Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

दुनिया भर में इस्तीफे : Epstein files का भूत अब भारत में भी मंडरा रहा है!

शीतल पी सिंह-

Epstein files का भूत अब भारत में भी मंडरा रहा है! हालाँकि डायवरजन की कोशिशों की बाढ़ आई हुई है और सरकार पहले से ही ना ना कर चुकी है। उधर दुनिया भर में बड़े-बड़े नाम हिल गए हैं:

  • स्लोवाकिया के National Security Adviser ने इस्तीफा दे दिया।
  • UK के पूर्व Ambassador Peter Mandelson ने Labour Party से इस्तीफा दिया।
  • Bill & Hillary Clinton अब US Congress के सामने testify करने को तैयार हैं, contempt charges की धमकी के बाद!
  • Former Prince Andrew (Andrew Mountbatten-Windsor): पहले से ही royal titles से वंचित (stripped by King Charles III in late 2025), अब उन पर दबाव बढ़ रहा है कि वे अमेरिका जाकर जांच में सहयोग करें ।

लेकिन भारत में?

  • Union Minister Hardeep Singh Puri के Epstein के साथ multiple emails (2014-2017), meetings (NY townhouse पर 3 बार), Digital India pitch, और networking के रिकॉर्ड्स सामने आए हैं।
  • Anil Ambani (Modi के करीबी) के emails में “Leadership” (Delhi) की मदद मांगने की बात।
  • PM Narendra Modi का indirect mention – Epstein के emails में “Modi on board” या Israel visit पर “advice” का दावा।

MEA ने इसे “trashy ruminations of a convicted criminal” कहकर खारिज कर दिया, लेकिन किसी तरह की जांच की बात नहीं कही ?

दुनिया में जहां लोग इस्तीफे दे रहे हैं, testify करने को तैयार हो रहे हैं, या जवाबदेही मांग रहे हैं… यहां चुप्पी क्यों? भारतीय मीडिया भी लगभग चुप है लेकिन जनता को तो सच जानने का हक है!

इसी बीच (टाइम्स ऑफ़ इंडिया और याहू फ़ाइनेंस, दिनांक 2 फ़रवरी 2026), के अनुसार भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर एक समझौते की जानकारी सामने आई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक डील की घोषणा की है, जिसके तहत भारत ने अमेरिका से आयात होने वाले कुछ सामानों पर शुल्क (टैरिफ) को शून्य यानी 0% करने और रूस से कच्चे तेल की ख़रीद पूरी तरह से बंद करने पर सहमति जताई है। इसके बदले में अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करने का निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पुष्टि की है।

सोर्स: DOJ releases, Al Jazeera, The Wire, The Hindu, MEA statements – 2026 updates


डॉ मुकेश कुमार-

प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। एप्स्टीन फाइल्स के नए दस्तावेज़ों में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम आया है।

इन मेल के कंटेंट से हड़कम्प मच गया है, क्योंकि और कुछ साबित भले न होता हो, मगर ये साफ़ नज़र आ रहा है कि मोदी सरकार परोक्ष रूप से जेफ़्री एपस्टीन के संपर्क में थी और वह उनसे कुछ काम भी करवाना चाहती थी।

सबसे ज़्यादा संदेह के घेरे में हरदीप पुरी हैं। वे 2014 से 2017 के बीच में एप्स्टीन से कई बार मिले और उनके आईलैंड जाने की इच्छा भी ज़ाहिर की। उस समय वे रिटायर हो चुके थे और एक थिंक टैंक में रहते हुए सरकार के लिए काम कर रहे थे।

इसी तरह अनिल अंबानी ने तो बाकायदा एपस्टीन से मदद मांगी थी। उन्होंने ट्रम्प के दामाद कुशनर से मुलाक़ात करवाने का निवेदन किया था। वे एपस्टीन से मिले भी थे। एपस्टीन ने उनका ज़िक्र मोदी के आदमी के तौर पर किया है।

हालाँकि प्रधानमंत्री मोदी ने न तो सीधा संपर्क किया और न ही वे मिले, मगर एक एक मेल का कंटेंट उनको बहुत डैमेज करने वाला है। एक प्रमुख ईमेल जुलाई 2017 का है, जिसमें एपस्टीन ने “Y. Jabor” नाम के व्यक्ति को लिखा: “The Indian Prime Minister Modi took advice and danced and sang in Israel for the benefit of the US president. They had met a few weeks ago.. it worked ! (sic)”।

इस मेल में एपस्टीन दावा कर रहा है कि मोदी ने उसकी (या ट्रंप की) सलाह मानी और इसराइल जाकर अमेरिकी राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) को फायदा पहुंचाया, जिससे संबंध मजबूत हुए और “यह काम कर गया”।

सरकार ने इन तमाम मेल को खारिज़ कर दिया है मगर विपक्ष ने इसे सरकार के लिए शर्मनाक बताया है। ज़ाहिर है कि विपक्ष को बहुत बड़ा गोला-बारूद मिल गया है और वह सरकार को संसद के अंदर भी इस पर घेरेगा।

इन तमाम मेल में सबसे ज़्यादा केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी घिरे हुए हैं। उनके चरित्र पर भी ऊंगलियाँ उठाई जा रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि मोदी उन्हें मंत्रिमंडल से हटा क्यों नहीं रहे, उनकी आख़िर उन्हें ढोने के पीछे क्या मजबूरी है….

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन