राजस्थान के पत्रकारों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन, शीघ्र कार्यवाही की मांग

परम सम्माननीया श्रीमती वसुन्धरा राजे जी,
मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार

विषय:-राजस्थान के पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं के निराकरण बाबत।

आदणीय महोदया,
                   वन्देमातरम। राजस्थान के आम चुनावों में आपने जिस गति और तीव्रता से आम जनता को सम्बोधित व प्रभावित किया तथा राजस्थान की जनता ने आपको अपना अभूतपूर्व मत व समर्थन देकर वीरभूमी राजस्थान के मुख्यमंत्री पद पर सुशोभित किया, यह इतिहास की एक चिरस्मरणीय घटना है। तत्पश्चात एक और जय-जयकारी घटना ने जन्म लिया, आपके नेतृत्व में पार्टी ने उत्साह और उमंग के साथ लोकसभा चुनावों में शत प्रतिशत सफलता अर्जित कर विजय पताका फहराते हुए जय-जय राजस्थान के  गगनभेदी नारों से विपक्षियों में हाहाकार मचा दिया। राज्य की बागडोर अब आपके हाथों में है, आने वाली पीढी युगों युगों तक आपके नेतृत्व को याद करे और राजस्थान के सर्वांगीण विकास को आप असली जामा पहनाएं इसी आशा और विश्वास के साथ प्रिन्ट मीडिया जर्नस्टि एसोसिएशन राजस्थान आपको आपके सुनहरे भविष्य के लिए बधाई देता है।

महोदया, विकास के श्रंखला की कड़ी में आपका ध्यान विशेष रूप से लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ (राजस्थान के पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं) की ओर आकर्षित करवाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि एक कुशल प्रशासक होने के साथ-साथ न्यायप्रिय शासक के रूप में आप प्रत्येक बिन्दु को गम्भीरता से लेंगी और उचित निराकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगी। राजस्थान के पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं पर एक संक्षिप्त ज्ञापन आपके अवलोकनार्थ सादर प्रस्तुत है-

1. नायला स्थित पत्रकार आवास योजना का शीघ्र हो आंवटन- महोदया, पिछले कुछ महिनों पहले जयपुर के पास नायला में 571 पत्रकारों को आवासीय भूखण्ड देने का कार्यक्रम बनाया गया था जिसमें प्रक्रिया पूर्ण कर जेडीए द्वारा लॉटरी भी खोल दी गई थी। लेकिन लॉटरी के बाद भूखण्डों के बारे में आगामी कार्यवाही के रूप में कुछ भी नहीं किया गया। जिसकी वजह से सभी पत्रकार अभी तक स्वयं के आवास का सपना संजोए बैठे हैं और कुछ विघ्र महसूस कर रहे हैं। इसीलिए आपसे सादर अनुरोध है कि यथाशीघ्र पत्रकार आवास योजना नायला के सम्बन्ध में आवश्यक कदम उठाते हुए पट्टे जारी करने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश देने का कष्ट करें ताकि हम सभी पत्रकार भी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर राजस्थान के विकास में नए आयाम स्थापित करने के लिए दूरगामी कदम उठा सकें।

