IIMCवालों का ‘गैंग’ दिनोंदिन हो रहा संगठित, अब तो अवार्ड स्कालरशिप हेल्थफंड भी देने लगे (देखें लिस्ट)

पत्रकारिता शिक्षा का सबसे बड़ा संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मास कम्यूनिकेशन उर्फ IIMC के छात्रों का ‘गैंग’ बेहद संगठित होता जा रहा है. इनके संगठन ने एवार्ड से लेकर स्कारलरशिप भी शुरू कर दिया है… न्यूज चैनलों में आईआईएमसी लॉबी हर जगह शीर्ष पर काबिज है और महत्वपूर्ण पदों पर ये अपने ही आईआईएमसी के …

अपनी भाषाई सभ्यता को बाकी लोगों पर थोपना IIMC के प्रोफेसरों से सीखें

पत्रकारिता के क्षेत्र में चोटी का संस्थान माने जाने वाले भारतीय जनसंचार संस्थान में इन दिनों प्लेसमेंट हो रहे हैं. यूं तो संस्थान अपने विवरणिका में 100 फीसदी प्लेसमेंट का दावा नहीं करता फिर भी कंपनियां आती हैं और विद्यार्थियों को अपने यहां नौकरी देती हैं. यहां कई भाषाओं, मसलन उर्दू,मलयालम, मराठी (संभवतः पिछले साल या इस साल से शुरू हुआ है या होगा), उड़िया अंग्रेजी, हिन्दी की पढ़ाई होती है. इसके साथ विज्ञापन और रेडियो टीवी के विभाग हैं.

रवीश कुमार और सुप्रिय प्रसाद वाले बैच के iimc स्टूडेंट्स का मिलन समारोह (देखें तस्वीरें)

Vikas Mishra : 6 अगस्त को हर साल की तरह इस साल भी हम दोस्त मिले। भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) में हम लोग पहली बार अगस्त 1994 में मिले थे। सारे संगी आज 40 साल की उम्र पार कर चुके हैं, लेकिन जब मिलते हैं तो फिर उम्र 22-23 साल पीछे चली जाती है। शेरो-शायरी, गाने बजाने के बीच चुटुकले और चुटकियों की बारिश में हर चेहरा खिला मिलता है और ठहाकों से पूरी महफिल गूंज उठती है।

आईआईएमसी के प्रोफेसर आनंद प्रधान हास्टल वार्डन के प्रशासनिक दायित्व से मुक्त

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन यानि आईआईएमसी में इन दिनों महानिदेशक केजी सुरेश के चमड़े का सिक्का चल रहा है. शिक्षकों से उनकी सीधी भिड़ंत है लेकिन सत्ता शह के बल पर वह लगातार अपनी मनमानी चलाते जा रहे हैं. ताजी सूचना के मुताबिक प्रोफेसर आनंद प्रधान को हॉस्टल वॉर्डन के प्रशासनिक कार्यों के दायित्व से मुक्त कर दिया गया है. चौदह वर्षों से आईआईएमसी से जुड़े और छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय आनंद प्रधान फिलवक्त बतौर एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं.

संघ के कार्यक्रम में IIMC की रहस्यमयी सहभागिता का पर्दाफाश RTI से हुआ

दिनांक 5 अप्रैल 2017 को आरएसएस के थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन ने “Communicating India” विषय पर एक कांफ्रेंस कराया। इस कांफ्रेंस में कैबिनेट मंत्री वैंकेया नायडू, डॉ जीतेन्द्र सिंह आदि बड़ी हस्तियां सम्मिलित हुई थी। उस कांफ्रेंस के विभिन्न प्रचार सामग्रियों में IIMC का ऑफ़िसियल लोगो (चिह्न) लगाकर, IIMC को in association with बताया गया था।

छात्र द्वारा महानिदेशक को लिखे गए पत्र से आईआईएमसी फिर सुर्खियों में, आप भी पढ़ें

पिछले कुछ महीनों से भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) लगातार कई वजहों से खबरों में है. इन दिनों संस्थान के एक छात्र द्वारा महानिदेशक को लिखा गया एक पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है. पूरा पत्र इस प्रकार है…

सोशल मीडिया पर लिखने के कारण IIMC से सस्पेंड होने वाले रोहिन वर्मा देश के पहले स्टूडेंट

