सुजीत सिंह प्रिंस-
वर्ष २०२०, दस अक्टूबर को इंडियन एक्सप्रेस में एक न्यूज़ पब्लिश हुई। वरिष्ठ पत्रकार श्यामलाल यादव ने ये खबर ब्रेक की।

IFFCO (इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइज़र कोऑपरेटिव लिमिटेड) ने दुबई, स्विट्ज़रलैंड और सिंगापुर की कुछ कंपनियों के साथ अंतरराष्ट्रीय लेन-देन किए। इन लेन-देन को Deutsche Bank Trust Company Americas (DBTCA) ने संदिग्ध मानते हुए अमेरिकी निगरानी संस्था FinCEN को रिपोर्ट किया।
क्या होती हैं FinCEN Files?
ये एक अंतरराष्ट्रीय जांच है, जो BuzzFeed News और ICIJ (International Consortium of Investigative Journalists) के नेतृत्व में हुई। इसमें 2,100 से अधिक Suspicious Activity Reports (SARs) की समीक्षा की गई, जो बैंकों ने संभावित मनी लॉन्ड्रिंग या वित्तीय अपराध के संदेह में की थीं। कुल ट्रांजैक्शन की राशि $2 ट्रिलियन (लगभग ₹150 लाख करोड़) से अधिक की थी।
IFFCO को क्यों लेकर शक जताया गया?
IFFCO और इससे जुड़े अधिकारियों द्वारा जिन कंपनियों के साथ लेन-देन किए गए, उनकी पृष्ठभूमि और ट्रांजैक्शन की संरचना पारदर्शी नहीं थी। संभावित मनी लॉन्ड्रिंग, घूसखोरी, या कमिशन आधारित लेन-देन की आशंका जताई गई। ये रिपोर्ट्स अमेरिका के बैंकिंग सिस्टम से होकर गुजरे ट्रांजैक्शन पर आधारित थीं।
किन कंपनियों से लेन-देन हुए?
रिपोर्ट्स के अनुसार, तीन विदेशी कंपनियों से IFFCO का लेन-देन हुआ! एक कंपनी दुबई में स्थित थी दूसरी स्विट्ज़रलैंड में तीसरी सिंगापुर में! इन कंपनियों के असली मालिकों और उद्देश्यों को लेकर संदेह था। उपरोक्त खबर के बाद प्रवर्तन निदेशालय सक्रिय हुआ।
Deutsche Bank Trust Company Americas (DBTCA) ने जुलाई 2014 में IFFCO के 14 लेन-देन (कुल $18.46 मिलियन) को संदिग्ध मान FinCEN को रिपोर्ट किया । इसके बाद ED और CBI ने इस पर कार्रवाई तेज की, और आगे की जाँच शुरू हुई।
IFFCO पर ED की कार्रवाई — 15–16 अक्टूबर 2020: प्रारंभिक तलाशी
ED ने दिल्ली‑एनसीआर और मुंबई में IFFCO और उसके एमडी U.S. Awasthi के 30–35 स्थानों पर तलाशी ली । यह कार्रवाई FEMA (Foreign Exchange Management Act) के अंतर्गत हुई थी, जिसमें IFFCO और तीन विदेशी कंपनियों (दुबई, स्विट्ज़रलैंड, सिंगापुर) के लेन‑देन संदिग्ध माने गए थे । IFFCO ने दावा किया कि उन्होंने सभी दस्तावेज़ सहयोग से ED को सौंपे ।
मई 2021: CBI द्वारा मामला दर्ज
CBI ने 17 मई 2021 को एक एफआईआर दर्ज की, जिसमें आरोप था कि IFFCO और IPL (Indian Potash Ltd.) ने मंहगे दामों से उर्वरक आयात कर सब्सिडी पर अनुचित लाभ उठाया, और कमीशन हवाईए या विदेशी कंपनियों द्वारा अपने NRI पुत्रों को ट्रांसफर किए।
सितंबर 2022: संपत्ति कुर्की
ED ने UD Awasthi (पूर्व MD) की कई संपत्तियां कुर्क कीं। जून 2022 में ₹21 करोड़ की संपत्ति छनी गई । सितंबर 2022 में Mutual funds, शेयर, बांड, बैंक डिपॉजिट समेत कुल ₹54.24 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई । वहीं, ED ने Sanjay Jain (Pankaj Jain के भाई) को इस धन को चैनलाइज करने में शामिल होने के आरोप में अक्टूबर 2022 में गिरफ्तार किया।
IFFCO और उसके एमडी/महत्वपूर्ण अधिकारियों पर धन शोधन, कमीशन और उच्च सब्सिडी दुरुपयोग जैसी गंभीर आरोपों की जांच हो रही है। ED, CBI और FinCEN की रिपोर्टिंग ने इस मामले को बहु-एजेंसी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बना दिया है।
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