आईआईएमसी के कॉन्वोकेशन में प्रकाश जावड़ेकर का क्या काम है?

20 अक्टूबर को आईआईएमसी में कॉन्वोकेशन है इस बार इस फंक्शन में सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी शामिल हो रहे हैं जो कि इस पद की गरिमा के खिलाफ है. अभी तक आईआईएमसी के कॉन्वोकेशन में सेक्रेटरी या उस रैंक के अधिकारी ही शिरकत करते आये हैं.

यहां तक कि खुद आईआईएमसी के टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ भी नहीं चाहते कि मंत्री जी इस फंक्शन में शामिल होकर अपने पद की गरिमा को गिरायें. दरअसल आईआईएमसी के स्टाफ के बीच ये चर्चा आम है कि निदेशक सुनीत टंडन ”आदमी हूं आदमी से प्यार करता हूं” के गीत गाने वाले के तौर पर शोहरत हासिल कर चुके हैं. ऐसे में आईआईएमसी के फैकल्टी और बाकी दूसरे स्टाफ इस विवाद में मंत्री को शामिल नहीं होने देना चाहते. 

जावड़ेकर को निदेशक महोदय ने खुद कॉन्वोकेशन में शामिल होने के लिये बुलाया है. कांग्रेसी राज में नियुक्त हुए सुनीत टंडन इस तीर से दोहरा निशाना साधने की फिराक में हैं. एक तो वे जावड़ेकर से नजदीकी बढ़ा कर अपनी नियुक्ति पक्की करना चाहते हैं और मंत्री को कॉन्वोकेशन में शामिल कर अपने खिलाफ चल रही चर्चाओं को खत्म करना चाहते हैं. दूसरे वे मंत्रालय के उन अधिकारियों को भी जवाब देने चाहते हैं जो उनकी नियुक्ति के खिलाफ हैं.

सुनीत टंडन शुरु से ही विवादों में रहे हैं. माधव राव सिंधिया के परिवार से करीबी संबंधों के चलते अंबिका सोनी के कार्यकाल में नियुक्ति पाये इन निदेशक महोदय को पिछले सूचना-प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी भी पसंद नहीं करते थे. इन्होंने अपने कार्यकाल में पांच जगहों पर आईआईएमसी की शाखाएं शुरु करवायीं, लेकिन सभी एक एक कर बंद हो गये क्योंकि उन्हें डिप्लोमा तक की मान्यता नहीं मिल पायी. यहां तक कि दिल्ली का डिप्लोमा कार्यक्रम भी बंद करना पड़ा. 

आईआईएमसी के लिये ये एक शर्मनाक बात थी और संस्थान के स्टाफ उम्मीद कर रहे थे कि मोदी सरकार इस विवादित नियुक्ति को विदा करेगी, लेकिन मंत्री महोदय उसी निदेशक के साथ मंच साझा कर रहे हैं जिसे लेकर सब को हैरानी है.

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Comments on “आईआईएमसी के कॉन्वोकेशन में प्रकाश जावड़ेकर का क्या काम है?

  • निदेशक सुनीत टंडन ”आदमी हूं आदमी से प्यार करता हूं” के गीत गाने वाले के तौर पर शोहरत हासिल कर चुके हैं, ये क्या मामला है भई, कोई बताएगा। .

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  • IIMC has become the epitome of corruption therefore people have started calling it INDIAN INSTITUTE OF MASS CORRUPTION. Current director Sunit Tandon and OSD Jaideep Bhatnagar are responsible for the decline of IIMC. Jaideep, an Indian information service officer, has been working with IIMC on deputation for more than 7 years. Though the period of deputation was fixed for three years but Jaideep is enjoying his punishment posting at IIMC. There are many charges of corruption on him so he does not have the authority to look after the financial matters of IIMC.
    He is anti student

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  • तथ्य पता हों, तभी लिखा करें।
    वहां में बतौर मंत्री सुषमा स्वराज भी जा चुकी हैं, दासमुंशी भी और मनीष तिवारी भी। इसलिए जावड़ेकर का जाना कुछ अनूठा नहीं है।
    जानकारी दुरुस्त हो तभी लिखा करो भैये।

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