Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

मंत्रालयों को निर्देश, डीडी और आकाशवाणी के साथ ज्यादा खबरें और विज्ञापन साझा करें

नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों एवं विभागों से कहा है कि वे लोक प्रसारकों दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के साथ ज्यादा से ज्यादा समाचार एवं विज्ञापन साझा करें। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों एवं विभागों को यह निर्देश इसलिए दिया ताकि दूरदर्शन एवं आकाशवाणी की पहुंच सुदूर इलाकों तक होने की वजह से ज्यादा से ज्यादा लोग सरकारी कार्यक्रमों एवं नीतियों से वाकिफ हों।

नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों एवं विभागों से कहा है कि वे लोक प्रसारकों दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के साथ ज्यादा से ज्यादा समाचार एवं विज्ञापन साझा करें। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों एवं विभागों को यह निर्देश इसलिए दिया ताकि दूरदर्शन एवं आकाशवाणी की पहुंच सुदूर इलाकों तक होने की वजह से ज्यादा से ज्यादा लोग सरकारी कार्यक्रमों एवं नीतियों से वाकिफ हों।

सूचना एवं प्रसारण सचिव विमल जुल्का ने इस हफ्ते के शुरूआत में एक पत्र लिखकर कहा कि दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के साथ ज्यादा से ज्यादा समाचार एवं विज्ञापन साझा करने को बढ़ावा देना चाहिए। जुल्का ने यह पत्र तब लिखा जब ऐसी शिकायतें आई थीं कि समाचार एवं विज्ञापन साझा करने के मामले में दूरदर्शन एवं आकाशवाणी की अनदेखी हो रही है।
 
जुल्का ने बताया, ‘मैंने कहा कि दूरदर्शन और आकाशवाणी की व्यापक पहुंच के कारण हमें उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समाचार एवं विज्ञापन साझा करने को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उनकी पहुंच ग्रामीण इलाकों में भी है।’ उन्होंने कहा कि उनका पत्र जरूरी था क्योंकि ऐसी शिकायतें थी कि कई विभाग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ समाचार एवं विज्ञापन साझा नहीं करते हैं।
 
जुल्का ने इस बात से इनकार किया कि वह अपने पत्र के जरिए मंत्रालयों को यह कह रहे हैं कि समाचार एवं विज्ञापन निजी न्यूज चैनलों और प्रिंट मीडिया को नहीं बल्कि सिर्फ दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के साथ साझा किए जाएं। उन्होंने कहा, ‘हमने यह नहीं कहा कि समाचार एवं विज्ञापन सिर्फ दूरदर्शन और आकाशवाणी को दिए जाएं। हम सभी न्यूज चैनलों और प्रिंट मीडिया का बहुत सम्मान करते हैं।’

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन