भोजपुरी सिनेमा का इतिहास साक्षी है कि जब-जब साहित्यकारों ने गीत लिखे हैं, वे गीत और फ़िल्में दोनों ही सुपरहिट हुई हैं। शैलेन्द्र, मजरूह, अंजान जैसे हिंदी के दिग्गज गीतकार हों या मोती बी.ए., लक्ष्मण शाहाबादी, भोलानाथ गहमरी, उमाकांत वर्मा, रामनाथ पाठक प्रणयी और ब्रजकिशोर दुबे – सबके लिखे गीतों ने भोजपुरी फ़िल्मों को नई ऊँचाइयाँ दीं। अब उसी कड़ी में वर्षों बाद एक नया नाम जुड़ा है – मनोज भावुक, जिन्होंने हाल ही में रिलीज़ फ़िल्म ‘आपन कहाये वाला के बा’ के सभी गीत लिखे हैं।
मनोज भावुक सिर्फ गीतकार ही नहीं, बल्कि टेलीविजन पत्रकार, सुप्रसिद्ध साहित्यकार, संपादक और जाने-माने शायर भी हैं। भोजपुरी सिनेमा पर लिखी उनकी पुस्तक उन्हें इस सिनेमा का इनसाइक्लोपीडिया कहा जाने का हक़ देती है। शारदा सिन्हा, भरत शर्मा, मालिनी अवस्थी, कल्पना पटवारी, मनोज तिवारी और रवि किशन जैसे दिग्गज उनके कलम के प्रशंसक रहे हैं। उन्हें फ़िल्मफेयर, फ़ेमिना, दिल्ली प्रेस, भारतीय भाषा परिषद सहित भारत और विदेशों में अनेक सम्मान मिले हैं। बिहार के राज्यपाल द्वारा राज्य गौरव सम्मान और 2025 का भारतीय भाषा सम्मान भी उन्हें प्रदान किया गया।

अफ्रीका और यूके में लगभग एक दशक इंजीनियर रहने के बाद उन्होंने पूरी तरह मीडिया को अपनाया और कई चैनलों में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। वे ज़ी टीवी के सारेगामापा (रीजनल) के प्रोजेक्ट हेड भी रहे। साहित्य, पत्रकारिता और गीत-संगीत के साथ अभिनय और मंच संचालन में भी वे सक्रिय रहे हैं। वर्तमान में वे भोजपुरी जंक्शन पत्रिका के संपादक और अचीवर्स जंक्शन के निदेशक हैं।
उनकी प्रकाशित कृतियों में तस्वीर ज़िंदगी के (भोजपुरी ग़ज़ल-संग्रह), चलनी में पानी (भोजपुरी काव्य-संकलन) और भोजपुरी सिनेमा के संसार (भोजपुरी सिनेमा का इतिहास) प्रमुख हैं।
नई फ़िल्म ‘आपन कहाये वाला के बा’ के गीत रिश्तों की गहराई और जीवन की संवेदनाओं को छूते हैं। प्रियंका सिंह की आवाज़ में “भउजी जब खिसियाली बड़ी काड़ा लागेली…” और “धान कुटाये लागल, हरदी कुंचाये लागल…” जैसे गीत शादियों और पारिवारिक मौक़ों पर गाए जाने योग्य बन चुके हैं। टाइटल सॉन्ग श्रोताओं को सिहरन और भावनात्मक असर से भर देता है। लेडीज़ संगीत का गीत भी हंसी-ठिठोली के साथ “छोटा परिवार – सुखी परिवार” का संदेश देता है।
गीतकार मनोज भावुक और संगीतकार रजनीश मिश्रा की जोड़ी ने पुराने सुनहरे दौर की याद ताज़ा कर दी है। इनकी जोड़ी ने ‘मेहंदी लगा के रखना’ फ़िल्म में भी “तोर बउरहवा रे माई” जैसा ऐतिहासिक गीत दिया था।
फ़िल्म ‘आपन कहाये वाला के बा’ एक पारिवारिक ड्रामा है, जिसमें टूटते-बिखरते रिश्तों को जोड़ने की भावनात्मक कहानी है। अवधेश मिश्रा, अंजना सिंह, देव सिंह, माया यादव, प्रीति मौर्या, संयुक्ता राय, रिंकू भारती, राघव पाण्डेय, अमरीश सिंह और राम सूजन सिंह जैसे कलाकारों के सशक्त अभिनय ने इसे जीवंत बना दिया है। सिनेमैटोग्राफी सुनील अहीरे, कोरियोग्राफी विवेक थापा, एक्शन दिनेश यादव, आर्ट डायरेक्शन नौशाद अंसारी और कॉस्ट्यूम विद्या-विष्णु का है। निर्माता रजनीश मिश्रा और विनय सिंह हैं।
कुल मिलाकर यह एक संपूर्ण पारिवारिक मनोरंजन है, जिसमें संगीत, कहानी और अभिनय – सबका ज़बरदस्त संगम है।
सुनें गानें-




Dr.Vinay Kumar Singh
September 30, 2025 at 4:49 pm
तथ्यपरक और भावपूर्ण समीक्षा।