जनसंदेश टाइम्स के मुद्रक-संपादक पर लटकने लगी गिरफ्तारी की तलवार

बनारस में नया साल जनसंदेश टाइम्स प्रबंधन के लिए मुसीबतों की सौगात लेकर आया। 2015 के पहले दिन कर्मचारियों का वेतन हड़पने और उत्पीलड़न के मामले में प्रबंधन को पुलिस की झिड़की सुननी पड़ी, वहीं दूसरे दिन कर्मचारियों के पीएफ का धन नहीं जमा करने के मामले में मुद्रक और संपादक के खिलाफ पीएफ इंस्पेक्टर की तहरीर पर चेतगंज थाने में अमानत में खयानत और गबन का मुकदमा दर्ज हो गया। अब उनके सिर पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। साल का तीसरा दिन भी सही सलामत नहीं बीता। बकाया का भुगतान नहीं करने पर बिजली विभाग ने अखबार के दफ्तर की बत्ती गुल कर दी।

भविष्य निधि संगठन के प्रवर्तन अधिकारी राजबली की तहरीर पर चेतगंज थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्याप 3/15 धारा- 406-409 आईपीसी में जनसंदेश टाइम्स के निदेशक रविन्द्र कुमार जो अखबार के मुद्रक और संपादक दोनों है पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों के भविष्य निधि का पैसा भविष्य निधि संगठन के पास नहीं जमा किया। चेतगंज पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर विवेचना में जुटी है। पुलिस विवेचना में कंपनी के अन्य निदेशकों का भी नाम जुड़ने की अटकलें लगने लगी है।

गौरतलब है कि एनआरएचएम घोटाले में जेल की हवा खा रहे प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के कृपा पात्र अखबार जनसंदेश टाइम्स में इन दिनों फर्जीवाड़े के रोज नये-नये मामले उजागिर हो रहे हैं। वेज बोर्ड के नियमों के विपरित कर्मचारियों का वेतन निर्धारण, पीएफ नहीं जमा करने और कर्मचारियों को मनमाने तरीके से निकाले जाने के मामलों में शिकायत पर मानवाधिकार आयोग सहित विभिन्न स्तेरों पर कार्रवाई चल रही है। इसके साथ ही प्रबंधन द्वारा प्रिंट लाइन में धोखाधड़ी और फर्जी सर्कुलेशन दिखाकर डीएवीपी पंजीयन और विज्ञापन प्राप्त करने के मामले में केन्द्र सरकार के निर्देश पर कार्रवाई चल रही है, जिनमें जनसंदेश प्रबंधन बुरी तरह घिरता जा रहा है। इस मामले में अनौपचारिक बातचीत करते हुए जनसंदेश के महाप्रबंधक सीपी राय ने एफआईआर से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि पीएफ का पैसा पहले ही जमा किया जा चुका है। (साभार- क्लाउन टाइम्स)

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