श्रम उपायुक्त शिरीन लोखंडे का भी हुआ ट्रान्सफर, महाराष्ट्र के समाचार पत्र मालिको में मचा है हड़कंप
मुंबई : पत्रकारों और गैर पत्रकारों के वेतन बकाये प्रमोशन के मामले से जुड़े मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर मुम्बई से दो बड़ी खबरें आ रही हैं। मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिश को अमल में लाने के लिए बनायी गयी श्रम आयुक्त कार्यालय की विशेष टीम मिड डे और सामना अखबार के कार्यालय में गयी और कागजातों की जाँच की। चर्चा है कि यहाँ श्रम अधिकारियों ने कुछ निर्देश भी दिए हैं जो पत्रकारों के हित में हैं।
दूसरी खबर ये आ रही है कि मजीठिया मामले की जाँच टीम को कमान संभालने वाली श्रम उपायुक्त शिरीन लोखंडे का स्थान्तरण मुम्बई से पालघर में कर दिया गया है। हालांकि शिरीन लोखंडे के पास ही अगली सूचना तक मजीठिया मामले का चार्ज रहेगा। इसके पहले भी मजीठिया मामले से जुड़े कई अधिकारियो का स्थानांतरण हो चुका है। इस स्थानांतरण से पत्रकारों के मनोबल पर कोई कमी नहीं आई है। श्रम आयुक्त कार्यालय की जाँच टीम पूरे महाराष्ट्र में समाचार पत्र प्रतिष्ठानों और न्यूज़ एजेंसियों की जांच कर रही है जिससे प्रबंधन में हड़कंप का माहोल है।
महाराष्ट्र के श्रम विभाग के भेजे नए सर्कुलर ने अखबार मालिको की उड़ाई नींद
ज्वाइंट एक्शन कमेटी की मांग के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार के श्रम विभाग द्वारा भेजे गए नए सर्कुलर ने महाराष्ट् के सभी अखबार मालिको की नींद उड़ा दी है।इस सर्कुलर में अखबार मालिको से उनका 2007 -8,2008-9 और 2009- 10 का उनकी कंपनी का टर्नओवर माँगा गया है ।साथ ही पत्रकारो और गैर पत्रकारो की कुल संख्या ।स्थाई और अस्थाई कर्मचारियों की संख्या । मजीठिया वेज बोर्ड के मुताबिक दिए जारहे वेतन एरियर और प्रमोशन का पूरा विवरण माँगा गया है ।साथ ही अंतरिम लाभ का विवरण भी माँगा गया है ।साथ ही श्रम विभाग ने सभी अखबारों, पत्रिकाओं और न्यूज़ एजेंसियों का सर्वे शुरू कर दिया है।
इसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट भेजी जाएगी और कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ़ होगा। समय आ गया है कि पत्रकार जागरूक होकर सही जानकारी जमा करने में श्रम विभाग के अधिकारियों से सहयोग करें। राज्य के सभी जिलों के श्रम अधिकारियों की सूची व फोन नंबर हासिल करने के लिए अपना ईमेल इस आईडी [email protected] पर भेजें। साथ ही अमल न करने के बारे में भी गोपनीय जानकारी इसी email पर भेजी जा सकती है। इस सर्कुलर के आने के बाद अखबार मालिकों की गुप्त मीटिंग का दौर भी जारी है।
सूत्र बताते हैं कि अखबार मालिक इस फिराक में हैं की उन्हें तीन साल का टर्नओवर न देना पड़े। अगर ये टर्नओवर वो देदेते हैं तो उनकी कलई खुल जायेगी। उधर माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेशानुसार महाराष्ट्र के पत्रकार बड़ी संख्या में अपना क्लेम श्रम आयुक्त कार्यालय में कर रहे हैं ताकि उन्हें मजीठिया वेज बोर्ड के मुताबिक़ वेतन एरियर और प्रमोशन मिल सके। किसी भी पत्रकार या गैर पत्रकार को क्लेम करने में दिक्कत हो तो वे बेझिझक संपर्क कर सकते हैं।
शशिकांत सिंह
पत्रकार और आर टी आई एक्टिविस्ट
9322411335




madhavan s
June 14, 2016 at 7:50 am
Comrades, English translation please.