रिपोर्टर को अपमानित करने का खेल उजागर, पत्रकार ने खोले कई राज

लखनऊ। नोएडा से संचालित यूट्यूब चैनल लोकमंच के कथित एमडी पर हापुड़ के पत्रकार ने अपमानित करने और वसूली करने का आरोप लगाया है व्हाट्सअप के जरिये मैसेज में इस अपमानित का स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

बता दें कि हापुड़ जिले के रहने वाले पत्रकार जाहिद ने यू ट्यूब चैनल लोकमंच के कथित एमडी बासू को व्हाट्सएप मैसेज के जरिए लिखा है कि बासू जी रिपोर्टर किसी का नौकर नहीं होता है जब चाहा अपमानित कर दिया.

रिपोर्टर सम्मान के लिए काम करता है. जो धंधा चला रहे हो हमें पता है चैनल बंद होने वाला है क्योंकि आप सिर्फ होली दीपावली पर एक्टिव रहते हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा वसूली कर सकें. आप की वसूली जगजाहिर हो गई है. आप पैसा कंपनी के अकाउंट में न मंगवा कर पर्सनल खाते में मंगवाते हैं. आपने कई रिपोर्टरों से आईडी के नाम पर भी वसूली किए हैं.

इस मैसेज का स्क्रीनशॉट अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. पत्रकारों का यह भी कहना है कि कुछ घृणित लोग चैनल में वसूली करते हैं और चैनल का नाम बदनाम करते हैं. इसके पहले भी लोकमंच में कई रिपोर्टरों से वासु द्वारा वसूली किए जाने का मामला सुर्खियों में रह चुका है.

लोकमंच का पक्ष पढ़ें-

‘लोकमंच’ का पक्ष- हापुड़ वाले ज़ाहिद ने मैसेज भेजकर उसे डिलीट फ़ॉर एवरीवन कर दिया था! ☛ https://www.bhadas4media.com/lokmanch-ka-paksh/



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Comments on “रिपोर्टर को अपमानित करने का खेल उजागर, पत्रकार ने खोले कई राज

  • रवि प्रकाश says:

    जिसका नाम आ रहा है ये बहुत फ्रॉड टाइप का इंसान है, इसे पत्रकारिता की abcd नही पता, ये चैनल मालिक के साथ धुरताई कर रहा है, अगर चैनेल मलिक इसकी धुरताई पर रोक नही लगाते तब ये माना जा सकता है कि इसकी लूट में मालिक की सहमति है, हैं तो यू ट्यूब लेकिन रिपोर्टर को ऐसा हड़काकर वसूली करते हैं जैसे ये सेटेलाइट हैं, फिलहाल लग रहा है ये पत्रकारों से वसूली कर चम्पत होने वाले हैं, इनके कई और काले धंधे हैं जिसे सपोर्ट के लिए ये चैनेल चलाते हैं, वसूली के चक्कर मे पूर्वांचल का एक पत्रकार वसु की माँ बहन तौल चुका है जिसका स्क्रीन शॉट भी खूब वायरल हो चुका है, बहरहाल ये लोग बेशर्म लोग हैं जो मीडिया को कलंकित कर रहे हैं

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  • होली ,दीपावली, 15 अगस्त, 26 जनवरी, रक्षाबंधन आदि समय पर विज्ञापन सामाजिक संस्थाओं ,सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि से लिए जाते हैं और यह कोई पहला संस्थान नहीं है जो इन मौकों पर विज्ञापन लेता है सभी संस्थान इस तरह के विज्ञापन छपते हैं और टीवी पर चलाते हैं इसमें वसूली कहां से आ गई इस तरह के आरोप लगाने और सार्वजनिक करने से बचना चाहिए, इस तरीके के आरोप लगाना अपनी नाकामी को छुपाने जैसा है अगर जाहिद इतना ठीक है तो इनके पास कोई ऑडियो वीडियो भी होगी वह भी सार्वजनिक करें।

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