Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

जन्मदिन विशेष : मैंने अपने जीवन में जेसी जितना सकारात्मक शख़्स नहीं देखा!

यशवंत सिंह-

पंद्रह साल पहले भड़ास4मीडिया डॉट कॉम जब शुरू किया था तो उस समय एक शख्स आईएएस की अपनी नौकरी को अलविदा कह मीडिया में करियर शुरू कर रहा था. जेसी तब जयपुर में बैठा करते थे. डॉ जगदीश चंद्रा को लोग प्रेम से जेसी कहते हैं. आज भी वे जयपुर से ही अपना मीडिया साम्राज्य संचालित करते हैं लेकिन अपने नए लांच नेशनल चैनल भारत24 के लिए उन्हें काफी वक्त दिल्ली को देना पड़ता है. जेसी जिस जिस चैनल के बॉस रहे, वहां ‘जेसी शो’ करते रहे. आज भी करते हैं, अपने खुद के चैनल ‘भारत24’ पर.

इसी जेसी का आज जन्मदिन है. पिचहत्तर पार इस शख्स की सक्रियता चकित करती है. उनका अपना अंदाज है. दाएं छह बाएं छह, कुल बारह महिला एंकर. बीच में जेसी. लोग ऐसी तस्वीरें देखकर दंग हो जाते हैं. लोगों को दंग करने में जेसी को मजा आता है. वे ट्रेंड सेटर हैं. जेसी ने भारतीय टेलीविजन न्यूज मीडिया को अपने मन मुताबिक शेप किया. जेसी ने नामी गिरामी बड़े चैनलों की तरह सामने कुछ भीतर कुछ का गेम नहीं खेला. वे जैसे हैं, वैसे दिखते हैं. कोई हिप्पोक्रेसी नहीं. अफसरी के दौरान सत्ता और कारपोरेट को नजदीक से देखने साधने वाले जेसी आज खुद में एक पॉवर सेंटर हैं.

जेसी ने अपना दैदीप्यमान वर्तमान खुद निर्मित किया. वे चांदी का चम्मच लेकर नहीं पैदा हुए थे. वे सेल्फ मेड हैं. अपनी सफलता के लिए उन्होंने बहुत सारी कुर्बानियां दीं. शुरुआती जीवन जेसी का मुश्किलों भरा रहा. पाकिस्तान से विस्थापन के बाद राजस्थान आए जेसी के परिजनों ने उन सभी झंझावातों का सामना किया जो उन दिनों विस्थापित परिवारों को झेलना पड़ता था. सब कुछ फिर से शुरू करना पड़ता था. ऐसे माहौल ने संजीदा जेसी को बहुत कुछ सिखाया. उन्होंने अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया- हर हाल में अपने परिजनों और भाइयों-बहनों का पाल, पोषण व संरक्षण करने का. इसके लिए जेसी ने शादी ब्याह तक नहीं किया. इस तपस्या का नतीजा ये रहा कि आज जेसी के सभी भाई बहन वेल सेटल्ड हैं.

कठिन मेहनत को मूल मंत्र मानने वाले जेसी ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा को पास किया. बाद में प्रमोट होकर आईएएस बने. समय से पहले नौकरी से मुक्त होकर मीडिया में आ गए. ईटीवी, जी न्यूज के सर्वेसर्वा रहे. जो चाहा वो किया. रिजल्ट दिया. मालिकान प्रसन्न हुए. मीडिया बाजार की नब्ज साध चुके जेसी ने एक दिन खुद का चैनल लांच करने की घोषण कर दी. शुरुआत राजस्थान से की. राजस्थान का रीजनल न्यूज चैनल फर्स्ट इंडिया न्यूज, इसी नाम से अखबार लांच करने के बाद अब नेशनल चैनल भारत24 लांच कर दिया.

जेसी की देखादेखी उनके छोटे भाई आईएएस पवन अरोड़ा ने भी प्रशासनिक सेवा को समय से पहले गुडबॉय कह अब जेसी के मीडिया साम्राज्य को आगे बढ़ाने सामने आए हैं.

