आशीष कुमार सिंह-
भारत में क्रिप्टोकरेंसी, डेटा सेंटर और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर हो रहे घोटाले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन स्कैम्स का सीधा लिंक दुबई से जुड़ा हुआ है। बिना किसी सरकारी अनुमति के ये ठगी पूरे देश में फैली हुई है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय निवेशकों की मेहनत की कमाई USDT के माध्यम से दुबई भेजी जा रही है।






दुबई से ऑपरेट हो रहा है महाघोटाला
आरबीआई और ईडी की सख्ती के बावजूद, भारत में बिना किसी वैध लाइसेंस के क्रिप्टो और फॉरेक्स स्कैम धड़ल्ले से चल रहे हैं। USDT (टेदर) जैसी डिजिटल करेंसी के इस्तेमाल के कारण ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल हजारों करोड़ रुपये इसी के माध्यम से दुबई ट्रांसफर किए जाते हैं, लेकिन जब निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं मिलती, तो ये कंपनियां अचानक गायब हो जाती हैं और उनके मालिक दुबई भाग जाते हैं।


ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह भारत को लूट रहे हैं महाठग
इतिहास में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत को लूटा था, लेकिन अब लविश चौधरी, राशिद नसीम, अनिल यादव जैसे ठग क्रिप्टो, डेटा सेंटर, और फॉरेक्स के नाम पर भारतीयों को अरबों का चूना लगाकर दुबई में ऐश कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि इन जालसाजों को भारत वापस लाने में सरकार को कितना समय लगेगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा “मैं देश नहीं झुकने दूंगा, मैं देश नहीं लुटने दूंगा” पूरे देश में गूंजता है, लेकिन इन ठगों पर लगाम कब लगेगी?
दुबई सरकार और इस्लामिक सिद्धांतों पर सवाल
दुबई सरकार और वहां के शेखों को भी इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए। इस्लाम में ठगी और जालसाजी को बड़ा गुनाह माना जाता है, फिर भी ऐसे अपराधी दुबई में खुलेआम घूम रहे हैं। अगर दुबई खुद को ईमानदार बिजनेस हब मानता है, तो उसे इन घोटालेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
बॉलीवुड सेलिब्रिटीज की नैतिकता पर सवाल
सबसे चिंताजनक बात यह है कि बॉलीवुड और खेल जगत की कई मशहूर हस्तियां इन स्कैम कंपनियों का प्रमोशन कर रही हैं। हाल ही में ब्लैक पैंथर 6.2 नामक इवेंट में लविश चौधरी ने बॉलीवुड सितारों को बुलाकर अपनी ठगी को वैधता दिलाने की कोशिश की। इस इवेंट में हरभजन सिंह, शरमन जोशी, गुरु रंधावा, मलाइका अरोड़ा, मौनी रॉय, इमरान हाशमी, अमीषा पटेल, उर्वशी रौतेला जैसी कई हस्तियां शामिल हुईं।
क्या ये सेलिब्रिटीज निवेशकों की जिम्मेदारी लेंगे?
इन कलाकारों की बड़ी फैन फॉलोइंग है, और आम लोग इनके प्रचार को देखकर इन कंपनियों में निवेश कर देते हैं। लेकिन जब पैसा डूब जाता है, तो क्या ये सेलिब्रिटीज जिम्मेदारी लेते हैं? ऐसे कई उदाहरण हैं जहां प्रचार के बाद स्कैम हुआ, लेकिन ब्रांड एंबेसडर बने सितारे कभी जवाबदेही नहीं लेते।
भारत में कभी नहीं रहा इन कंपनियों का कोई ऑफिस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घोटालेबाज सिर्फ एक वेबसाइट के जरिए पूरा बिजनेस चलाते हैं। इनका भारत में न कोई कार्यालय है, न कोई फिजिकल एंटिटी। जैसे ही वेबसाइट बंद होती है, निवेशकों की पूरी रकम डूब जाती है। हिमाचल प्रदेश में 200 करोड़ का स्कैम करने के बाद लविश चौधरी दुबई भाग गया, वहीं एसबीसी ग्लोबल के अनिल यादव और साइन सिटी के राशिद नसीम भी ऐसे ही मामलों में शामिल रहे हैं।
सरकार को ठोस कार्रवाई करने की जरूरत
इन घोटालों को रोकने के लिए सरकार को क्रिप्टो और डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कड़े नियम लागू करने होंगे। निवेशकों को भी सावधान रहने की जरूरत है और किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करनी चाहिए। दुबई में बैठे इन ठगों पर शिकंजा कब कसेगा, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।










अनन्त वर्मा
February 14, 2025 at 11:48 pm
ये और अरविंद केजरीवाल की सरकार नहीं बन रही वाली खबर इतनी महत्वपूर्ण तो है नहीं जो इन्हें इतने दिनों तक स्टीक करके चलायी जायें।