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सुख-दुख

पूर्व ips के यहाँ छापा : तभी तो 2000 के नोट मार्केट में कम दिख रहे हैं, क्योंकि ऐसे चोरों ने उसे डंप कर रखा है!

राघवेंद्र प्रताप सिंह-

पूर्व आईपीएस राम नारायण सिंह के नोयडा स्थित घर पर छापे की तस्वीरें। नोयडा की आयकर विभाग की टीम कर रही है छापेमारी जो अभी भी जारी है।

पूर्व आईपीएस राम नारायण सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़े हैं और पीसीबी हॉस्टल में रहते थे।

आम आदमी पाई पाई को मोहताज है और ये भ्रष्ट अफ़सर करोड़ों रुपयों को भी कुछ नही समझते क्योंकि इनकी लूट की फ़ैक्ट्री दिन रात नोट उगलती रहती है।

मार्केट से दो हजार की नोट गायब हो गयी। लोग कहते भी हैं कि नेता बड़े बड़े अधिकारियों ने 2000 की नोट दबा ली है। अब वो दिख भी रहा है।

ऐसे कई नेता/अधिकारी हैं जो अकूत सम्पति अर्जित किए हैं लेकिन सरकार सब पर ऐसी कार्रवाई नहीं करती। सिर्फ़ लखनऊ में ऐसे सैकड़ों अफ़सर, इंजीनियर, नेता होंगे जिनके घर अचानक छापा पड़ जाए तो अरबों रुपए कैश मिलेगा।

कहने वाले कहते हैं कि ये तो कुछ भी नहीं है, सचिवालय के निजी सचिवों की जांच आयकर विभाग कर ले तो इससे ज्यादा पैसा निकलेगा।

इसी तरह उत्तर प्रदेश सरकार के जितने मंत्री हैं उनके निजी सचिव उनके पी एस ओ के यहाँ भी आयकर विभाग और विजिलेंस की छापे मारी हो तो सब करोड़पति मिलेंगे।

जो भी सरकारी अफसर पकडा जाता है उसका खजाना सामने आ जाता है। ऐसे अनगिनत सरकारी अफसर हैं जिनके घर नोटो से भरे हैं लेकिन उनके उपर न तो कार्यवाई हई है न होगी। वैसे भी इस समय तो सरकारी कर्मचारियों में रिश्वतख़ोरी चरम पर है।

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1 Comment

1 Comment

  1. AshokKumar Sharma

    February 1, 2022 at 8:30 pm

    कुछ समय पहले मैंने अत्यंत उच्च पदाधिकारियों को ई-मेल भेजकर यह आश्चर्य व्यक्त किया था कि किसी भी एटीएम से धन निकासी करते समय केवल 500 के नोट ही क्यों निकल रहे हैं? मैंने उस ईमेल में स्पष्ट आरोप लगाया था कि कुछ भ्रष्ट व्यापारियों और नेताओं ने 2000 के सारे नोट गायब कर दिए हैं। लेकिन मुझे नहीं मालूम कि इस पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की जाती?

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