2. प्रभावशाली हो पत्रकारों की सुरक्षा व्यावस्था- महोदया, हम सभी जानते और मानते हैं कि राष्ट्रोत्थान सर्वोपरि है, जिसमें मीडिया की निष्पक्ष भूमिका सदैव अहम रही है। शनै: शनै: लोकतंत्र में कहीं कहीं हावी होती विदेशी ताकतों और गुण्डा तत्वों ने समाज के विकास की कई कडिय़ों को कमजोर कर दिया है। और अब मीडिया उनके निशाने पर है जिसे काबू कर वे असामाजिक तत्व सम्पूर्ण व्यवस्था को निज हाथों में ले भारत माता की आन, बान और शान को चुनौती देने में जुटे हैं। देश, समाज और आत्मसम्मान की इस लड़ाई में पत्रकारों की शहादत लगातार जारी है। समय रहते आपका ध्यान विशेष रूप से पत्रकार और फोटो-पत्रकारों के सुरक्षा की ओर दिलवाना राष्ट्रहित, राज्यहित और समाज हित के लिए समय की मांग है। आज समाज में बढ़ते खूंखार अपराधी, कानून से खेलने वाले अमाजिक तत्वों और राष्ट्र के विरूद्ध कार्य करने वाले दहशतगर्दों को जब भी कोई पत्रकार अपनी कलम की ताकत से रोकता है या उनके कुकृत्यों का पर्दाफाश कर अपनी जिम्मेदारियां निभाने में जुट जाता है तो न जाने कौन-कौनसी ताकतें पत्रकार और उसके परिवार को समूल नष्ट कर देने के लिए उतारू हो जाती है। विभिन्न घटनाओं में मीडियाकर्मियों पर कवरेज के दौरान हो रहे लगातार हमले दुर्भाग्यपूर्ण तो हैं ही, साथ ही ऐसे हालातों में कहीं कहीं पुलिस व प्रशासन का कटु रवैया और भी अधिक पीड़ादायी लगता है। ऐसी स्थिति में सरकार ही एकमात्र सहारा है जिसके द्वारा पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा का हल निकल सकता है। हम आपसे निवेदन कर अपेक्षा रखते हैं कि पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर आप पुलिस व प्रशासन को सख्त निर्देश दें कि राजस्थान के सभी पत्रकारों को किसी भी अनहोनी घटना और विपरीत परिस्थितियों में विशेष संरक्षण प्रदान करें तथा किसी भी घटना के दौरान पत्रकार को हुए आर्थिक और शारीरिक नुकसान की तुरन्त भरपाई करने की प्रक्रिया का पालन करें।

3. सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के लिए जारी हो सभी पत्रकारों का प्रवेश-पत्र- पत्रकारों के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्तालय में प्रवेश पाना असुविधाजनक हो गया है। आयुक्तालय का शासन सचिवालय से जुड़े होने की वजह से, सुरक्षा कारणों के मध्यनजर पत्रकारों का प्रवेश आसानी से नहीं हो पाता। आपसे अनुरोध है कि पत्रकारों के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्तालय को सचिवालय प्रांगण से हटाकर कहीं अन्यत्र स्थापित कर दिया जाए। यदि ऐसा सम्भव ना हो तो सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्तालय का रास्ता अलग कर पंत कृषि भवन के सामने वाले द्वार से प्रवेश दिया जाए। ये सही है कि प्रत्येक पत्रकार शासन सचिवालय के अन्य खण्डों में नहीं जाता लेकिन विभिन्न कारणों से राजस्थान और राजस्थान के बाहर से आने वाले सभी पत्रकारों को सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्तालय में जाना पड़ता है। पत्रकार बिना किसी असुविधा के डीआईपीआर में जा सके इस विषय में उचित कार्यवाही करने का कष्ट करें।

4. विज्ञापनों में मिले लघु और मध्यम समाचार पत्रों को विशेष प्रोत्साहन- महोदया, राज्य सरकार अपनी योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए समय समय पर सभी समाचार-पत्र, पत्रिकाओं को विज्ञापन देती है, प्राय: देखा गया है कि विज्ञापन देने में विभिन्न विभागों की नीति भेदभाव पूर्ण रही है। कुछ बड़े समाचार पत्रों के प्रतिनिधि अपने प्रभाव से विज्ञापन प्राप्त कर लेते हैं जबकि लघु एवं मध्यम समाचार पत्र विज्ञापन प्राप्ति से वंचित रह जाते हैं। चूंकि आप शुरू से ही लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देती रही हैं इसलिए आपसे आशाएं और अपेक्षाएं अधिक है। हमारा विश्वास है आपके संरक्षण में किसी भी लघु एवं मध्यम समाचार पत्र के साथ अन्याय नहीं होगा। आपसे विनम्र प्रार्थना है कि हमारे विश्वास को आगे बढ़ाते हुए विज्ञापनों के विशेष प्रोत्साहन से लघु और मध्यम समाचार पत्रों को नई ऊर्जा प्रदान करें।

