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डीएनए इंग्लिश अखबार नहीं झेल सका अमित शाह के खिलाफ राणा अय्यूब का लेख, वेबसाइट से डिलीट किया, सोशल मीडिया में आक्रोश

नयी दिल्‍ली : मशहूर पत्रकार राणा अय्यूब के लेख को डीएनए न्‍यूज पेपर की वेबसाइट से हटाये जाने को लेकर सोशल मीडिया में जोरदार हंगामा शुरू हो गया है. कहा जा रहा है कि भारत में सभी को बोलने का अधिकार दिया गया है. राणा के लेख को दबाया जाना अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को चुनौती देना है. इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने भी न्‍यूज पेपर की आलोचना की है.

नयी दिल्‍ली : मशहूर पत्रकार राणा अय्यूब के लेख को डीएनए न्‍यूज पेपर की वेबसाइट से हटाये जाने को लेकर सोशल मीडिया में जोरदार हंगामा शुरू हो गया है. कहा जा रहा है कि भारत में सभी को बोलने का अधिकार दिया गया है. राणा के लेख को दबाया जाना अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को चुनौती देना है. इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने भी न्‍यूज पेपर की आलोचना की है.

गौरतलब हो कि भाजपा के नये अध्‍यक्ष नरेंद्र मोदी के खास माने जाने वाले अमित शाह को लेकर एक न्‍यूज पेपर ने आलोचनात्‍मक लेख का प्रकाशन किया था. डीएनए न्‍यूज पेपर ने भाजपा के नये अध्‍यक्ष पर टिप्‍पणी करते हुए ”a new low in indian politics” शीर्षक से लेख का प्रकाशन किया था. इस लेख को महिला पत्रकार राणा अय्यूब ने लिखा है. राणा अय्यूब ने भारत की नयी नरेंद्र मोदी सरकार और नये अध्‍यक्ष अमित शाह को लेकर आलोचनात्‍मक लेख लिखा था.

इस लेख को डीएनए न्‍यूज पेपर में शुक्रवार को प्रकाशित किया गया था. न्‍यूज पेपर ने अचानक खबर को अपने वेबसाइट से हटा दिया. इससे पत्रकार राणा काफी नाराज हो गयीं. उन्‍होंने अंग्रेजी न्‍यूज पेपर टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि उन्‍होंने डीएनए न्‍यूज पेपर को लेख हटाने के लिए कोई भी न्यायोचित अधिकार नहीं दिया है. उन्‍होंने इस पर टिप्‍पणी करते हुए ट्वीट भी किया. गौरतलब हो कि राणा इस न्‍यूज पेपर के लिए अप्रैल 2014 से लिख रही हैं.  समाचार पत्र के कर्मचारियों में से कुछ के अनुसार लेख को शीर्ष प्रबंधन के आदेश के अनुसार नीचे ले जाया गया. न्‍यूज को हटाने के पीछे हवाला दिया गया कि, खबर का शीर्षक कठोर है.

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