कोतवाल ने हिंदुस्तान अखबार के क्राइम रिपोर्टर को हड़काया

उत्तर प्रदेश के महोली से खबर है कि कोतवाल ने क्राइम रिपोर्टर को धमकी दी है. कोतवाल का नाम है धर्म प्रकाश शुक्ल. हिंदुस्तान अखबार के क्राइम रिपोर्टर राघवेंद्र बाजपेई की खबरों से चिढ़े कोतवाल ने फोन पर कहा- ”मैं सारे अखबार लेता हूं लेकिन तुम्हारे अखबार में तुम्हारी कहानी नई ही रहती है.”

सीतापुर जिले की महोली कोतवाली क्षेत्र में क्राइम का ग्राफ बढ़ा हुआ है. अपराध रोकने में नाकाम पुलिस के लोग अपनी नाकामी अखबार में पढ़ना पंसद नहीं कर रहे. पुलिस को नाकामी की खबर ऐसी खल गई कि वह पत्रकार पर ही अपराध न छापने के लिए दबाव बनाने लगी. इस कोतवाली क्षेत्र में रोज आपराधिक घटनाएं शुरू हुई तो पुलिस ने सिर्फ प्रार्थना पत्र लेकर काम चलाना शुरू किया. पुलिस इसे रिकार्ड में आने देने से बचती रही. इसी समय हिंदुस्तान अखबार के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई ने इन आपराधिक घटनाओं को प्रकाशित करना शुरू कर दिया.

एक खबर छपी दूसरी छपी और तीसरी छपी फिर पुलिस की उम्मीदों के उलट क्राइम की खबरें छपती ही चली गईं. न अपराध रुका न राघवेंद्र बाजपेई की कलम रुकी. कोतवाली महोली में हर दिन चोरी लूट हत्या और बड़े बड़े क्राइम हिंदुस्तान अखबार की खबर बनना शुरू हो गए. महोली में हो रही आपराधिक घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही थी. केवल हिंदुस्तान में ये खबरें आने से पुलिस की सरदर्दी बढ़ गई. कोतवाल धर्म प्रकाश शुक्ल से जब राघवेंद्र बाजपेई ने क्षेत्र में लल्ली हत्याकांड में अपराधियों की गिरफ्तारी के बारे में पूछा तो वह भड़क गए.

उन्होंने पत्रकार से उल्टा सवाल दाग दिया. भड़के कोतवाल ने राघवेंद्र को चेतावनी देते हुए यह भी बताया कि वह सारे अखबार लेते हैं लेकिन तुम्हारी कहानी नई ही रहती है. महोली पुलिस की सरदर्दी क्षेत्र का क्राइम नहीं है बल्कि खबर को राघवेंद्र बाजपेई ही क्यों लिखते हैं, यह उसके लिये मुख्य समस्या है. कोतवाल से भले ही क्राइम पर वर्जन मांगा गया हो लेकिन उसका वर्जन क्राइम पर न होकर राघवेंद्र बाजपेई की खबरों पर घूमता रहा. किसी और अखबार में इस तरह की खबरें न पढ़ने की बात कोतवाल ने खुद कहकर महोली की मीडिया को भी एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया.

महोली से पत्रकार रामजी मिश्र ‘मित्र’ की रिपोर्ट.



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