जेसी की सक्सेस स्टोरी देश भर के आईएएस -आईपीएस अफसरों में चर्चा का विषय है. जाने कितने हजार लोग आईएएस हैं लेकिन सिर्फ एक जेसी हैं जिन्हें पूरा देश जानता है, मीडिया मुगल के नाते. आईएएस की पारी खेलने के बाद जेसी ने मीडिया की पारी ऐसी खेली कि बड़े बड़े मीडिया वाले दंग रह गए.

मैंने अपने जीवन में जेसी जितना सकारात्मक आदमी नहीं देखा. जेसी निजी तौर पर कभी किसी से झगड़ा नहीं करते. जेसी निजी तौर पर कभी किसी के पीछे नहीं पड़ते. जियो और जीने दो का फार्मूला दरअसल जेसी पर पूरी तरह फिट बैठता है. उदार इतने कि राह चलते पैसे बांटते हैं. कोई गरीब दिख गया तो पांच सौ रुपये. किसी ठेले वाले का जामुन मीठा लगा तो पूरा ठेला खरीद कर बांट दिया. जेसी को नजदीक से जानने वाले उनकी इस दरियादिली की दर्जनों सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों कहानियों के चर्चे अक्सर करते रहते हैं. अपने साथ के लोगों को अच्छे काम पर, जीवन के खास-खास मौकों पर पांच हजार से दस हजार रुपये तक इनाम देकर अचंभित कर डालते हैं.

जेसी को दांव लगाना अच्छे से आता है. उन्होंने मीडिया के बड़े बड़े नामों को अपने साथ जोड़ा. जिसने परफार्म किया वो चला. जेसी को सबसे काम लेना आता है. उनके जानने वाले बताते हैं कि उनके पास एक दो नहीं बल्कि दर्जनों आंखें हैं जो एक साथ दर्जनों लोगों पर लगी रहती है. कब किसके पास फोन आ जाए, किसी को नहीं पता. इसलिए जेसी के साथ काम करना आसान भी नहीं है. आप उन्हें मूर्ख नहीं बना सकते. मौका देना उनका काम है, पर परफार्म करना आपका. इसलिए वे एक सख्त आलोचक भी हैं अपने कर्मियों के लिए.

जेसी ने एक जीवन में कई जीवन जिया. अपनी विरासत अपने छोटे भाई को सौंपने की तैयारी के क्रम में आईएएस पवन अरोड़ा को उन्होंने फिलहाल राजस्थान के रीजनल न्यूज चैनल फर्स्ट इंडिया न्यूज और इसी नाम के अखबार का दायित्व दिया है.

भड़ास का संचालन करते हुए मैंने जेसी के कई रूप देखे सुने हैं. भड़ास के लिए जेसी हमेशा बहुत सकारात्मक रहे. भड़ास का शुरु होना और जेसी का मीडिया में आना, लगभग साथ साथ हुआ. जेसी ने भड़ास के सुख-दुख में हमेशा साथ दिया. उन्होंने मुझे निजी तौर पर छोटे भाई का मान दिया. जेसी के प्यार का ब्लैंक चेक हमेशा भड़ास के पास रहता है. कोई संकट है तो बताना नहीं, ब्लैंक चेक का इस्तेमाल करना. ऐसे हैं जेसी.

जेसी का न्यूज चैनल भारत24 आज जेसी का जन्मदिन मना रहा है. ये ट्विटर वीडियो लिंक जब मुझ तक पहुँचा तो लगा कि जेसी पर लिखा जाए.

कोरोना काल और उसके बाद का दौर ऐसा है कि नहीं पता कौन कब चला जाए. अच्छे खासे हट्ठे कट्ठे लोग चले जा रहे हैं. हर कोई अपने जीवन को लेकर सशंकित है. लेकिन जेसी अपनी सदाबहार मुस्कान के साथ आज अपने जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं. उनको जन्म दिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं.

https://twitter.com/Bharat24Liv/status/1699669918009171980?t=Rhc8w-14eBQQ7r6pZoA1Iw&s=19

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन