Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

मीडिया के सवालों से सरकार की दूरी पर Editors Guild of India ने जताई चिंता

Formal press statement document from Editors Guild of India about intolerance toward media questions, with signatures at bottom.

नई दिल्ली। Editors Guild of India ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया नॉर्वे और नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों और यूरोपीय पत्रकारों के बीच हुए टकराव जैसे हालात पर चिंता जताई है। गिल्ड ने कहा है कि मीडिया के सवालों से बचने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है।

गिल्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक प्रेस ब्रीफिंग के बाद स्थानीय पत्रकारों के सवाल लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह विवाद पैदा हुआ। बयान में यह भी कहा गया कि नॉर्वे और नीदरलैंड विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं, जबकि भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर है।

Editors Guild ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों का सवाल पूछना बेहद जरूरी है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एक दशक से अधिक समय में एक भी खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। गिल्ड के अनुसार मीडिया से सवालों को लेकर असहजता अब केंद्र और राज्यों दोनों स्तरों पर दिखाई देने लगी है, जिसका असर समाज और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ रहा है।

बयान में कहा गया कि प्रेस स्वतंत्रता रैंकिंग की कार्यप्रणाली या उसमें संभावित पक्षपात पर बहस हो सकती है, लेकिन भारत की लगातार खराब स्थिति यह संकेत देती है कि मीडिया के लिए स्वतंत्र रूप से काम करने की जगह लगातार सीमित होती जा रही है।

Editors Guild of India ने सरकार से अपील की कि मीडिया को केवल सवाल पूछने और सत्ता से जवाबदेही मांगने के कारण विरोधी की तरह न देखा जाए। बयान पर गिल्ड के अध्यक्ष संजय कपूर, महासचिव राघवन श्रीनिवासन और कोषाध्यक्ष टेरेसा रहमान के हस्ताक्षर हैं।

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन