पिछले एक वर्ष से लल्लनटॉप न्यूज़रूम में काफी हलचल बनी हुई है। इस दौरान चैनल से कई प्रमुख पत्रकारों और शोज़ से जुड़े लेखकों ने इस्तीफा दिया है। लगातार हो रहे इन इस्तीफों के चलते यह सवाल उठ रहा है कि क्या लल्लनटॉप में आंतरिक स्तर पर कोई बड़ा बदलाव चल रहा है?
हाल के महीनों में इस्तीफा देने वाले कुछ प्रमुख नाम:
1-निखिल वाठ
2-सोनल पटेरिया
3-दिव्यांशी सुमराव
4-मुबारक अली
5-कमल (तारीख़ शो के लेखक)
6-अभिषेक कुमार उर्फ सोनू
7-मोहम्मद साजिद
8-आर्यन मिश्रा
9-दर्पण शाह
10-कुमुद अहलावत
11-श्रुतिका सिंह
12-मोहिनी मिश्रा
13- असद
14-राज विक्रम
15-उपासना
16-अभिनव पांडेय
17-अभिनव झा
18-रवि सुमन
19-ख़ुशी
20-सुरभी गुप्ता
21- उदय भटनागर
22-दीपेन्द्र गांधी
23-सूरज पांडे
24-गरिमा भारद्वाज
(दोनों ही स्पोर्ट्स टीम से. पूरी स्पोर्ट्स टीम ने एक ही दिन रिजाइन किया था)
25-सोम शेखर
26-ज़ीशा अमलानी
27-ज्योति जोशी
28-निहारिका सिंह
29-साकेत आनंद
30-अंजलि पटेरिया
31-मुकेश कुमार
32-गगन दीप
33-शशांक
34-राहुल
35-मयंक
यह सूची कुछ प्रमुख नामों की है, जबकि इस्तीफा देने वालों की संख्या और भी अधिक बताई जा रही है।
कारणों को लेकर अटकलें
इन इस्तीफों के पीछे लल्लनटॉप के भीतर हुए प्रबंधन स्तर के बदलावों को एक संभावित कारण माना जा रहा है। हाल ही में संस्थान में कुलदीप मिश्रा को एग्जीक्यूटिव एडिटर और रजत सेन को डिप्टी एडिटर की जिम्मेदारी सौंपी गई। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों को पर्याप्त संपादकीय अनुभव न होने के बावजूद वरिष्ठ पदों पर नियुक्त किया गया, जिससे न्यूज़रूम के भीतर असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
कुलदीप मिश्रा पहले आज तक रेडियो के हेड थे, लेकिन वह प्रोजेक्ट अपेक्षित सफलता नहीं दिला सका। बाद में उन्हें लल्लनटॉप में एक प्रमुख भूमिका में स्थानांतरित किया गया। वहीं रजत सेन, जो पहले कैमरा सेक्शन में थे, उन्हें सीधे संपादकीय विभाग में एक ऊंचे पद पर नियुक्त कर दिया गया, जो कई कर्मियों को असंगत लगा।
बताया जा रहा है कि लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी बीते कुछ महीनों से न्यूज़रूम में कम सक्रिय हैं और मुंबई में ज़्यादा समय बिता रहे हैं। इसके चलते कई कर्मचारियों को यह महसूस हो रहा है कि लल्लनटॉप में नेतृत्व की कमी हो रही है।
नोट:
यह लेख प्राप्त जानकारी और आंतरिक सूत्रों पर आधारित है। किसी भी पक्ष से अधिकृत प्रतिक्रिया मिलने पर इस पर अपडेट किया जा सकता है।



Anived
August 7, 2025 at 3:15 pm
Republic TV maine bhi yahi haal hai, culture toxic hai, News Room maine gaaliyan di jaati hain.