीए ने जब यह कहा कि साहब अभी मीटिंग में हैं, फ्री होकर बात करा देंगे, तो बलजिंदर सिंह अपना आपा खो बैठे। उन्होंने फोन पर ही चिल्लाना शुरू कर दिया और बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। वायरल हो रहे ऑडियो में वे यह कहते सुने जा रहे हैं कि डीएम पीलीभीत अगर पूरनपुर मंडी में दिख गए तो घेर घेर के मारूंगा, एफआईआर करानी है तो करा दो, रिकॉर्डिंग करनी है तो कर लो, मैं डरने वाला नहीं हूं।
धमकी के पीछे का तर्क
मामला चर्चा में आने के बाद जब बलजिंदर सिंह से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पीछे हटने के बजाय अपने रुख को सही ठहराया। उन्होंने फोन पर स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने किसानों के हित के लिए यह धमकी दी है। उनका आरोप है कि मंडी में किसान लुट रहा है, गेहूं की तुलाई नहीं हो रही है और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
डीएम ने की आरोपी से बात
इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद, जिलाधिकारी ने स्वयं बलजिंदर सिंह से बात की और उन्हें मंडी में गेहूं की सुचारू खरीद का आश्वासन दिया। हालांकि, एक संवैधानिक पद पर बैठे बड़े अधिकारी के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकारी कार्य में बाधा डालने और लोक सेवक को धमकाने के इस मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।