5. गांव-ढाणी तक हो खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन-राजधानी काफी बड़ी होने के कारण पत्रकारों को कहीं-कहीं खेल-प्रतियोगिताओं में भागीदारी का मौका मिल जाता है लेकिन जिला, तहसील, कस्बों व गांव-ढाणियों के पत्रकारों के लिए तो खेलकूद प्रतियोगिता एक दिवा स्वप्न है। आपसे अनुरोध है कि राजधानी व जिला स्तर पर डीआईपीआर व पीआरओ के संयोजन में राजस्थान के सभी सक्रिय पत्रकारों के लिए विभिन्न प्रतियागितिओं का आयोजन जिला, संभाग व राज्यस्तरीय किया जाए जिससे पत्रकार ही नहीं उसके सभी पारिवारिक प्रतिभाओं को भी आगे आने को मौका मिल सके।

6. वाहनों के लिए जारी हो प्रेस का लोगो- महोदया, राजधानी ही नहीं, जिलों, कस्बों व गांव-ढाणियों में अनेकानेक अराजक तत्वों द्वारा भी अपने दुपहिया और चौपहिया वाहनों पर प्रेस लिखा जाकर लगातार कानून से खिलवाड़ करने की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढती जा रही हैं जिससे सक्रिय पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को आए दिन अनेक मुसीबतों और असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। आपसे निवेदन है कि सरकारी स्तर पर राजस्थान के सभी सक्रिय पत्रकारों के दुपहिया व चौपहिया वाहनों के लिए निर्धारित प्रेस का लोगो जारी कर वितरित किया जाए जिससे अनैतिक व आपराधिक घटनाओं पर अकुंश लगे और पत्रकार सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

7. कमजोर और गरीब पत्रकार को मिले आर्थिक सहायता- राजस्थान में रहने वाले कई पत्रकार अपनी बदहाल आर्थिक स्थिति के चलते अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलवाने में असर्थ हैं। आपसे अनुरोध है कि ऐसे पत्रकारों के बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करवाने की व्यवस्था करें ताकि बच्चों का भविष्य उज्जवल हो और पत्रकार इस चिन्ता से मुक्त होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन उचित तरीके से कर सकें।

8. प्रत्येक जिला मुख्यालय पर हो पत्रकार आवास योजना- महोदया, राजधानी में तो पत्रकारों के लिए आवास की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है लेकिन जिला स्तर पर सभी पत्रकारों के लिए यह सुविधा ना के बराबर है। आपसे निवेदन है कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक पत्रकार आवास योजना बनाकर सभी पूर्णकालिक आवासहीन श्रमजीवी पत्रकारों को रियायती दर पर भू-खण्ड या फ्लैट उपलब्ध करवाएं जाएं।

9. 15 वर्षों से अधिक सक्रिय पत्रकार को मिले अधिस्वीकरण का लाभ-अधिस्वीकरण पत्रकारिता का एक सरकारी मापदण्ड है, फिर भी सभी पत्रकार विभिन्न कारणों से उन मापदण्डों को पूरा नहीं कर पाते इसलिए यह संगठन प्रस्ताव रखता है कि जो भी पत्रकार किसी भी समाचारपत्र या एजेंसी से पूर्णकालिक श्रमजीवी पत्रकारिता के 15 वर्ष प्रमाणिकता के साथ पूरे कर चुका है उन्हें जहां तक सम्भव हो अधिस्वीकरण के लाभ प्रदान किए जाएं।

10. प्रत्येक पत्रकार को मिले भ्रमण और प्रसारण का मौका- महोदया, आपके नेतृत्व में राजस्थान का चहुंमुखी विकास जारी है और राज्य की योजनाएं निश्चित रूप से पूरे भारतवर्ष में सबसे अधिक लोकप्रिय हैं, उन सभी कार्य-योजनाओं के प्रचार प्रसार में पत्रकार अपनी महती भूमिका अदा कर राज्य को अत्यधिक लाभ दिलवा सकें इसके लिए आपसे निवेदन है सभी सक्रिय पत्रकारों को अलग-अलग टुकड़ियों में कम से कम तीन वर्ष में एक बार निश्चित रूप से विभिन्न राज्यों में सरकारी स्तर पर भेज जाने की व्यवस्था की जाए।

