‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ बनाने पर विचार करेगी महाराष्ट्र सरकार, सीएम का आश्वासन

महाराष्ट्र में मिडिया पर बढ़ते हमले से  संतप्त प्रत्रकारों ने समूचे राज्य में  घंटानाद आंदोलन किया और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटील तथा धनजंय मुंडे को 15, 000 एसएमएस भेजकर अपना आक्रोश प्रकट किया. भेजे गये सभी एसएमएस में ‘वुई वाँन्ट प्रेस प्रोटेक्शन ऍक्ट’ की मांग की गई . दिनभर आने वाले एसएमएस से मोबाईल जॅाम हो गये थे, यह जानकरी सीएम तथा विपक्ष के नेताओं ने मंत्रालया वार्ताहर संग के एक कार्यक्रम में दी.

मांगपत्र सौंपते महाराष्ट्र के आंदोलनकारी पत्रकार

महाराष्ट्र 2015 के पहले सात माह मे 43 पत्रकार पीटे जा चुके हैं. पत्रकारों पर झूठे केस दाखिल कर मिडिया की आवाज बंद करने की कोशिश राज्य में खुलेआम हो रही है. इससे मिडियाकर्मी काफी मुश्कील का सामना कर रहे हैं. मिडिया पर हो रहे हमले रोकने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग को लेकर कृति समिति महाराष्ट्र में पिछले आठ साल से आंदोलन चला रहे हैं, लेकिन इससे पहले की सरकार ने भी पत्रकारों की इस मांग की अनदेखी की.

बताया गया है कि अब फडणवीस सरकार भी पत्रकारों की मांग को गंभीरता से नहीं ले रही है. अब विपक्ष के नेता पाटील और मुंडे ने पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग सरकार से की है. इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस विषय पर सरकार की तरफ से सकारात्मक निर्णय किए जाने का आश्‍वासन दिया है. पत्रकार हमला विरोधी कृति समिति के एक प्रतिनिधि मंडल ने एस एम देशमुख के नेतृत्व में  फडणवीस और विपक्ष के दोनों नेताओं से मुलाकात कर राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग की है.

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