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उत्तर प्रदेश

कोतवाल ने किया पत्रकार से दुर्व्यवहार, एसपी खामोश

देवरिया : एक दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता के साथ कोतवाली प्रभारी अभद्र हरकत की। इस संबंध में कुछ पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से मिल कर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दो दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकारों ने प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित पुलिस विभाग के अन्य आला अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

<p>देवरिया : एक दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता के साथ कोतवाली प्रभारी अभद्र हरकत की। इस संबंध में कुछ पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से मिल कर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दो दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकारों ने प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित पुलिस विभाग के अन्य आला अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।</p>

देवरिया : एक दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता के साथ कोतवाली प्रभारी अभद्र हरकत की। इस संबंध में कुछ पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से मिल कर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दो दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकारों ने प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित पुलिस विभाग के अन्य आला अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

गोरखपुर से प्रकाशित हिन्दी दैनिक ‘सिटी टाइम्स’ के देवरिया जिले में नीतीश कुमार अपराध संवाददाता हैं। उन्होंने बताया कि बीते बुधवार को समाचार कवरेज के लिए वे कोतवाली थाने पर गए थे। वहां पर उन्होंने प्रभारी कोतवाल गजेन्द्र राय से मिलकर किसी अपराधिक घटना के सम्बन्ध में जानकारी चाही, लेकिन कोतवाल ने जवाब न देते हुए अभद्रता पूर्वक थाने से भगा दिया। उसी दिन कुछ पत्रकारों ने घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक डा. मनोज कुमार को दी। उनके स्तर से भी कोतवाल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पत्रकारों में रोष है। गजेन्द्र राय दो स्टार वाले दरोगा हैं लेकिन जोड़ तोड़ में काफी माहिर हैं। जिले में तीन स्टार वाले कई इन्सपेक्टर उपलब्ध हैं लेकिन उनको कोतवाली थाने का चार्ज न देकर दो स्टार वाले राय को दिया गया है। इसको लेकर पुलिस विभाग में कई तरह की चर्चाएं हैं। कोतवाल का कहना है कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। वे एक गम्भीर अपराध के विषय में अनुसन्धान एवं जांच की कार्यवाही में अपने सहयोगियों के साथ उस दिन कोतवाली थाने में विचार विमर्श कर रहे थे कि उसी दौरान नीतीश कुमार ने कार्य में व्यवधान डालने का प्रयास किया। उन्हें ससम्मान थोड़ी देर बाद आकर मिलने के लिए कहा गया तो वह नाराज होकर चले गए।

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