11. विभिन्न कमेटियों का हो विस्तार, सक्रिय संगठनों के सदस्यों को किया जाए सम्मिलित- महोदया, पत्रकारों और उनके परिवार कल्याण को लेकर समय समय पर अलग-अलग तरह की राज्यस्तरीय कमेटियों का गठन किया जाता है। आपसे निवेदन है कि इन सभी कमेटियों का जिला स्तर पर भी विस्तार किया जाए तथा सभी कमेटियों में सक्रिय पत्रकार संगठनों से कम से कम एक प्रतिनिधि को निश्चित रूप से शामिल किया जाए ताकि राज्य सरकार और पत्रकारों के बीच सदैव संवाद और सहयोग का एक उचित माध्यम बना रहे।

परम आदरणीया हमें पूर्ण विश्वास है कि प्रिन्ट मीडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन राजस्थान, पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित करते हुए राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक पहुंचाकर जय-जय राजस्थान के आपके सपने को साकार करने में अपना पूरा-पूरा योगदान देगी।
 
आपके प्रतिउत्तर की अपेक्षाओं के साथ।
जय हिन्द – जय भारत।

ओमप्रकाश शर्मा
अध्यक्ष
                                                              
प्रतिलिपी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित –
1. समस्त सम्मानीय सांसद लोकसभा व राज्यसभा
2. समस्त सम्मानीय विधायक राजस्थान वि.स.
3. श्रीमान अशोक गहलोत,पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान
4. श्रीमान अशोक परनामी,अध्यक्ष,राजस्थान भाजपा
5. श्रीमान सचिन पॉयलट,अध्यक्ष,राजस्थान प्रदेश कांग्रेस
 6. मुख्य सचिव,राजस्थान सरकार
7. श्रीमान अति.मुख्य सचिव स्वा.शासन नगरीय विकास
8. श्रीमान आयुक्त जयपुर विकास प्राधिकरण
9. श्रीमान आयुक्त डीआईपीआर
10. श्रीमान सचिव,मुख्यमंत्री,राजस्थान
11.श्रीमान गृहसचिव राजस्थान
12. श्रीमान महानिदेशक पुलिस,राजस्थान
13.श्रीमान आयुक्त पुलिस मुख्यालय जयपुर व जोधपुर
14. समस्त सम्मानीय जिला कलेक्टर राजस्थान
15. समस्त सम्मानीय जिला पुलिस अधीक्षक राजस्थान
16. समस्त सम्मानीय जिला पीआरओ राजस्थान
17. राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ
18. पिंकसिटी प्रेस क्लब जयपुर
19. प्रमुख व्यक्तित्व राजस्थान
20. श्रीमान उपायुक्त ,जोन-13, जेडीए,जयपुर।
21. समस्त सम्मानीय पत्रकार राजस्थान राज्य

cm 1 copy 640x480cm 2 copy 640x480

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Comments on “राजस्थान के पत्रकारों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन, शीघ्र कार्यवाही की मांग

  • sanjay singh says:

    अरे भाई यह सब तो ठीक हैं पर क्या आपने मजीठिया वेज के बारे लिखा की आप को समय के साथ साथ वेतन भी मिलना चाहिए लिखा अगर समय के साथ वेतन नहीं मिलेगा तो क्या इन मांगों से आप अपने बच्चो , परिवार का खर्च चलेंगे अगर नहीं तो एक और पत्र लिखो उसमें इन सभी बातो का भी उल्लेख कर बताओ की ये चोर अखवार बाले अपनी तो जेब भर रही पर हमें हमारा वेतन नहीं दे रहे हैं
    यह भी लिखो की जब तक इन अखवार बालो के सरकारी बिज्ञापन बंद नहीं होंगे तब तक इनको समझ मैं नहीं आएगी कहावत सत्य के लातो के भूत बातो से नहीं मानते हैं

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *