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राजस्थान

आईपीएस पंकज चौधरी ने चार आईएएस अफसरों और हत्या के आरोपी आईपीएस के प्रमोशन पर खोला मोर्चा

—हत्या के आरोपी को राज्य सरकार ने दिया प्रमोशन, मुख्य सचिव, गृह सचिव, कार्मिक सचिव व डीजीपी की भूमिका कठघरे में आयी। आईपीएस राहुल बारहट के ख़िलाफ़ मुंबई में भी महिलाएँ व बच्चियों को ग़लत दस्तावेज से गल्फ़ देशों में भेजने के कई गंभीर आरोप लगे है। अब ये मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ गया है। गल्फ़ देशों के साथ अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में प्रकरण को भेजने की तैयारी !!

माननीय न्यायालयों केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल नईदिल्ली, माननीय हाईकोर्ट नईदिल्ली व माननीय सुप्रीम कोर्ट नईदिल्ली के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना करने पर आईपीएस पंकज चौधरी ने अंततः मुख्य सचिव श्री सुधांशु पंत,पूर्व कार्मिक सचिव श्री हेमंत गेरा, गृह विभाग सचिव श्री आनंद कुमार, कार्मिक सचिव श्री केके पाठक, संयुक्त सचिव श्री कनिष्क कटारिया व डीजीपी श्री यूआर साहू पर क्रिमिनल कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट की तैयारी कर ली है। विधिक रूप से सजा के तौर पर 6 माह की क़ैद व जुर्माना दोनों शामिल है।

जयपुर, 11 फरवरी 2025 – राजस्थान में आईपीएस पंकज चौधरी ने आईएएस आईपीएस अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चार आईएएस अधिकारियों पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने आनंदपाल एनकाउंटर मामले में हत्या के आरोपी आईपीएस अधिकारी के प्रमोशन पर भी सवाल उठाए हैं।

चार आईएएस अफसरों के खिलाफ अवमानना याचिका की मांग

आईपीएस पंकज चौधरी ने डीजीपी और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर चार आईएएस अधिकारियों के खिलाफ व्यक्तिगत सिविल अवमानना पिटिशन दाखिल करने की अनुमति मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने तीन-तीन न्यायालयों के आदेशों की अवहेलना की है और न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन किया है।

उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा कि अगर इन अधिकारियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वह कानूनी रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

आनंदपाल एनकाउंटर मामले के आरोपी आईपीएस का प्रमोशन विवादों में

आईपीएस पंकज चौधरी ने जुलाई 2024 में ही आनंदपाल एनकाउंटर मामले में आरोपी आईपीएस अधिकारी राहुल बारहठ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पत्र लिखा था। उन्होंने सवाल उठाया कि हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के आरोपी आईपीएस अधिकारी का प्रमोशन किस आधार पर किया गया?

उन्होंने अपने पत्र में पांच प्रमुख सवाल उठाए:

1. आईपीएस राहुल की फील्ड पोस्टिंग कैसे हुई?

2. एक ही जिले में तीन साल तक एसपी पद पर क्यों रखा गया?

3. किस आधार पर प्रमोशन दिया गया?

4. पद से बर्खास्त या तबादला क्यों नहीं किया गया?

5. जिन आईपीएस पर संगीन आरोप है वे प्रोटेक्टर ऑफ़ इमिग्रेंट्स के पद पर कैसे? ऐसा अधिकारी कैसे नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा करेगा?

क्या है मामला?

गौरतलब है कि गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर जून 2017 में हुआ था। इस मामले में सीबीआई ने 7 पुलिस अधिकारियों पर हत्या और अन्य आरोपों में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें आईपीएस राहुल बारहठ भी शामिल थे।

आईपीएस पंकज चौधरी का कहना है कि जब तक इन सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।

राजस्थान पुलिस विभाग में यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार और पुलिस प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाते हैं।

इस प्रकरण को लेकर अखबारों में छपी कुछ खबरें देखें-

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