Dilip Mandal : सोशल मीडिया पर लिखने के कारण अपने इंस्टिट्यूट से सस्पेंड होने वाले रोहिन वर्मा देश के पहले स्टूडेंट हैं। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाले IIMC ने यह क़दम उठाया है। रोहिन अपने कॉलेज के श्रेष्ठ स्टूडेंट रहे हैं। रोहिन पर लिखने का आरोप है। रोहिन ने ऐसा क्या आपत्तिजनक लिख दिया है, वह IIMC को सार्वजनिक करना चाहिए।

टर्मिनेट किए जाने के बाद IIMC के शिक्षक नरेंद्र सिंह राव ने डीजी केजी सुरेश को लिखा खुला पत्र

My Open Letter to the Director General, IIMC

To

Mr KG Suresh
The Director General
Indian Institute of Mass Communication
JNU New Campus, New Delhi-67

Dated: December 25, 2016

Dear Mr. KG Suresh,

जिसकी तस्वीरें मुकेश अम्बानी और शाहरुख़ खान जैसों संग जगमगा रही हों, वह शख्स पैसे के अभाव में फांसी के फंदे से झूल गया!

एक था सोमू…. जिसकी तस्वीरें मुकेश अम्बानी, शाहरुख़ खान, आमिर खान जैसी नामी गिरामी हस्तियों और धनकुबेरों के साथ उसके फेसबुक प्रोफाइल पर जगमगा रही हों, वह शख्स पैसे के अभाव में गरीबी से घबरा के यूँ किसी असहाय और अनाथ शख्स की तरह फांसी के फंदे से झूल जाए तो भला कौन यक़ीन कर पायेगा। यही वजह है कि मुम्बई, दिल्ली और लखनऊ के बड़े बड़े अखबारों में बरसों तक वरिष्ठ पत्रकार और कॉलमिस्ट रह चुके बेहद हैंडसम, मिलनसार, जिंदादिल और सौम्य व्यवहार के सौमित सिंह की 40 बरस में उमर में ख़ुदकुशी से हुई मौत पर अभी भी उनके बहुत से मित्रों को यकीन नहीं हो पा रहा।

IIMC के दीक्षांत समारोह से मीडिया को दूर रख मीडिया के खिलाफ खूब भड़ास निकाली मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने

नयी दिल्ली : ‘स्व नियमन’ की हिमायत करते हुए सरकार ने मीडिया से कहा कि वह कोई नियमन नहीं लाएगी, बल्कि प्रेस को अपने पास मौजूद व्यापक जिम्मेदारी को पहचानना चाहिए। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने यह सुझाव भी दिया कि मीडिया कवरेज में अक्सर आंकवादियों की छोटी हरकतों को प्रचारित कर आतंकवादियों का समर्थन किया जाता है, जिससे डर फैलता है।

एक फेसबुक पोस्ट पर IIMC में घमासान, दलित छात्रों ने की कंप्लेन, कमेटी गठित

आईआईएमसी छात्रों के बीच एक फेसबुक पोस्ट से घमासान मच गया है. दलित छात्रों ने पूरे मामले की एससी-एसटी एक्ट में शिकायत की है. इस पूरे मामले की जड़ में एक टीचर का हाथ होने की बात कही जा रही है. एक टीचर द्वारा छात्र को धमकी दिए जाने का घटनाक्रम भी हो गया है. दरअसल IIMC में पढ़ने वाले एक छात्र ने कुछ दिनों पहले रोहित वेमुला की आत्महत्या पर सोशल मीडिया में सवाल उठाने वालों की नीयत पर एक फेसबुक पोस्ट लिखी थी. इस पोस्ट पर कुछ छात्रों ने आपत्ति जाहिर की और इसे लेकर कॉलेज के साथ ही एससी-एसटी कमीशन, आदिवासी मामलों के मंत्रालय, और सामाजिक न्याय मंत्रालय तक शिकायत कर दी.

IIMC में कुछ गड़बड़ हो रहा है

Abhishek Srivastava : IIMC में कुछ गड़बड़ हो रहा है, इसकी मुझे आज सुबह से बू आ रही है। जिन लोगों ने भी मामले को प्रेस में सरकाया है, उन्‍होंने जानबूझ कर बड़ी गलती की है। अब छूटा हुआ तीर वापस नहीं आने वाला। इस मामले का राजनीतिकरण किया जा चुका है जबकि इसे संस्‍थान के भीतर आरोपी छात्र के माफ़ीनामे के बाद ही खत्‍म कर दिया जाना चाहिए था। अगर इस छात्र का निष्‍कासन किया जाता है, तो उसके संभावित परिणाम का जवाबदेह कौन होगा?

‘स्वर्ण-बैच’ दीक्षांत समारोह में आईआईएमसी किसी कायदे के मुख्य अतिथि को आमंत्रित करने पाने में असफल

आईआईएमसी के ‘स्वर्ण-बैच’ का दीक्षांत समारोह होना सुनिश्चित हो गया है। लम्बे अरसे के बाद यह फैसला लिया गया है। प्रतीत होता है की आईआईएमसी के स्तम्भ इस क़दर कमज़ोर हो गए हैं कि अब इसे इतराना नहीं आता, उम्मीद है कि कोई सिकन्दर इसे अपना लक्ष्य भी बना बैठे। आलम यह है कि एक तो इतनी लतीफी के बाद दीक्षांत समारोह होना सुनिश्चित हो पाया हो, उसमें भी पंगु प्रशासन ने किसी क़ायदे के मुख्य अतिथि को आमंत्रित कर पाने में अपनी असफलता का परिचय दिया है।

आईआईएमसी में मैग्सैसे अवार्ड विजेता अंशु गुप्ता का सम्मान समारोह

नई दिल्ली, 5 सितंबर, 2015. रैमन मैग्सैसे अवार्ड विजेता और गूंज के संस्थापक अंशु गुप्ता का आईआईएमसी में सम्मान किया गया. श्री गुप्ता आईआईएमसी के एलुम्नाई हैं और समारोह का आयोजन आईआईएमसी एलुम्नाई एसोसिएशन ने किया था. सम्मान समारोह में आईआईएमसी की सहपाठी और पत्नी मीनाक्षी गुप्ता के साथ पहुंचे श्री गुप्ता को आईआईएमसी के महानिदेशक सुनीत टंडन, एलुम्नाई एसोसिएशन की अध्यक्ष सुनीला धर और संस्थान की शिक्षिका प्रो. जयश्री जेठवानी ने सम्मानित किया.

IIMC की जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए प्रो. राघव चारी

Nadim S. Akhter : “आह !!! प्रो Raghav Chari आज IIMC की जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए. लेकिन मेरे लिए इसके अलग मायने हैं. मतलब अाज के बाद जब मैं उनके कमरे में जाऊंगा तो गर्मजोशी से भरी उनकी आवाज, उनका इस्तकबाल और उनका मुस्कुराता चेहरा वहां नहीं होगा. अब मुझे ये कहने का मौका नहीं मिलेगा कि सर, ये शर्ट आप पे बहुत जंच रही है. स्मार्ट लग रहे हैं और फिर हंसते हुए वे कहेंगे कि अरे यार !!! मैं तो स्मार्ट ही हूं हमेशा से !!! IIMC का सिर्फ वो कमरा ही खाली नहीं हुआ, हमारे दिलों के कई कोने वीरान हो गए. क्या कहूं उनके बारे में. अगर वे ना होते तो आज, मैं, मैं ना होता. आईआईएमसी तो एक बहाना था.

An Open Letter To Media about the autocratic behaviours of bureaucrats (related to IIMC)

The Editor,

Dear Sir

The IIMC Executive Council members spoke vocally against the conspiracy against me and sought quashing of the September 29, 2011 vindictive and illegal order at the EC meeting on July 2, 2015. (Secy I&B-cum-chairman was the spoilsport). Eminent editor, Mr H K Dua, forcefully said that the order needed to be quashed immediately as gross injustice has been done by the then chairman Raghu Menon (also then I&B secy) and director Sunit Tandon. He also called for reinstatement of Prof Sarkar. Mr. Dua opposed the setting up of any committee. He said that the EC had erred and the EC itself should correct its own decision.

आईआईएमसी के लिए आखिरी डेट 8 मई

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन ने जर्नलिज्म की पढ़ाई के लिए हाल ही में आवेदन मंगवाए हैं। आईआईएमसी के विभिन्न पीजी डिप्लोमा कोर्सेज में आवेदन की अंतिम तिथि 8 मई 2015 निर्धारित की गई है। प्रिंट, टीवी, रेडियो समेत विभिन्न संचार माध्यमों से जुड़कर जर्नलिज्म करने या एड एजेंसीज, कॉरपोरेट कंपनियों व एनजीओज  से  जुड़कर एडवर्टाइजमेंट या पब्लिक रिलेशन के फील्ड में कॅरियर बनाने के इच्छुक लोगों अब इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन से पढ़ाई कर सकते हैं। 

अंशु की आत्माशान्ति के लिए आईआईएमसी में शोक सभा

नई दिल्ली : पिछले दिनों आईआईएमसी की पूर्व छात्रा और सामाजिक लीडर अंशु सचदेवा के निधन पर भारतीय जनसंचार संस्थान परिसर में शोक सभा का आयोजन किया गया। इस दुखद मौके पर सचदेवा के नेतृत्व और उनसे जुड़ीं यादों को ताज़ा किया गया। दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए परिसर में कुछ क्षण का मौन रखने के साथ ही उनके अधूरे सपनों के लिए प्रार्थना की गई।

सफलता के मुहावरे गढ़ते हैं आईआईएमसीएन… कभी इश्क़ की बात कभी खबरों से मुलाक़ात…

Amarendra A Kishore : बात की शुरुआत करने के पहले राजकमल प्रकाशन परिवार को बधाई– आज उसकी प्रकाशन यात्रा के ६६ वर्ष पूरे करने पर। जब भी किसी बड़े पुरस्कार या सम्मान की घोषणा होती है तो अमूमन भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) का नाम उभर कर सामने आता है– चाहे गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार की बात हो या रामनाथ गोयनका सम्मान की– आईआईएमसी एक अनिवार्यता बन जाता है।

आईआईएमसी के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 3 मार्च से फार्म मिलेगा, 8 मई तक जमा होगा, 31 मई को इंट्रेंस एग्जाम

इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर मास कम्यूनिकेशन (आईआईएमसी) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. जो छात्र पत्रकारिता के फील्ड में अपना करियर संवारना चाहता है वह इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश के लिए अप्लाई कर सकता है. प्रवेश परीक्षा 31 मई, 2015 को होगी. अप्लीकेशन फार्म 3 मार्च से बिकने लगेगा. 8 मई तक प्रवेश फार्म बिकेगा और 8 मई तक ही जमा किया जा सकेगा.

आईआईएमसी में प्रशासन ने नहीं फहराया राष्ट्रीय ध्वज

नई दिल्ली । 26 जनवरी को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की स्वायत्तशासी संस्था भारतीय जन संचार संस्थान में तिरंगा नहीं फहराया गया। प्रशासन की तरफ़ से कोई भी अधिकारी या उसका प्रतिनिधि तक संस्थान में बारह बजे भी मौजूद नहीं था। तब ऐसे में आईआईएमसी के छात्रावास में रह रहे कुछ जागरुक प्रशिक्षुओं ने इस मामले को संज्ञान में लिया और अपने ही खर्च में बाज़ार से तिरंगा झण्डा और कुछ फूल ख़रीद कर संस्थान में वापस आए और तिंगा फहराया।

IIMC में महत्वहीन भारतीय गणतंत्र

ये है भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) जहां कि भारत के साथ ही विश्व के सुदूर कोनों से भी लोग पत्रकारिता पढ़ने आते हैं। और ये तस्वीर है 26-01-2015 सुबह 11:20 बजे की जहां भारत के हर कोने में गणतंत्र दिवस की धूम थी। हर तरफ झंडारोहण हो चुका था और मिष्ठान्न वितरण के बाद लोग विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनन्द उठा रहे थे। हम आईआईएमसी में पढ़ने वाले बच्चे जो कि छात्रावास में रहते हैं। रोज की तरह नाश्ते पर इकट्ठा हुये। आमतौर पर मैं नाश्ता नहीं करता महीनों में कहीं एक बार कर लिया तो कर लिया, लेकिन आज मैं सुबह बहुत जल्दी उठ गया था क्योंकि आज गर्व का दिन था, जश्न मनाने का दिन था।

आईआईएमसी में छात्रों ने खुद किया ध्वजारोहण, प्रशासन को चेताया

नयी दिल्ली। राष्ट्र का पर्व हो और राष्ट्र ध्वज न फहराया जाये, ये बात सभी को अखरती है। खुद को पत्रकारिता का सर्वश्रेष्ठ संस्थान कहने वाले भारतीय जनसंचार संस्थान में भी कुछ ऐसा ही हुआ। 26 जनवरी की सुबह परिसर में कोई हलचल नहीं थी, न किसी प्रकार के  आयोजन की सुगबुगाहट। परिसर के सुरक्षाकर्मियों से पूंछा गया तो बताया गया  कि संस्थान में 26 जनवरी को किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं होता।

आईआईएमसी से निकलते ही होनहार पत्रकार हिमांशु ने ‘सही’ समय पर ‘सही’ कदम उठा लिया!

Abhishek Srivastava : स्‍वागत कीजिए Indian Institute Of Mass Communication(IIMC) से निकले इस होनहार पत्रकार Himanshu Shekhar का, जिसने ‘सही’ समय पर ‘सही’ कदम उठाते हुए पूरे साहस के साथ ऐसा काम कर दिखाया है जो अपनी शर्म-लिहाज के कारण ही सही, बड़े-बड़े पुरोधा नहीं कर पा रहे। मैं हमेशा से कहता था कि संस्‍थान में पत्रकारिता के अलावा बाकी सब पढ़ाया जाता है। बस देखते रहिए, और कौन-कौन हिंदू राष्‍ट्र की चौखट पर गिरता है।

पत्रकार अमित आर्य का मीडिया सलाहकार और पत्रकारिता छात्र शैलेश तिवारी का धर्मगुरु बनना….

अभिषेक श्रीवास्तव


Abhishek Srivastava : मुझे याद है कि एक गोरे-चिट्टे, सम्‍भ्रान्‍त से मृदुभाषी सज्‍जन थे जो आज से करीब 12 साल पहले बीएजी फिल्‍म्‍स के असाइनमेंट डेस्‍क पर काम करते थे। तब इसका दफ्तर मालवीय नगर में हुआ करता था और Naqvi जी उसके हेड थे। मैं तब प्रशिक्षु के बतौर असाइनमेंट पर रखा गया था। मैं तो ख़ैर 21वें दिन ही असाइनमेंट हेड इक़बाल रिज़वी से झगड़ कर निकल लिया था, लेकिन वे सम्‍भ्रान्‍त सज्‍जन इंडस्‍ट्री में बुलेट ट्रेन की तरह आगे बढ़ते गए। बाद में वे इंडिया टीवी गए, इंडिया न्‍यूज़ हरियाणा के हेड हुए और लाइव इंडिया हरियाणा के हेड बने।

आईआईएमसी के कॉन्वोकेशन में प्रकाश जावड़ेकर का क्या काम है?

20 अक्टूबर को आईआईएमसी में कॉन्वोकेशन है इस बार इस फंक्शन में सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी शामिल हो रहे हैं जो कि इस पद की गरिमा के खिलाफ है. अभी तक आईआईएमसी के कॉन्वोकेशन में सेक्रेटरी या उस रैंक के अधिकारी ही शिरकत करते आये हैं.

आईआईएमसी में अराजकता, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का बोलबाला

नई दिल्ली, १६ अक्टूबर : भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) की छात्राओं ने संस्थान के एक लोअर डिविजन क्लर्क सागर राणा पर दुर्व्यवहार और डराने-धमकाने का आरोप लगाया है. संस्थान के छात्र-छात्राओं में इसे लेकर भारी गुस्सा है लेकिन संस्थान के उच्च अधिकारी आरोपी को बचाने में जुटे हैं. राणा संस्थान के चेयरमैन और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव बिमल जुल्का के ड्राइवर का बेटा है जिसे संस्थान के ओ.एस.डी जयदीप भटनागर का खुला संरक्षण मिला हुआ है और इसके बल पर उसने संस्थान में आतंक और धौंस-धमकी का माहौल बना रखा है.

IIMC में हिंदी का हाल : जैसे छात्र हैं, वैसे ही शिक्षक. सब आंख पर पट्टी बांधे हैं, नौकरी बजा रहे हैं.