आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने यूपी के जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक पर पद के दुरुपयोग आदि के आरोपों के संबंध में आज लोकायुक्त के समक्ष परिवाद दायर किया है.
परिवाद में उन्होंने कहा कि उन्हें मंत्री के मेरठ में नौ कॉलोनी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहभागिता होने तथा उक्त अवैध निर्माण से मेरठ विकास प्राधिकरण को करोड़ों रुपए के राजस्व की हानि होने के बाद भी प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा उक्त कॉलोनियों के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से जुड़े कतिपय तथ्य प्राप्त हुए थे.
इसके अलावा जल शक्ति मंत्री के रूप में अपने सगे रिश्तेदारों को अपने ही विभाग में हस्तिनापुर ब्लॉक, नगर पंचायत दौराला और परीक्षितगढ़ आदि में सरकारी ठेके और आउटसोर्सिंग का काम दिलाने की शिकायत भी प्राप्त हुई थी.
अमिताभ ठाकुर ने साक्ष्य के रूप में सैदपुर फिरोजपुर ग्राम के वर्ष 2019-20 और 2021 20-21 के ट्रांजैक्शन अभिलेख प्रस्तुत किए थे.
परिवाद में उन्होंने कहा है कि जहां इन आरोपों की अविलंब निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी, वहीं जल शक्ति और नगर विकास विभागों द्वारा परिवाद को बिना जांच किए ही खारिज कर दिया गया. अतः अन्य कोई विकल्प नहीं होने के कारण यह परिवाद दायर किया गया है.
लोकायुक्त शिकायत मामले में मंत्री दिनेश खटीक को पत्र भेज अनुरोध
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने यूपी के जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक को पत्र भेजकर लोकायुक्त शिकायत के गलत होने के संबंध में तथ्य प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है.
विगत दिनों अमिताभ ठाकुर ने लोकायुक्त के समक्ष शिकायत कर मंत्री पर पद के दुरुपयोग से संबंधित कतिपय आरोप लगाए. इसके क्रम में दिनेश खटीक ने कहा कि उक्त आरोप मनगढ़ंत, झूठे और आधारहीन हैं, जिनकी जांच पूर्व में हो चुकी है. आरोप लगाने वाले उनके विरोधियों और भ्रष्टाचारियों के हाथों में खेल रहे हैं, जिनके खिलाफ वे मानहानि का दावा करेंगे.
इस संबंध में अमिताभ ठाकुर ने दिनेश खटीक से अनुरोध किया है कि उनका उद्देश्य मंत्री को किसी भी प्रकार से बदनाम या परेशान करना नहीं है, बल्कि उनका एकमात्र उद्देश्य सत्यता को सामने लाना है. अतः यदि इस प्रकरण में पूर्व में जांच हो चुकी है और मामला असत्य पाया गया है तो वे बेहिचक सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करते हुए लोकायुक्त शिकायत तत्काल वापस ले लेंगे.
अतः उन्होंने मंत्री दिनेश खटीक को अविलंब उन तथ्यों को प्रेषित करने का अनुरोध किया है, जो यह स्थापित करते हैं कि प्रकरण में पूर्व में जांच हो चुकी है और मामला झूठा पाया गया है.


