Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

लखनऊ में मुकदमा होते ही netflix ने डिलीट किया ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर!

लखनऊ/नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स इंडिया ने अपनी आगामी हिंदी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ (Ghooskhor Pandat) के टीज़र से जुड़ा सोशल मीडिया पोस्ट हटा दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया, जब फिल्म के टाइटल और कंटेंट को लेकर धार्मिक और जातिगत भावनाएं आहत करने के आरोप में नेटफ्लिक्स और फिल्म निर्माताओं के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

यह एफआईआर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप है कि फिल्म का टाइटल और प्रस्तुति सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और एक विशेष समुदाय की सामूहिक छवि को नुकसान पहुंचाने वाली है।

फिल्म निर्माता नीरज पांडे ने एक आधिकारिक बयान में कहा,

“हम समझते हैं कि फिल्म का टाइटल कुछ दर्शकों को आहत कर सकता है और हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। इन्हीं चिंताओं को देखते हुए फिलहाल सभी प्रमोशनल सामग्री हटाने का फैसला किया गया है।”

नीरज पांडे ने यह भी कहा कि फिल्म को पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि केवल टीज़र के आधार पर आंका जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह एक काल्पनिक कहानी है, जिसमें ‘पंडत’ केवल एक किरदार का उपनाम है, किसी जाति या समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं।

दरअसल, फिल्म के नाम में ‘घूसखोर’ शब्द को ‘पंडत’ (पंडित का बोलचाल रूप) से जोड़ने पर कई संगठनों और लोगों ने आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि इससे ब्राह्मण समुदाय को भ्रष्टाचार से जोड़कर सामूहिक बदनामी की जा रही है।

टीज़र रिलीज़ होने के बाद सोशल मीडिया पर विरोध तेज़ हो गया। इसके बाद कुछ शहरों, खासकर भोपाल में विरोध प्रदर्शन भी हुए। अधिवक्ता आशीष दुबे ने नेटफ्लिक्स और निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा, वहीं दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने के लिए याचिका भी दाखिल की गई है।

याचिका में आईपीसी की धारा 153A (समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना) और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह फिल्म सामाजिक तनाव को बढ़ा सकती है और घृणास्पद भाषण की श्रेणी में आती है।

फिल्म रितेश शाह के निर्देशन में बनी है और इसे नीरज पांडे प्रस्तुत कर रहे हैं। इसमें मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित की भूमिका में हैं, जिन्हें ‘पंडत’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में नुसरत भरूचा और साकिब सलीम भी अहम भूमिकाओं में हैं।

यह थ्रिलर फिल्म भ्रष्टाचार, सत्ता और साजिश के इर्द-गिर्द घूमती है। नेटफ्लिक्स ने इसे अपनी 2026 इंडिया स्लेट का हिस्सा बताया था, लेकिन विवाद के बाद अब इसका भविष्य कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता नजर आ रहा है।

नेटफ्लिक्स इंडिया की ओर से अब तक एफआईआर या कोर्ट केस पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन टीज़र पोस्ट हटाना साफ संकेत माना जा रहा है कि मामला कंपनी के लिए संवेदनशील बन चुका है।

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन