लखनऊ की पत्रकार ममता त्रिपाठी ने एक वीडियो क्लिप ट्वीट किया है. इस वीडियो में एक व्यक्ति कुछ पुलिस अधिकारियों पर वसूली का आरोप लगा रहा है. वह कहता है कि मुकदमा, धारा से बचाने के लिए सबसे पहले रीगल देशवाल ने साढ़े 13 लाख रुपये लिए.
इसके बाद अंकित तरार, जो एसओ थे, उन्होंने 3 लाख रुपये लिए. फिर प्रभात दीक्षित और अनिल यादव द्वारा करन भारद्वाज के माध्यम से लिए गए यह कहकर कि मीडिया और पुलिस का छापा नहीं पड़ेगा आपके घर पर. इसके बाद एक एसीपी हैं स्वतंत्र कुमार सिंह उन्हें 6 लाख रुपये दिए. इस तरह कुल 32 लाख रुपये इन लोगों ने मुझसे व मेरे परिवार से लिए.
यह सब इस वीडियो में कहा जा रहा है. नीचे ममता का ट्वीट, वीडियो और उसके बाद पोस्ट पर आए कुछ कमेंट भी देखें-पढ़ें…
ममता त्रिपाठी-
यूपी की ग़ाज़ियाबाद पुलिस के इस कारनामे को सुनिए तो समझ जाएंगे कि कैसे यूपी की पुलिस साँप को रस्सी और रस्सी को साँप बना देती है।
जिन स्वतंत्र कुमार सिंह ACP साहब का ज़िक्र यहाँ किया गया है वो बनारस के ब्रजेश सिंह के रिश्तेदार हैं।
योगी जी कोई एक्शन ले पाएँगे, उम्मीद ना के बराबर है। नीचे Link पर वीडियो देखें…
https://twitter.com/mamtatripathi80/status/1858148746497818909?s=46
कुछ टिप्पणियां देखें-
चंदन राय-
गाजियाबाद में कुछ लोग किसी पर भी आरोप लगा देते हैं. एक विधायक जी हैं, वह तो बड़े वाले साहब पर ही करोड़ों का आरोप लगाते थे, लेकिन सब हवा में निकला. इन्हऊ साहब पर कुछ है या खामेखा हवा बना रहे हैं।
आशीष पंडित-
यूपी पुलिस नित नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहीं है वो दिन दूर नहीं जब हम ही जज हम ही राजा वाला खेल शुरू होगा। फिर जो यूपी पुलिस कह दे या कर दे वही परम सत्य और ब्रह्मा जी की लकीर। आने वाला समय बहुत खराब आने वाला है। जिसके पास पैसा और पहुँच नहीं है वो कीड़े की तरह समझा जाएगा।
आशू पांडेय-
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जब बृजेश सिंह से मिलने चौकाघाट जेल में जा सकते हैं तो बृजेश सिंह के रिश्तेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की उम्मीद कैसे कर सकता है।
सूरज तिवारी एडवोकेट-
सरकार में जितने लोगों के ऊपर मुकदमे हुए हैं सब संदेह के घेरे में है। हर जगह किसी न किसी भाजपा नेता का हाथ या उनके दलालों की दलाली सामने आ रही है।
पूरा प्रकरण क्या है, इन खबरों से जान सकते हैं-





