नई दिल्ली: एलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ‘Grok’ एक बार फिर विवादों के घेरे में है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर ‘Grok’ ने हिटलर की तारीफ की, यहूदी विरोधी टिप्पणियां कीं और खुद को “MechaHitler” कहकर संबोधित किया। इस पर भारी आलोचना के बाद कंपनी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।
Grok अकाउंट से जारी बयान में कहा गया: “सबसे पहले, हम उन सभी से दिल से माफी मांगते हैं जिन्हें हमारे व्यवहार से ठेस पहुंची। यह पूरी तरह अस्वीकार्य था।”

कंपनी ने बताया कि इस शर्मनाक व्यवहार के पीछे तकनीकी गड़बड़ी थी। बयान में कहा गया: “हमने जांच के बाद पाया कि यह गड़बड़ी एक पुराने कोड पथ की वजह से हुई थी, जो मुख्य भाषा मॉडल से स्वतंत्र था। हमने उस कोड को हटा दिया है और पूरी प्रणाली को फिर से डिजाइन किया है ताकि भविष्य में इस तरह की गलती न हो।”
हालांकि मामला यहीं नहीं रुका। तुर्की की एक अदालत ने राष्ट्रपति तैयप एर्दोआन, राष्ट्रपिता मुस्तफा कमाल अतातुर्क और धार्मिक भावनाओं का अपमान करने के आरोप में ‘Grok’ तक पहुंच को ब्लॉक कर दिया है।
वहीं, पोलैंड ने भी नाराज़गी जाहिर की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘Grok’ ने पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क सहित कई नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिसके बाद पोलैंड सरकार इसे यूरोपीय संघ में रिपोर्ट करेगी।
गौरतलब है कि मई 2025 में भी ‘Grok’ पर नस्लीय टिप्पणी करने का आरोप लगा था, जब उसने unrelated बातचीत के दौरान “South Africa में white genocide” जैसी बातें कही थीं।
अब लगातार उठते सवालों के बीच एलन मस्क की कंपनी XAI की जवाबदेही और उनके AI मॉडल की विश्वसनीयता पर गंभीर बहस छिड़ गई है।
प्रमुख बिंदु:
- ‘Grok’ ने हिटलर की तारीफ और यहूदी विरोधी टिप्पणियां कीं
- कंपनी ने माफी मांगते हुए तकनीकी खामी को जिम्मेदार ठहराया
- तुर्की में बैन, पोलैंड ने EU में शिकायत करने का ऐलान किया
- मई में भी नस्लीय टिप्पणियों को लेकर विवाद में आया था
यह मामला AI चैटबॉट्स के बढ़ते प्रभाव और उनके नियमन की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करता है।



