(पार्ट टू) मजीठिया पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हिंदी अनुवाद पढ़ें

11. इस चरण में मजीठिया वेजबोर्ड अवार्ड के खंड 20जे, जो मौजूदा कार्यवाही में विवाद के मुख्य क्षेत्रों में से एक है, पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा सकता है।

“20जे संशोधित वेतनमानसभी कर्मचारियों पर 1 जुलाई 2010 से लागू होगा। हालांकि यदि कोई कर्मचारी इन अनुशंसाओं के प्रवर्तन के लिए अधिनियम की धारा 12 के तहत सरकारी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से तीन हफ्तों के भीतर अपने मौजूदा वेतनमान और वर्तमान परिलब्धियों/प्रतिभूतियों को बनाए रखने का विकल्प चुनता है, तो वह अपने मौजूदा वेतनमान तथा ऐसी परिलब्धियों को बनाए रखने का पात्र होगा।”

12. मजीठिया वेजबोर्ड ने यह भी विनिर्दिष्ट/दर्शाया किया था कि तीन पूर्ववर्ती लेखा वर्षों में जो प्रतिष्ठान लगातार भारी नकदी हानि से पीडि़त हैं उन्हें बकाए के भुगतान में छूट दी जाएगी, जो अवार्ड के क्लॉज/खंड 21 से स्पष्ट होता है नीचे सारगर्भित किया गया है।

“पूर्वव्यापी/भूतलक्षी प्रभाव के क्रियान्वित किए जाने के कारण इस अवार्ड/पंचाट के प्रवर्तन/लागू होने की तारीख से देय बकाया, यदि हो, का भुगतान इस अवार्ड के प्रवर्तन की तरीख के प्रत्येक छह माह बाद तीन समान किश्तों में किया जाएगा तथा पहली किश्त का भुगतान तीन महीने के भीतर होगा; बशर्ते,इस अवार्ड/पंचाट के कार्यान्वयन की तारीख से पूर्व के तीन लेखा वर्षों में लगातार भार नकद नुकसान झेल रहे समाचारपत्र प्रतिष्ठान को किसी भी बकाए के भुगतान से छुट दी जाएगी। हालांकि, इन समाचारपत्र प्रतिष्ठानों को इस अवार्ड/पंचाट के कार्यान्वयन की तारीख  अर्थात 1जुलाई 2010 से, अपने कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षित वेतनमान में नोशनल/अनुमानित आधार पर निर्धारित करना होगा।”

इसके आगे का पढने के लिए नीचे क्लिक करें…

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *